Live TV
Search
Home > देश > कौन हैं Yashwant Varma? कैश कांड में घिरे थे ‘जस्टिस साहब’, पद से अचानक देना पड़ा इस्तीफा

कौन हैं Yashwant Varma? कैश कांड में घिरे थे ‘जस्टिस साहब’, पद से अचानक देना पड़ा इस्तीफा

Who is Justice Yashwant: जस्टिस यशवंत वर्मा ने भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते उन्हें पद से हटाने के लिए चल रही महाभियोग प्रक्रिया के बीच इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज के पद से इस्तीफा दे दिया है.

Written By: Heena Khan
Edited By: Sujeet Kumar
Last Updated: 2026-04-10 14:37:04

Mobile Ads 1x1

Who is Justice Yashwan Varma: जस्टिस यशवंत वर्मा ने भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते उन्हें पद से हटाने के लिए चल रही महाभियोग प्रक्रिया के बीच इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज के पद से इस्तीफा दे दिया है. पिछले साल दिल्ली स्थित उनके घर से भारी मात्रा में नकदी बरामद होने के बाद से ही वर्मा सवालों के घेरे में थे. उस समय उन्होंने इस बात से इनकार किया था कि वो नकदी उनकी है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लिखे अपने इस्तीफे में जस्टिस वर्मा ने इस अचानक लिए गए फैसले का कोई कारण नहीं बताया.

बता दें कि 9 अप्रैल की तारीख वाले उनके पत्र में लिखा था, “हालांकि मैं आपके गरिमामय कार्यालय पर उन कारणों का बोझ नहीं डालना चाहता, जिनकी वजह से मुझे यह पत्र सौंपना पड़ा, फिर भी मैं अत्यंत पीड़ा के साथ, इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज के पद से तत्काल प्रभाव से अपना इस्तीफा देता हूं.”

आखिर क्या है पूरा मामला 

अपने घर पर जले हुए नोटों के बंडल मिलने के लगभग एक साल बाद दिए गए अपने इस्तीफ़े में, जस्टिस यशवंत वर्मा ने कहा कि वो यह पत्र बहुत ही गहरे दुख के साथ सौंप रहे हैं. उन “वजहों” के बारे में कुछ भी कहने से इनकार करते हुए, “जिनकी वजह से मुझे यह पत्र सौंपना पड़ा,” जस्टिस वर्मा ने कहा कि इस पद पर सेवा करना उनके लिए एक सम्मान की बात रही है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि महाभियोग का मामला 14 मार्च, 2025 को लुटियंस दिल्ली में जस्टिस वर्मा के सरकारी आवास से बड़ी मात्रा में कैश बरामद होने से जुड़ा है. उस समय, वो दिल्ली हाई कोर्ट में जज के तौर पर काम कर रहे थे. आरोप है कि जला हुआ कैश नौकरों के क्वार्टर के पास बने एक स्टोररूम में मिला था. उस समय जस्टिस वर्मा और उनकी पत्नी भोपाल में थे. जज ने इस बात से इनकार किया था कि उन्होंने या उनके परिवार के किसी सदस्य ने कभी भी उस स्टोररूम में कैश रखा था. उन्होंने यह भी कहा था कि उस कमरे तक सभी की पहुँच थी.

Pakistan: अब इजराइल के निशाने पर पाक? ख्वाजा आसिफ ने कर दी ऐसी हरकत; गुस्से से बौखला गए नेतन्याहू

22 मार्च, 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की आंतरिक जाँच करने के लिए तीन जजों की एक कमेटी बनाई थी. 4 मई को, तीन सीनियर जजों के एक पैनल ने अपनी रिपोर्ट तत्कालीन चीफ़ जस्टिस संजीव खन्ना को सौंपी. इसके बाद कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट में जस्टिस वर्मा से न्यायिक काम वापस ले लिया था. कोर्ट ने उनका तबादला उनके मूल हाई कोर्ट, इलाहाबाद हाई कोर्ट में कर दिया और वहाँ के चीफ़ जस्टिस से कहा कि उन्हें कोई भी न्यायिक काम न सौंपा जाए. एक बड़ा कदम उठाते हुए, कोर्ट ने जस्टिस वर्मा के घर से कथित तौर पर बरामद हुए कैश की तस्वीरें और वीडियो भी अपलोड किए थे.

कौन हैं Yashwant Varma? 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Yashwant Varma को  13 अक्टूबर, 2014 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था. उन्होंने 1 फरवरी, 2016 को उसी न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ली. उन्हें 11 अक्टूबर, 2021 को दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था. बता दें कि उनका जन्म प्रयागराज में हुआ था और उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से बैचलर ऑफ कॉमर्स (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की. ​​बाद में, उन्होंने मध्य प्रदेश के अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ लॉ (LLB) की डिग्री प्राप्त की.

कौन है अमन जो रच रहा था पीएम की हत्या की साज़िश, अमेरिकी खुफिया एजेंसी से निकला कनेक्शन!

MORE NEWS

Home > देश > कौन हैं Yashwant Varma? कैश कांड में घिरे थे ‘जस्टिस साहब’, पद से अचानक देना पड़ा इस्तीफा

Written By: Heena Khan
Edited By: Sujeet Kumar
Last Updated: 2026-04-10 14:37:04

Mobile Ads 1x1

Who is Justice Yashwan Varma: जस्टिस यशवंत वर्मा ने भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते उन्हें पद से हटाने के लिए चल रही महाभियोग प्रक्रिया के बीच इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज के पद से इस्तीफा दे दिया है. पिछले साल दिल्ली स्थित उनके घर से भारी मात्रा में नकदी बरामद होने के बाद से ही वर्मा सवालों के घेरे में थे. उस समय उन्होंने इस बात से इनकार किया था कि वो नकदी उनकी है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लिखे अपने इस्तीफे में जस्टिस वर्मा ने इस अचानक लिए गए फैसले का कोई कारण नहीं बताया.

बता दें कि 9 अप्रैल की तारीख वाले उनके पत्र में लिखा था, “हालांकि मैं आपके गरिमामय कार्यालय पर उन कारणों का बोझ नहीं डालना चाहता, जिनकी वजह से मुझे यह पत्र सौंपना पड़ा, फिर भी मैं अत्यंत पीड़ा के साथ, इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज के पद से तत्काल प्रभाव से अपना इस्तीफा देता हूं.”

आखिर क्या है पूरा मामला 

अपने घर पर जले हुए नोटों के बंडल मिलने के लगभग एक साल बाद दिए गए अपने इस्तीफ़े में, जस्टिस यशवंत वर्मा ने कहा कि वो यह पत्र बहुत ही गहरे दुख के साथ सौंप रहे हैं. उन “वजहों” के बारे में कुछ भी कहने से इनकार करते हुए, “जिनकी वजह से मुझे यह पत्र सौंपना पड़ा,” जस्टिस वर्मा ने कहा कि इस पद पर सेवा करना उनके लिए एक सम्मान की बात रही है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि महाभियोग का मामला 14 मार्च, 2025 को लुटियंस दिल्ली में जस्टिस वर्मा के सरकारी आवास से बड़ी मात्रा में कैश बरामद होने से जुड़ा है. उस समय, वो दिल्ली हाई कोर्ट में जज के तौर पर काम कर रहे थे. आरोप है कि जला हुआ कैश नौकरों के क्वार्टर के पास बने एक स्टोररूम में मिला था. उस समय जस्टिस वर्मा और उनकी पत्नी भोपाल में थे. जज ने इस बात से इनकार किया था कि उन्होंने या उनके परिवार के किसी सदस्य ने कभी भी उस स्टोररूम में कैश रखा था. उन्होंने यह भी कहा था कि उस कमरे तक सभी की पहुँच थी.

Pakistan: अब इजराइल के निशाने पर पाक? ख्वाजा आसिफ ने कर दी ऐसी हरकत; गुस्से से बौखला गए नेतन्याहू

22 मार्च, 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की आंतरिक जाँच करने के लिए तीन जजों की एक कमेटी बनाई थी. 4 मई को, तीन सीनियर जजों के एक पैनल ने अपनी रिपोर्ट तत्कालीन चीफ़ जस्टिस संजीव खन्ना को सौंपी. इसके बाद कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट में जस्टिस वर्मा से न्यायिक काम वापस ले लिया था. कोर्ट ने उनका तबादला उनके मूल हाई कोर्ट, इलाहाबाद हाई कोर्ट में कर दिया और वहाँ के चीफ़ जस्टिस से कहा कि उन्हें कोई भी न्यायिक काम न सौंपा जाए. एक बड़ा कदम उठाते हुए, कोर्ट ने जस्टिस वर्मा के घर से कथित तौर पर बरामद हुए कैश की तस्वीरें और वीडियो भी अपलोड किए थे.

कौन हैं Yashwant Varma? 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Yashwant Varma को  13 अक्टूबर, 2014 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था. उन्होंने 1 फरवरी, 2016 को उसी न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ली. उन्हें 11 अक्टूबर, 2021 को दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था. बता दें कि उनका जन्म प्रयागराज में हुआ था और उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से बैचलर ऑफ कॉमर्स (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की. ​​बाद में, उन्होंने मध्य प्रदेश के अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ लॉ (LLB) की डिग्री प्राप्त की.

कौन है अमन जो रच रहा था पीएम की हत्या की साज़िश, अमेरिकी खुफिया एजेंसी से निकला कनेक्शन!

MORE NEWS