Who Is Simran Bala: सिमरन बाला का रिपब्लिक डे परेड में चयन केवल प्रतीकात्मक नहीं है, बल्कि यह उनकी मेहनत, नेतृत्व क्षमता और कार्य अनुभव का नतीजा है.अधिकारियों के अनुसार, वह 140 से अधिक पुरुष जवानों का नेतृत्व करेंगी. यह पहली बार होगा जब कोई महिला अधिकारी इस राष्ट्रीय आयोजन में पूरी पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व करेगी.
ऐतिहासिक नियुक्ति
सिमरन बाला ने 2023 में UPSC CAPF परीक्षा पास कर ऑल इंडिया रैंक 82 हासिल की थी. उस साल वह जम्मू-कश्मीर से CRPF अधिकारी बनने वाली इकलौती महिला थीं और राजौरी जिले की पहली महिला CRPF अधिकारी बनीं.यह उनकी मेहनत, नेतृत्व क्षमता और कार्य अनुभव का नतीजा है.यह नियुक्ति CRPF में मेरिट और लैंगिक समानता को दर्शाती है.
सिमरन बाला का शुरुआती जीवन और शिक्षा
- निवास स्थान: नौशेरा, राजौरी जिला, जम्मू-कश्मीर
- शिक्षा:गवर्नमेंट कॉलेज फॉर वूमेन, गांधी नगर (जम्मू) से राजनीति विज्ञान में स्नातक
- संघर्ष: पढ़ाई के लिए आठ साल से ज्यादा जम्मू में किराए के कमरे में अकेले रहीं
- सीमा क्षेत्र का असर: सीमा पर गोलीबारी देखने के अनुभव ने उन्हें देश की सुरक्षा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया
सिमरन मानती हैं कि आज बेहतर इंटरनेट सुविधा के कारण दूर-दराज़ के इलाकों के युवा भी बड़े शहरों के छात्रों की तरह प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हो सकते हैं.
करियर और उपलब्धियां
- CRPF में नियुक्ति: अप्रैल 2025
- पहली पोस्टिंग छत्तीसगढ़ की ‘बस्तरिया’ बटालियन (नक्सल प्रभावित इलाका)
- ट्रेनिंग सम्मान: CRPF अकादमी, गुरुग्राम में बेस्ट ऑफिसर इन ट्रेनिंग और पब्लिक स्पीकिंग के लिए पुरस्कार
- रिपब्लिक डे चयन: कड़ी रिहर्सल के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने उनके आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को देखकर चुना
रिपब्लिक डे परेड 2026 की झलक
- CRPF टुकड़ी:140 से अधिक पुरुष जवान, कमांडर -सिमरन बाला
- महिला डेयरडेविल्स: CRPF और SSB की महिला जवानों द्वारा बुलेट बाइक स्टंट
अन्य बल
- CISF की मार्चिंग और बैंड टुकड़ी
- BSF के ऊंट सवार जवान
- गृह मंत्रालय की झांकी (NDRF और पुलिस अनुसंधान ब्यूरो)
सिमरन बाला की उपलब्धियां
- राजौरी जिले की पहली महिला CRPF अधिकारी
- रिपब्लिक डे परेड में पुरुष CRPF टुकड़ी की कमान संभालने वाली पहली महिला
- सुरक्षा बलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का प्रतीक
CRPF के बारे में
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) भारत का सबसे बड़ा आंतरिक सुरक्षा बल है, जिसमें लगभग 3.25 लाख जवान हैं. इसका मुख्य कार्यक्षेत्र है-
- नक्सल विरोधी अभियान
- जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन
- पूर्वोत्तर में उग्रवाद से मुकाबला