Why People Stay Single: आज की जनरेशन की सोच उन्हें एकदम अलग बना रही है. समय के साथ उनके रिलेशनशिप स्टेटस को लेकर भी नजरिया बदल चुकी है. इसी तरह की सोच आज सिंगल रहने को लेकर है. ऐसा करने के पीछे कोई ‘अजीब’ या ‘स्पिनस्टर’ होने की निशानी नहीं है. बस अपना सोचने का एक नया नजरिया हो सकता है. हालांकि, एक समय था जब 20-25 की उम्र पार करते ही लोग पूछने लगते थे कि ‘शादी कब कर है?’ लेकिन आज की पीढ़ी ‘मिंगल’ होने के बजाय ‘सिंगल’ रहने को एक पावरफुल चॉइस मान रही है. अब लोग इसे मजबूरी नहीं, बल्कि एक लग्जरी समझने लगे हैं. उनका कहना है कि, ऐसा वे अपनी लाइफस्टाइल, करियर और खुशियों को प्रायोरिटी देने के लिए चुनते हैं. यही वजह है कि आज सिंगल रहना स्टेटमेंट बन गया है. ऐसा करने वालों में कई बड़ी सेलिब्रिटीज भी शामिल हैं. अब सवाल है कि आखिर, अचानक उनकी सोच में बदलाव कैसे आया? जानिए क्या हैं वे खास वजहें-
इन वजहों से सिंगल रहना चाहते हैं लोग
खुद की शर्तों पर जीना: मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि, सिंगल रहने का सबसे बड़ा आकर्षण ‘पर्सनल फ्रीडम’ है. बता दें कि, आज की जनरेशन अपनी मर्जी के मालिक होना चाहते हैं. सुबह कितनी बजे उठना है, वीकेंड पर क्या करना है, क्या खाना है और रात को किस समय घर आना है. ऐसे तमाम छोटे-छोटे फैसलों के लिए किसी को जवाब नहीं देना होता है. इससे लोगों को जबरदस्त मानसिक सुकून मिलता है.
पहले करियर को तबज्जो: आज की जनरेशन अपने अपना करियर देखते हैं और बाद में शादी-संबंध. कुछ रिसर्च कहते हैं कि, कई लोग अपनी ऊर्जा को रिश्तों के भावनात्मक उतार-चढ़ाव में खर्च करने के बजाय प्रोफेशनल ग्रोथ में लगाना बेहतर समझते हैं. उनके लिए अपनी पहचान बनाना और आर्थिक रूप से मजबूत होना किसी भी रिश्ते से ज्यादा जरूरी हो गया है.
अपना पैसा-अपना हक: आर्थिक फ्रीडम ने रिश्तों के मायने बदल दिए हैं. खासकर महिलाओं में यह बड़ा बदलाव देखा गया है; अब शादी या पार्टनर सुरक्षा का एकमात्र जरिया नहीं रहे. लोग अपनी मेहनत की कमाई का आनंद अकेले लेना चाहते हैं. वे अपनी पसंद के हिसाब से निवेश करना या महंगे गैजेट्स और कपड़े खरीदना पसंद करते हैं. इसके लिए उन्हें किसी की राय नहीं लेनी होती है.
तनाव से दूरी: एक्सपर्ट्स कहते हैं कि, ‘टॉक्सिक’ रिश्तों या दर्दनाक ब्रेकअप के अनुभव लोगों को अंदर तक हिला देते हैं. ऐसे अनुभवों के बाद, लोग दोबारा उसी इमोशनल ड्रामे और तनाव में नहीं पड़ना चाहते. उनके लिए अब ‘शांति’ किसी भी रोमांटिक रिश्ते से ज्यादा कीमती हो गई है. वे ‘अकेले रहने’ को ‘दुखी होने’ से कहीं बेहतर विकल्प मानते हैं.
मेंटल हेल्थ को महत्व: आजकल लोग अपने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बेहद जागरूक हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि लोग अब यह समझ चुके हैं कि खुशी अंदर से आती है, किसी दूसरे इंसान से नहीं. ‘सेल्फ-केयर’, मेडिटेशन और खुद के साथ समय बिताना अब एक कूल ट्रेंड बन चुका है. लोग अपनी मेंटल पीस के लिए सिंगल रहना पसंद कर रहे हैं.
ट्रेवल और एडवेंचर: सोलो ट्रैवलिंग का क्रेज आज चरम पर है. अकेले घूमना और नई जगहों को एक्सप्लोर करना अब एक लाइफस्टाइल बन चुका है. रिश्तों में अक्सर पार्टनर की पसंद-नापसंद और बजट का ख्याल रखना पड़ता है, लेकिन सिंगल लोग बिना किसी रोक-टोक के कभी भी बैग उठाकर कहीं भी निकल सकते हैं.
ये महिला सेलेब्रिटीज भी हैं सिंगल
बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सिंगल रहना वाकई बहुत शानदार हो सकता है, बस उन सिंगल सेलेब्रिटीज से पूछ लीजिए जिन्हें अपनी कंपनी में कोई दिक्कत नहीं है और वे अपनी आजादी का जश्न मनाती हैं. इस लिस्ट में पहला नाम अमेरिकी अभिनेत्री जेनिफर लॉरेंस का है. वे कहती हैं कि, मैं अकेली रहने वाली इंसान नहीं हूं. मुझे कभी अकेलापन महसूस नहीं होता है. वहीं, दूसरा नाम बारबेडियन रिकॉर्डिंग कलाकार और मॉडल रिहाना का है. तीसरा नाम एमिलिया क्लार्क का है. वहीं, अमरीकी गायक-गीतकार केटी पेरी, अमेरिकी मॉडल केंडल जेनर, अमेरिकी अभिनेत्री और गायिका हैली स्टाइनफेल्ड भी सिंगल हैं.