बॉम्बे हाई कोर्ट ने सोमवार को पंजाब के फाजिल्का जिले के निवासी 21 वर्षीय आकाशदीप करज सिंह को जमानत दे दी. उनपर पूर्व एनसीपी विधायक बाबा सिद्दीकी की हत्या का आरोप था. इस मामले में जमानत पर रिहा होने वाले पहले आरोपी बन गए हैं.
कोर्ट ने क्या कहा?
बॉम्बे हाईकोर्ट ने आकाशदीप करज सिंह को महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी हत्याकांड की हत्या के मामले में जमानत दे दी है. हालांकि, यह फैसला सुनाते हुए कड़ी शर्तें लगाई हैं. उन्हें महाराष्ट्र में ही रहने, हर दूसरे सोमवार को संबंधित पुलिस स्टेशन में हाजिर होने, स्थानीय जमानतदार पेश करने और अपना पासपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया है. इसके अलावा, निचली अदालत की अनुमति के बिना वे राज्य छोड़कर नहीं जा सकते.
कौन हैं आकाशदीप करज सिंह?
मुंबई क्राइम ब्रांच और पंजाब एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स के संयुक्त अभियान में पंजाब के फाजिल्का जिले से 21 वर्षीय आकाशदीप सिंह को गिरफ्तार किया गया था. बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में गिरफ्तार होने वाले 24वें आरोपी थे. आपको बता दें कि अब तक हत्या के सिलसिले में 27 से अधिक आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है. तीन बार विधायक रह चुके बाबा सिद्दीकी की 12 अक्टूबर, 2024 को मुंबई के बांद्रा स्थित उनके बेटे जीशान सिद्दीकी के कार्यालय के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. मामले की जांच अभी जारी है.
आकाशदीप करज सिंह पर क्या थे आरोप?
जांच एजेंसियों का कहना था कि आकाशदीप, शूटरों और बिश्नोई गैंग के लोगों के बीच तालमेल बनाने का काम कर रहा था. पुलिस के मुताबिक, दूसरे आरोपियों से पूछताछ के दौरान उसका नाम सामने आया था. वहीं, आकाशदीप की तरफ से पेश वकीलों ने कहा कि उसके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है. उन्होंने दलील दी कि सिर्फ एक आरोपी के साथ उसकी कॉल डिटेल का जिक्र है, वह भी हत्या से काफी पहले की, जिससे इस मामले से सीधा संबंध साबित नहीं होता.
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति नीला गोखले की अध्यक्षता वाली पीठ ने अभियोजन पक्ष से साफ पूछा कि आकाशदीप की भूमिका क्या थी और उसके खिलाफ क्या पुख्ता सबूत हैं? सभी कागजात और दलीलें देखने के बाद कोर्ट ने माना कि फिलहाल आकाशदीप को जमानत देने से जांच पर कोई असर नहीं पड़ेगा. इसी आधार पर कोर्ट ने आकाशदीप को जमानत दे दी.