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कौन हैं अश्विनी भिड़े? जो बनीं बीएमसी की पहली महिला कमिश्नर, मुंबई मेट्रो में निभा चुकी अहम भूमिका

Ashwini Bhide IAS: बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के नगर आयुक्त के रूप में अश्विनी भिड़े को नियुक्त किया गया है. वर्तमान नगर आयुक्त का कार्यकाल 31 मार्च, 2026 को समाप्त होने वाला है.

Written By: Sohail Rahman
Last Updated: March 31, 2026 12:39:39 IST

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Ashwini Bhide IAS: अश्विनी भिड़े को बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) का नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है. वह इस पद को संभालने वाली पहली महिला बन गई है. वर्तमान नगर आयुक्त का कार्यकाल 31 मार्च, 2026 को समाप्त होने वाला है. अश्विनी भिड़े की बात करें तो वो पहले मुख्यमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत हैं.

बीएमसी की नगर आयुक्त बनने के बाद अश्विनी भिड़े इस पर को संभालने वाली पहली महिला बन गई हैं. बताया जा रहा है कि नगर आयुक्त के इस पद के लिए संजय मुखर्जी और असीम गुप्ता सहित अन्य उम्मीदवारों पर भी विचार किया गया था, लेकिन भिड़े को उनके अनुभव और प्रशासनिक दृष्टिकोण के कारण इस पद पर नियुक्त किया गया.

कौन हैं अश्विनी भिड़े?

अश्विनी भिड़े 1995 बैच की IAS अधिकारी हैं और अपने दृढ़ तथा परिणाम-उन्मुख प्रशासनिक शैली के लिए जानी जाती है. उन्होंने पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ मिलकर काम किया है और जटिल परियोजनाओं को पूरा करने का उनका एक मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड रहा है. उन्होंने मुंबई के मेट्रो विस्तान में विशेष रूप से तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण भूमिगत परियोजनाओं को पूरा करने में अहम भूमिका निभाई है. बीएमसी में अतिरिक्त नगर आयुक्त के रूप में उनके पिछले कार्यकाल ने उन्हें शहर के नागरिक निकाय के कामकाज की गहरी समझ दी है.

कब तक रहेंगी पद पर?

उम्मीद जताई जा रही है कि अश्विनी भिड़े साल 2030 तक अपना कार्यकाल पूरा करेंगी और इस दौरान वे मुंबई की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन और समग्र शहरी शासन की देखरेख करेंगी. उनकी नियुक्ति को एक ऐसे कदम के रूप में देखा जा रहा है जिससे प्रशासनिक अनुशासन और कड़े होंगे और प्रमुख नागरिक पहलों का क्रियान्वयन तेज़ी से हो सकेगा.

संजय मुखर्जी 1996 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, अभी MMRDA के मेट्रोपॉलिटन कमिश्नर हैं. ‘इंफ्रास्ट्रक्चर मैन’ के नाम से मशहूर संजय मुखर्जी ने MMR में अटल सेतु, मेट्रो लाइनों, कई फ्लाईओवर और पुलों जैसी प्रमुख परियोजनाओं का नेतृत्व किया है; साथ ही अतिरिक्त नगर आयुक्त के तौर पर उन्होंने बीएमसी की परियोजनाओं का भी नेतृत्व किया है. संजय गुप्ता अभी उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर तैनात हैं और उनके पास शहरी विकास तथा आवास विभागों का प्रभार भी है.

गागरानी को मार्च 2024 में बीएमसी प्रमुख नियुक्त किया गया था. हाल के वर्षों में महायुति सरकार ने राज्य के प्रशासन और पुलिस बल में भी अहम पदों पर महिलाओं को नियुक्त किया है.

रश्मि शुक्ला ने जनवरी 2024 से इस साल 3 जनवरी तक महाराष्ट्र की पहली महिला पुलिस महानिदेशक के तौर पर काम किया, जबकि सुजाता सौनिक 2024 में राज्य की पहली महिला मुख्य सचिव बनीं और पिछले जून में अपनी रिटायरमेंट तक इस पद पर रहीं.

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Last Updated: March 31, 2026 12:39:39 IST

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Ashwini Bhide IAS: अश्विनी भिड़े को बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) का नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है. वह इस पद को संभालने वाली पहली महिला बन गई है. वर्तमान नगर आयुक्त का कार्यकाल 31 मार्च, 2026 को समाप्त होने वाला है. अश्विनी भिड़े की बात करें तो वो पहले मुख्यमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत हैं.

बीएमसी की नगर आयुक्त बनने के बाद अश्विनी भिड़े इस पर को संभालने वाली पहली महिला बन गई हैं. बताया जा रहा है कि नगर आयुक्त के इस पद के लिए संजय मुखर्जी और असीम गुप्ता सहित अन्य उम्मीदवारों पर भी विचार किया गया था, लेकिन भिड़े को उनके अनुभव और प्रशासनिक दृष्टिकोण के कारण इस पद पर नियुक्त किया गया.

कौन हैं अश्विनी भिड़े?

अश्विनी भिड़े 1995 बैच की IAS अधिकारी हैं और अपने दृढ़ तथा परिणाम-उन्मुख प्रशासनिक शैली के लिए जानी जाती है. उन्होंने पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ मिलकर काम किया है और जटिल परियोजनाओं को पूरा करने का उनका एक मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड रहा है. उन्होंने मुंबई के मेट्रो विस्तान में विशेष रूप से तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण भूमिगत परियोजनाओं को पूरा करने में अहम भूमिका निभाई है. बीएमसी में अतिरिक्त नगर आयुक्त के रूप में उनके पिछले कार्यकाल ने उन्हें शहर के नागरिक निकाय के कामकाज की गहरी समझ दी है.

कब तक रहेंगी पद पर?

उम्मीद जताई जा रही है कि अश्विनी भिड़े साल 2030 तक अपना कार्यकाल पूरा करेंगी और इस दौरान वे मुंबई की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन और समग्र शहरी शासन की देखरेख करेंगी. उनकी नियुक्ति को एक ऐसे कदम के रूप में देखा जा रहा है जिससे प्रशासनिक अनुशासन और कड़े होंगे और प्रमुख नागरिक पहलों का क्रियान्वयन तेज़ी से हो सकेगा.

संजय मुखर्जी 1996 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, अभी MMRDA के मेट्रोपॉलिटन कमिश्नर हैं. ‘इंफ्रास्ट्रक्चर मैन’ के नाम से मशहूर संजय मुखर्जी ने MMR में अटल सेतु, मेट्रो लाइनों, कई फ्लाईओवर और पुलों जैसी प्रमुख परियोजनाओं का नेतृत्व किया है; साथ ही अतिरिक्त नगर आयुक्त के तौर पर उन्होंने बीएमसी की परियोजनाओं का भी नेतृत्व किया है. संजय गुप्ता अभी उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर तैनात हैं और उनके पास शहरी विकास तथा आवास विभागों का प्रभार भी है.

गागरानी को मार्च 2024 में बीएमसी प्रमुख नियुक्त किया गया था. हाल के वर्षों में महायुति सरकार ने राज्य के प्रशासन और पुलिस बल में भी अहम पदों पर महिलाओं को नियुक्त किया है.

रश्मि शुक्ला ने जनवरी 2024 से इस साल 3 जनवरी तक महाराष्ट्र की पहली महिला पुलिस महानिदेशक के तौर पर काम किया, जबकि सुजाता सौनिक 2024 में राज्य की पहली महिला मुख्य सचिव बनीं और पिछले जून में अपनी रिटायरमेंट तक इस पद पर रहीं.

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