Saket Srinivasaiah: 22 साल के भारतीय स्टूडेंट साकेत श्रीनिवासैया की तलाश खत्म होने के बाद शनिवार 14 फरवरी को लोकल अधिकारियों ने कैलिफ़ोर्निया की एक झील से उनकी बॉडी बरामद की. 9 फरवरी को उनके लापता होने से पहले के पिछले दो हफ़्तों की डिटेल्स सामने आईं. यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफ़ोर्निया, बर्कले में पोस्टग्रेजुएट स्टूडेंट श्रीनिवासैया की बॉडी बर्कले हिल्स के पास टिल्डेन रीजनल पार्क में मौजूद लेक अंज़ा में मिली.
सैन फ्रांसिस्को में इंडियन कॉन्सुलेट ने X पर एक पोस्ट के ज़रिए इस बुरी खबर की पुष्टि की और इस मुश्किल समय में उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति संवेदनाएं जताईं. हालांकि, लोकल पुलिस ने अभी तक मौत की ऑफिशियल वजह का खुलासा नहीं किया है.
एक हफ्ते से लापता था स्टूडेंट्स
कर्नाटक के तुमकुरु के रहने वाले साकेत श्रीनिवासैया UC बर्कले में प्रोडक्ट डेवलपमेंट प्रोग्राम में मास्टर ऑफ़ साइंस कर रहे थे. उन्हें आखिरी बार 9 फरवरी को देखा गया था. उसी दिन उनके पिता ने भी उनसे आखिरी बार बात की थी. जब वह अपने घर नहीं लौटे तो अलार्म बज गया. रूममेट्स ने बर्कले पुलिस डिपार्टमेंट में फॉर्मल शिकायत दर्ज कराने से पहले पहले कई जगहों पर तलाशी की. तलाशी के दौरान एक सुराग तब मिला जब पार्क हिल्स इलाके में एक दरवाज़े पर उनका पासपोर्ट और लैपटॉप वाला बैकपैक मिला. शनिवार को सैन फ्रांसिस्को में भारतीय मिशन ने उनके गायब होने पर गहरी चिंता जताई. साथ ही कहा कि वे परिवार और लोकल पुलिस दोनों के लगातार संपर्क में हैं. 24 घंटे के अंदर मिशन ने कन्फर्म किया कि पुलिस ने लेक अंज़ा से उनकी बॉडी बरामद कर ली है.
रूममेट ने की बात शेयर
श्रीनिवासैया के रूममेट बनीत सिंह भारत से ही हैं. उसने स्टूडेंट के आखिरी दो हफ़्तों की एक दिल को छू लेने वाली और परेशान करने वाली बात शेयर की. बनीत सिंह ने बताया कि एक इंटरनेशनल स्टूडेंट के तौर पर ज़िंदगी मुश्किल होती है. साकेत कुछ मुश्किल दौर से जूझ रहा था जिसके बारे में उसने लिंकडिन पोस्ट किया था. उनके मुताबिक, श्रीनिवासैया ने लापता होने से पहले पिछले दो हफ़्ते में कम खाना और कम घुलना-मिलना शुरू कर दिया था. वह सिर्फ़ चिप्स और कुकीज़ खाकर गुजारा कर रहा था.
बनीत सिंह ने एक बात पर फोकस करते हुए कहा कि जब उसने साकेत को क्लास से लाल बाथरोब पहने लौटते देखा तो पूछा कि वह लेक्चर के लिए रोब क्यों पहन रहा है? इस पर साकेत ने जवाब दिया कि ‘मैने परवाह करना छोड़ दिया है यार. मुझे ठंड लगती है और कोई इसके बारे में क्या सोचता है इसकी परवाह नहीं.’उन्होंने यह भी बताया कि साकेत ने उन्हें 21 जनवरी को ही लेक अंज़ा जाने के लिए कहा था लेकिन आलस की वजह से उसने मना कर दिया.
IIT मद्रास से UC बर्कले
साकेत श्रीनिवासैया को एक अच्छे एकेडमिक करियर वाले हाई अचीवर के तौर पर पहचाना जाता था. अपनी मास्टर डिग्री के लिए यूनाइटेड स्टेट्स जाने से पहले उन्होंने मशहूर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (IIT), मद्रास से ग्रेजुएशन किया. यहां उन्होंने केमिकल इंजीनियरिंग में बैचलर ऑफ़ टेक्नोलॉजी की डिग्री पूरी की. उनकी अचानक मौत से भारत में उनके पुराने स्कूल और UC बर्कले कैंपस दोनों में सदमे की लहर दौड़ गई है. खबर जानने के लिए बेताब उनके माता-पिता ने 13 फरवरी को कर्नाटक की चीफ सेक्रेटरी शालिनी रजनीश को चिट्ठी लिखकर राज्य सरकार से दखल देने की मांग की थी.
इसके बाद कर्नाटक सरकार ने सैन फ्रांसिस्को में कॉन्सुलेट जनरल के ज़रिए भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) से हर मुमकिन मदद देने की रिक्वेस्ट की. भारतीय कॉन्सुलेट ने तब से परिवार को भरोसा दिलाया है कि वह मौत के बाद छात्र के पार्थिव शरीर को वापस लाने के लिए जरूरी कानूनी और लॉजिस्टिक फॉर्मैलिटीज़ को पूरा करने के लिए सभी जरूरी मदद दे रहा है. रूममेट्स ने कहा कि मुझे अपने उस दोस्त से यह उम्मीद नहीं थी जो मेरे साथ रहता था, खाता था, घूमता था, हंसता था और मज़ाक करता था. इससे दुख होता है.