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कंटेंट क्रिएटर्स को खुलेंगे स्कूल और कॉलेज, ऑरेंज इकॉनॉमी को मिलेगा बूस्ट – फाइनेंस मिनिस्टर

content creator labs: FM निर्मला सीतारमण ने मुंबई में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज को देश भर के 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC और कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने के लिए सपोर्ट देने की घोषणा की.

Written By: Pushpendra Trivedi
Last Updated: 2026-02-01 12:14:33

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content creator labs: भारतीय ऑरेंज इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए, FM निर्मला सीतारमण ने मुंबई में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज को देश भर के 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC (एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) और कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने के लिए सपोर्ट देने की घोषणा की.

कंटेंट क्रिएटर्स के लिए स्कूल

अपना लगातार नौवां बजट पेश करते हुए FM ने कहा कि इस कदम से यह सेक्टर बढ़ती मैनपावर की मांग को पूरा कर पाएगा और 2030 तक 2 मिलियन प्रोफेशनल्स को रोजगार मिलेगा. FM ने युवाओं को विजुअल डिजाइनिंग में ट्रेनिंग देने के लिए एक नया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन एंड डेवलपमेंट स्थापित करने का भी प्रस्ताव दिया. उन्होंने कहा कि भारतीय डिजाइन इंडस्ट्री तेज़ी से बढ़ रही है. फिर भी भारतीय डिजाइनरों की कमी है. मैं चुनौती मार्ग के ज़रिए, भारत के पूर्वी क्षेत्र में डिजाइन शिक्षा और विकास को बढ़ावा देने के लिए एक नया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन स्थापित करने का प्रस्ताव देती हूं. 

ऑरेंज इकोनॉमी के तहत घोषणा की:

फाइनेंस मिनिस्टर ने इसकी घोषणा ऑरेंज इकॉनॉमी के तहत की. उन्होंने कहा कि AVGC सेक्टर को 2030 तक 2 मिलियन प्रोफेशनल्स की ज़रूरत होगी. 15,000 स्कूलों में कंटेंट क्रिएशन लैब को सपोर्ट किया जाएगा. पूर्वी भारत में डिज़ाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ डिज़ाइन का ऐलान किया गया. साथ ही प्रमुख इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप भी खुलेंगी. इसके अलावा हर जिले में लड़कियों के लिए हॉस्टल की सुविधा पर भी उन्होंने बात की. 

ऑरेंज इकोनॉमी क्या है?

ऑरेंज इकोनॉमी (Orange Economy) या क्रिएटिव इकोनॉमी, रचनात्मकता, कला, संस्कृति, बौद्धिक संपदा और नवाचार पर आधारित आर्थिक गतिविधियों का एक समूह है. यह नोलेज पर आधारित क्षेत्र फिल्म, संगीत, फैशन, डिज़ाइन, गेमिंग और डिजिटल कंटेंट जैसे उद्योगों से धन और रोजगार पैदा करता है. यह विचार और प्रतिभा को आर्थिक मूल्य में बदलने वाली अर्थव्यवस्था है.

ऑरेंज इकोनॉमी भारत का एनिमेशन, विज़ुअल इफ़ेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVCG) सेक्टर एक बढ़ता हुआ इंडस्ट्री है. इसके लिए 2030 तक 2 मिलियन प्रोफेशनल्स की ज़रूरत होगी. इसी को लेकर वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण जानकारी दी. यह प्रस्ताव इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 में प्रमुखता से उठाए गए विषयों पर आधारित है, जिसमें तर्क दिया गया है कि क्रिएटिविटी-आधारित सेक्टर – जिसमें संस्कृति, मीडिया, मनोरंजन और बौद्धिक संपदा शामिल हैं. यह रोज़गार, शहरी सेवाओं और पर्यटन के महत्वपूर्ण चालक के रूप में उभर सकते हैं. ऑरेंज इकोनॉमी कहे जाने वाले ये गतिविधियां मुख्य रूप से भौतिक वस्तुओं के बजाय विचारों, कलात्मक अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक पूंजी से मूल्य प्राप्त करती हैं.

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