अविश्वास प्रस्ताव का खतरा रहा था मंडरा
रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी सरकार को अविश्वास प्रस्ताव का खतरा तब हुआ जब मेघालय के सीएम कॉनराड के संगमा के नेतृत्व वाली NPP ने मणिपुर में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया. NPP ने कहा था कि जातीय संघर्ष शुरू होने के बाद से राज्य को लगातार हिंसा में जाने से रोकने में सीएम एन बीरेन सिंह पूरी तरह से विफल रहे हैं.
युमनाम खेमचंद कौन हैं?
युमनाम खेमचंद एक वरिष्ठ पार्टी नेता हैं जिन्होंने विधानसभा अध्यक्ष और बीरेन सिंह के मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया है. उन्हें 2017 और 2022 के चुनावों में सिंगजामेई निर्वाचन क्षेत्र से मणिपुर विधानसभा के लिए चुना गया था. उन्होंने 2017 से 2022 तक मणिपुर विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया. 2022 में, उन्हें कैबिनेट मंत्री नियुक्त किया गया और उन्होंने नगर प्रशासन, आवास और शहरी विकास (MAHUD), ग्रामीण विकास और पंचायती राज, और शिक्षा विभागों का कार्यभार संभाला.
युमनाम खेमचंद के पास कितनी हैं संपत्ति?
2022 के चुनावी हलफनामे के अनुसार, युमनाम खेमचंद सिंह की कुल घोषित संपत्ति ₹2.38 करोड़ से अधिक थी. बताया गया कि उनकी देनदारियां ₹59 लाख से ज़्यादा थीं.
दोनों पक्षों के पास कितने विधायक हैं?
मणिपुर विधानसभा में, बीजेपी के पास 37 विधायक हैं, जिन्हें उसके सहयोगी, नागा पीपल्स फ्रंट (5) और एक JDU विधायक का समर्थन प्राप्त है. विपक्ष के पास 16 सीटें हैं, जिसमें नेशनल पीपल्स पार्टी (6), कांग्रेस (5), तीन निर्दलीय और KPA के दो विधायक शामिल हैं, जिसने अगस्त 2023 में बीरेन की सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था.