Live
Search
Home > देश > बजट पेश करने से पहले Budget Halwa Ceremony क्यों है इतनी खास, जानें कैसे हुई परंपरा की शुरुआत?

बजट पेश करने से पहले Budget Halwa Ceremony क्यों है इतनी खास, जानें कैसे हुई परंपरा की शुरुआत?

Budget Halwa Ceremony: बजट पेश होने से पहले हलवा सेरेमनी का आयोजन किया जाता है. जानिए इसके पीछे की परंपरा क्या है?

Written By: Pushpendra Trivedi
Last Updated: January 27, 2026 17:33:58 IST

Mobile Ads 1x1

Budget Halwa Ceremony: बजट 2026 को लेकर तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं. वित्त मंत्रालय आज अपनी पारंपरिक हलवा सेरेमनी आयोजित करने के लिए पूरी तरह तैयार है. इससे यूनियन बजट 2026-27 की अंतिम उलटी गिनती की शुरुआत है. यह सालाना कार्यक्रम बजट की तैयारियों के सबसे अहम चरण की शुरुआत का संकेत देता है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस मौके पर मंत्रालय के सीनियर अधिकारियों के साथ शामिल होंगी. इस सेरेमनी को भारत की बजट प्रक्रिया में एक अहम रस्म माना जाता है और यह हर साल मुख्य बजट पेश होने से कुछ दिन पहले आयोजित की जाती है.

बड़े बर्तन में होता है हलवा तैयार

एक बड़े बर्तन में मीठा हलवा तैयार किया जाएगा और वित्त मंत्री खुद इसे चलाती हैं. तैयार होने के बाद इसे मंत्रालय के कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच बजट का ड्राफ्ट बनाने में उनके प्रयासों की सराहना के तौर पर बांटा जाता है. यह इसलिए भी खास है क्योंकि जब भी कोई काम करने जाते हैं तो कुछ मीठा खाकर इसकी शुरुआत की जाती है. यह एक तरह की रस्म है. समारोह के बाद बजट से सीधे जुड़े लगभग 60-70 अधिकारी एक सख्त लॉक-इन पीरियड में चले जाएंगे. इस दौरान, उन्हें संवेदनशील जानकारी लीक होने से बचाने के लिए अपने परिवारों सहित किसी से भी बाहर बात करने की इजाज़त नहीं होती है. ‘Halwa’ परंपरा आजादी के बाद से जारी है. जब बजट पेश की तैयारियां पूरी हो जाती हैं, तब हलवा सेरेमनी का आयोजन किया जाता है.

पुरानी रस्म है हलवा सेरमनी

हलवा सेरेमनी एक पुरानी रस्म है जो बजट की तैयारियों की शुरुआत का शुभ प्रतीक के तौर पर मानते हैं. भारत में किसी भी महत्वपूर्ण कार्यक्रम से पहले मिठाई बांटना शुभ माना जाता है. यह समारोह मंत्रालय के कर्मचारियों को उनकी कड़ी मेहनत के लिए धन्यवाद देने का एक तरीका भी है. पिछले साल वित्त मंत्रालय के कर्तव्य भवन में जाने के बावजूद, यूनियन बजट 2026-27 की छपाई नॉर्थ ब्लॉक प्रेस में ही जारी रहेगी, जिसका कारण व्यावहारिक मजबूरियां और संवेदनशील दस्तावेजों को संभालने के लिए सख्त सुरक्षा जरूरतें हैं. हाल के सालों में 2021 में सरकार द्वारा पेपरलेस बजट अपनाने के बाद बजट का लॉक-इन पीरियड छोटा हो गया है. पहले छपाई राष्ट्रपति भवन में होती थी, फिर मिंटो रोड पर, और आखिरकार गोपनीयता बनाए रखने के लिए 1980 में इसे नॉर्थ ब्लॉक में शिफ्ट कर दिया गया.

गोपनीयता का रखा जाता है ख्याल

लॉक-इन के दौरान कर्मचारी तब तक नॉर्थ ब्लॉक में रहते हैं जब तक वित्त मंत्री संसद में बजट भाषण नहीं दे देते. आधिकारिक रिलीज़ तक पूरी गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए कोई कॉल, मैसेज या मीटिंग की अनुमति नहीं होती है. इस साल की हलवा सेरेमनी दशकों पुरानी परंपरा को जारी रखती है जो प्रतीकात्मकता को सख्त सुरक्षा के साथ जोड़ती है. यह भारत के वार्षिक वित्तीय विवरण को तैयार करने में की जाने वाली विस्तृत योजना को रेखांकित करता है. यह सरल लेकिन सार्थक समारोह यूनियन बजट 2026-27 की तैयारियों के अंतिम चरण की शुरुआत का प्रतीक है. जैसे ही अधिकारी हलवा बांटते हैं, मंत्रालय 1 फरवरी को संसद में बजट पेश करने से पहले अंतिम चरण में चला जाता है.

MORE NEWS