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World Hindi Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व हिंदी दिवस, शिक्षा से लेकर तकनीक तक कैसे हुआ हिंदी का विस्तार

World Hindi Day 2026: हर साल 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है. बता दें कि राष्ट्रीय हिंदी दिवस हर साल 14 सितंबर को मनाया जाता है. कैसे हिंदी ने अपने पंख पसारे और दुनिया पर राज करने लगी?

Written By: Pushpendra Trivedi
Last Updated: January 10, 2026 07:08:17 IST

World Hindi Day 2026: आज विश्व में हिंदी भाषा के लिए काफी अहम दिन है. पूरी दुनिया में हिंदी के सम्मान में इस दिन को मनाया जाता है. हिंदी सिर्फ बातचीत या साहित्य की भाषा नहीं रही बल्कि यह तकनीक में काफी यूज होने लगी है. खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में हिंदी की मौजूदगी मजबूत होती जा रही है. हिंदी एक ऐसी भाषा है जो हर लेंग्वेज में आसानी से ढह जाती है. यह सभी भाषाओं के गुणों को अपने में समाहित कर लेती है. 

हर साल 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है. बता दें कि राष्ट्रीय हिंदी दिवस हर साल 14 सितंबर को मनाया जाता है. साल 2026 में विश्व हिंदी दिवस की थीम ‘हिंदीः पारंपरिक ज्ञान से कृत्रिम बुद्मिमत्ता तक’ पर केंद्रित है. पूरी दुनिया में हिंदी के प्रति लोगों के लिए जागरूकता और इसके प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना इसका उद्देश्य है. पहला विश्व हिंदी सम्मेलन 10 जनवरी, 1975 को नागपुर में किया गया था. इसका उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा किया गया था. इसमें 30 देशों के 122 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था. 

एआई में हिंदी का दबदबा 

किसी भी टेक्नोलॉजी में हिंदी को कमतर नहीं आका जा सकता. एआई आधारित टूल्स जैसे वॉयस असिस्टेंट, चैटबॉट, ट्रांसलेशन एप और सर्च इंजन भी अब हिंदी को अच्छे से जानने लगे हैं. विशेषज्ञ भी समझ गए हैं कि दुनिया में अगर आगे बढ़ना है तो हिंदी को दरकिनार नहीं किया जा सकता. तकनीक में पहले केवल अंग्रेजी का यूज होता था अब हिंदी का दबदबा भी बड़ा है. लोग मोबाइल पर बोलकर हिंदी में मैसेज लिखवा रहे हैं. खबरें सुन रहे हैं और जानकारी खोज रहे हैं. डिजिटल इंडिया अभियान और राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन जैसी स्कीम ने हिंदी और अन्य इंडियन भाषाओं को तकनीक से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है. सरकारी वेबसाइट, मोबाइल एप और ऑनलाइन सेवाएं अब हिंदी में भी मुहैया कारई जा रही हैं. इससे हिंदी भाषियों के लिए तकनीक का यूज करना आसान हुआ है. 

हिंदी दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी भाषा

हिंदी को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी के तौर पर पहचाना जाता है. हिंदी को करोड़ों लोग बोलते, पढ़ते और समझते और हैं. हिंदी के माध्यम से आप अपनी भावनाओं को जिस तरह से व्यक्त कर सकते हैं, शायद ही कोई और भाषा करती हो. भारत की प्रमुख भाषा के अलावा यह नेपाल, मॉरीशस, फिजी, सूरीनाम जैसे कई देशों में भी बोली जाती है. हिंदी भाषा की लिपि देवनागरी है. इसे सीखना काफी आसान है, जिससे आप अपने विचार आसानी से किसी दूसरे तक पहुंचा सकते हैं. हिंदी सिर्फ भाषा नहीं बल्कि यह एक संस्कृति है. हिंदी में कहानियां, गाने, फिल्में, साहित्य भी बहुत प्रसिध्द हैं. फिल्मों बढ़ता क्रेज किसी से छुपा नहीं है. बॉलीवुड के अलावा अब साउथ और हॉलीवुड फिल्मों को भी हिंदी वर्जन में बेहतरीन ढंग से यूज किया जा रहा है.

हिंदी का प्रयोग शिक्षा, मीडिया, इंटरनेट और सरकारी कामों में भी खूब बढ़ रहा है. हिंदी केवल एक भाषा नहीं है, बल्कि लोगों को जोड़ने का माध्यम है. इसके अलावा भी कई अन्य फैक्टर हैं, जिससे हिंदी का महत्व दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है. गांवों में पहुंच बनाने के लिए कंपनियां भी समझ चुकी हैं कि अगर हमें यहां पैर जमाना है तो हिंदी को अपनाना होगा. लगभग 100 करोड़ लोग हिंदी लिख, बोल और समझ सकते हैं. हिंदी की ताकत उसकी सरलता और लोगों से जुड़ाव में है. विदेशियों के मन को भी हिंदी खूब भाती है. तभी तो विदेशियों में हिंदी भाषा का चलन बढ़ा है. हिंदी फिल्मों को विदेशों में जमकर पसंद किया जाता है.

शिक्षा और रोजगार में हिंदी 

आज ऑनलाइन पढ़ाई की बाद हो या फिर किसी डिजिटल कोर्स की ये भी हिंदी में भी मुहैया हो रहे हैं. जिन्हें अंग्रेजी में परेशानी या कमजोर हैं, उन छात्रों को इसका लाभ मिल रहा है. यूट्यूब चैनल, पॉडकास्ट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हिंदी का काफी चलन देखने को मिलता है. यू ट्यूब पर हिंदी के कई चैनल हैं जो अपनी धाक जमाए हुए हैं. कई विद्वानों का कहना है कि तकनीक के क्षेत्र में लंबे वक्त तक इंग्लिश का दबदबा रहा लेकिन अब हालात बदल रहे हैं. AI और मशीन लर्निंग ने भी यह साबित कर दिया है कि हिंदी भी उतनी ही सक्षम भाषा है, जितनी अंग्रेजी. तकनीक से हिंदी को समझना लोगों के काम को और आसान बना रहा है. इससे लोगों में भरोसा भी बढ़ रहा है. एक समय बाद सरकारी सेवाएं, बैंकिंग, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी सुविधाएं हिंदी में पूरी तरह उपलब्ध हो सकती है. 

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World Hindi Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व हिंदी दिवस, शिक्षा से लेकर तकनीक तक कैसे हुआ हिंदी का विस्तार

World Hindi Day 2026: हर साल 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है. बता दें कि राष्ट्रीय हिंदी दिवस हर साल 14 सितंबर को मनाया जाता है. कैसे हिंदी ने अपने पंख पसारे और दुनिया पर राज करने लगी?

Written By: Pushpendra Trivedi
Last Updated: January 10, 2026 07:08:17 IST

World Hindi Day 2026: आज विश्व में हिंदी भाषा के लिए काफी अहम दिन है. पूरी दुनिया में हिंदी के सम्मान में इस दिन को मनाया जाता है. हिंदी सिर्फ बातचीत या साहित्य की भाषा नहीं रही बल्कि यह तकनीक में काफी यूज होने लगी है. खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में हिंदी की मौजूदगी मजबूत होती जा रही है. हिंदी एक ऐसी भाषा है जो हर लेंग्वेज में आसानी से ढह जाती है. यह सभी भाषाओं के गुणों को अपने में समाहित कर लेती है. 

हर साल 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है. बता दें कि राष्ट्रीय हिंदी दिवस हर साल 14 सितंबर को मनाया जाता है. साल 2026 में विश्व हिंदी दिवस की थीम ‘हिंदीः पारंपरिक ज्ञान से कृत्रिम बुद्मिमत्ता तक’ पर केंद्रित है. पूरी दुनिया में हिंदी के प्रति लोगों के लिए जागरूकता और इसके प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना इसका उद्देश्य है. पहला विश्व हिंदी सम्मेलन 10 जनवरी, 1975 को नागपुर में किया गया था. इसका उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा किया गया था. इसमें 30 देशों के 122 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था. 

एआई में हिंदी का दबदबा 

किसी भी टेक्नोलॉजी में हिंदी को कमतर नहीं आका जा सकता. एआई आधारित टूल्स जैसे वॉयस असिस्टेंट, चैटबॉट, ट्रांसलेशन एप और सर्च इंजन भी अब हिंदी को अच्छे से जानने लगे हैं. विशेषज्ञ भी समझ गए हैं कि दुनिया में अगर आगे बढ़ना है तो हिंदी को दरकिनार नहीं किया जा सकता. तकनीक में पहले केवल अंग्रेजी का यूज होता था अब हिंदी का दबदबा भी बड़ा है. लोग मोबाइल पर बोलकर हिंदी में मैसेज लिखवा रहे हैं. खबरें सुन रहे हैं और जानकारी खोज रहे हैं. डिजिटल इंडिया अभियान और राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन जैसी स्कीम ने हिंदी और अन्य इंडियन भाषाओं को तकनीक से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है. सरकारी वेबसाइट, मोबाइल एप और ऑनलाइन सेवाएं अब हिंदी में भी मुहैया कारई जा रही हैं. इससे हिंदी भाषियों के लिए तकनीक का यूज करना आसान हुआ है. 

हिंदी दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी भाषा

हिंदी को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी के तौर पर पहचाना जाता है. हिंदी को करोड़ों लोग बोलते, पढ़ते और समझते और हैं. हिंदी के माध्यम से आप अपनी भावनाओं को जिस तरह से व्यक्त कर सकते हैं, शायद ही कोई और भाषा करती हो. भारत की प्रमुख भाषा के अलावा यह नेपाल, मॉरीशस, फिजी, सूरीनाम जैसे कई देशों में भी बोली जाती है. हिंदी भाषा की लिपि देवनागरी है. इसे सीखना काफी आसान है, जिससे आप अपने विचार आसानी से किसी दूसरे तक पहुंचा सकते हैं. हिंदी सिर्फ भाषा नहीं बल्कि यह एक संस्कृति है. हिंदी में कहानियां, गाने, फिल्में, साहित्य भी बहुत प्रसिध्द हैं. फिल्मों बढ़ता क्रेज किसी से छुपा नहीं है. बॉलीवुड के अलावा अब साउथ और हॉलीवुड फिल्मों को भी हिंदी वर्जन में बेहतरीन ढंग से यूज किया जा रहा है.

हिंदी का प्रयोग शिक्षा, मीडिया, इंटरनेट और सरकारी कामों में भी खूब बढ़ रहा है. हिंदी केवल एक भाषा नहीं है, बल्कि लोगों को जोड़ने का माध्यम है. इसके अलावा भी कई अन्य फैक्टर हैं, जिससे हिंदी का महत्व दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है. गांवों में पहुंच बनाने के लिए कंपनियां भी समझ चुकी हैं कि अगर हमें यहां पैर जमाना है तो हिंदी को अपनाना होगा. लगभग 100 करोड़ लोग हिंदी लिख, बोल और समझ सकते हैं. हिंदी की ताकत उसकी सरलता और लोगों से जुड़ाव में है. विदेशियों के मन को भी हिंदी खूब भाती है. तभी तो विदेशियों में हिंदी भाषा का चलन बढ़ा है. हिंदी फिल्मों को विदेशों में जमकर पसंद किया जाता है.

शिक्षा और रोजगार में हिंदी 

आज ऑनलाइन पढ़ाई की बाद हो या फिर किसी डिजिटल कोर्स की ये भी हिंदी में भी मुहैया हो रहे हैं. जिन्हें अंग्रेजी में परेशानी या कमजोर हैं, उन छात्रों को इसका लाभ मिल रहा है. यूट्यूब चैनल, पॉडकास्ट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हिंदी का काफी चलन देखने को मिलता है. यू ट्यूब पर हिंदी के कई चैनल हैं जो अपनी धाक जमाए हुए हैं. कई विद्वानों का कहना है कि तकनीक के क्षेत्र में लंबे वक्त तक इंग्लिश का दबदबा रहा लेकिन अब हालात बदल रहे हैं. AI और मशीन लर्निंग ने भी यह साबित कर दिया है कि हिंदी भी उतनी ही सक्षम भाषा है, जितनी अंग्रेजी. तकनीक से हिंदी को समझना लोगों के काम को और आसान बना रहा है. इससे लोगों में भरोसा भी बढ़ रहा है. एक समय बाद सरकारी सेवाएं, बैंकिंग, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी सुविधाएं हिंदी में पूरी तरह उपलब्ध हो सकती है. 

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