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Alina Amir Viral MMS: इन्फ्लुएंसर ने तोड़ा चुप्पी का पर्दा, ‘अलीना आमिर’ ने बताया क्या है सच और कैसे पहचानें फेक लिंक

Alina Amir Viral Video: हाल ही आपके पास भी एक ऐसा वीडियो जरूर आया होगा जिसे कथित तौर पर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और टिकटॉकर 'अलीना आमिर' का वीडियो बताकर वायरल किया जा रहा था,अब इसपर 'अलीना आमिर'  ने अपनी सफाई दी है, आइए जानते हैं.

Written By: Shivashakti narayan singh
Last Updated: January 29, 2026 14:27:23 IST

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Alina Amir Viral MMS: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और टिकटॉकर ‘अलीना आमिर’ हाल ही में एक बड़े ऑनलाइन विवादों के घेरे में आ गईं, जब उनके नाम से जुड़ा एक कथित MMS वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा. करीब चार मिनट के इस वीडियो को अलीना से जोड़कर फैलाया गया और इसके साथ ही ‘पूरा वीडियो देखें’ जैसे भ्रामक दावे और संदिग्ध लिंक तेजी से शेयर किए जाने लगे.

हालांकि, अलीना आमिर ने साफ कर दिया है कि यह वीडियो पूरी तरह फर्जी है और इसे AI डीपफेक तकनीक के जरिए बनाया गया है, जिसमें उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल किया गया.

 कौन हैं अलीना आमिर और कैसे शुरू हुआ विवाद?

अलीना आमिर एक जानी-मानी सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर हैं, जिनके लाखों फॉलोअर्स हैं. विवाद तब शुरू हुआ जब इंटरनेट पर उनके कथित ‘लीक MMS वीडियो’ को लेकर अफवाहें फैलने लगीं.कुछ ही दिनों में यह वीडियो वायरल हो गया और सोशल मीडिया पर ऐसे मैसेज और लिंक आने लगे, जिनमें ‘ओरिजिनल MMS’ देखने का दावा किया गया. लेकिन इनमें से ज्यादातर लिंक खतरनाक वेबसाइट्स पर ले जाते थे, जिससे ऑनलाइन ठगी और साइबर फ्रॉड का खतरा बढ़ गया.

 फर्जी वीडियो पर अलीना आमिर का बयान

करीब एक हफ्ते की चुप्पी के बाद अलीना आमिर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर अपनी चुप्पी तोड़ी. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वायरल हो रहा वीडियो डीपफेक है और इसका उनसे कोई लेना-देना नहीं है.अलीना ने लोगों से अपील की कि बिना सच्चाई जाने ऐसे वीडियो शेयर न करें. उन्होंने पंजाब की मुख्यमंत्री ‘मरियम नवाज’ से भी अपील की कि डीपफेक वीडियो बनाने और फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.

साइबर क्राइम विभाग की भूमिका पर क्या बोलीं अलीना?

अलीना आमिर ने पंजाब साइबर क्राइम डिपार्टमेंट की सराहना भी की, जिसने इस मामले में हस्तक्षेप किया. उन्होंने कहा कि इस तरह के हमले सिर्फ इन्फ्लुएंसर्स तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आम लोग भी इसका शिकार बन रहे हैं.उन्होंने बताया कि कई मामलों में फर्जी वीडियो पीड़ितों के परिवार वालों को भेजे जाते हैं.

 महिलाओं के लिए क्यों बढ़ता खतरा बन रहा है डीपफेक?

डीपफेक तकनीक ने ऑनलाइन उत्पीड़न को और खतरनाक बना दिया है. अब सिर्फ कुछ तस्वीरों की मदद से बेहद असली दिखने वाले वीडियो तैयार किए जा सकते हैं.इनका मकसद महिलाओं को बदनाम करना, ब्लैकमेल करना या चुप कराना होता है. अलीना आमिर के पास अपनी बात रखने का मंच है, लेकिन ऐसी ही प्रताड़ना झेलने वाली अनगिनत महिलाएं आवाज नहीं उठा पातीं.

 ‘वायरल MMS’ लिंक पर क्लिक करना क्यों है खतरनाक?

साइबर एक्सपर्ट्स लगातार चेतावनी देते रहे हैं कि वायरल या लीक वीडियो से जुड़े अनजान लिंक पर क्लिक न करें. ऐसे लिंक अक्सर:

  • मैलवेयर फैलाते हैं
  • निजी जानकारी चुराते हैं
  • बैंकिंग ऐप्स तक पहुंच बना लेते हैं
  • सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर लेते हैं

अक्सर लोग कुछ ऐसा देखने के चक्कर में पैसा और डेटा दोनों गंवा बैठते हैं, जो असल में होता ही नहीं.

 फर्जी लिंक की पहचान कैसे करें?

अगर किसी लिंक में ये संकेत दिखें, तो सतर्क हो जाएं:

  •  तुरंत क्लिक करने का दबाव
  •  URL में स्पेलिंग की गलतियां
  • अजीब या अनजान डोमेन
  • फाइल डाउनलोड या लॉगिन की मांग

क्या Alina Amir का Viral MMS Video असली है या नकली?

अलीना आमिर खुद स्पष्ट कर चुकी हैं कि उनके नाम से वायरल हो रहा MMS वीडियो पूरी तरह फर्जी है. यह AI डीपफेक तकनीक से बनाया गया है और इसमें वे नहीं हैं.कोई भी ‘ओरिजिनल’ या ‘असली’ MMS वीडियो मौजूद नहीं है. ऐसे सभी लिंक सिर्फ भ्रम फैलाने और लोगों को फंसाने के लिए बनाए गए हैं.

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