Israel Iran US War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (5 अप्रैल, 2026) को कहा कि ईरान द्वारा एक F-15E स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान को मार गिराए जाने के बाद लापता हुए एक अमेरिकी सैनिक को एक बचाव अभियान में ढूंढ लिया गया है, जिसमें दर्जनों विमान शामिल थे. ट्रंप ने एक बयान में कहा कि पिछले कुछ घंटों में अमेरिकी सेना ने अमेरिकी इतिहास के सबसे साहसी खोज और बचाव अभियानों में से एक को अंजाम दिया है
इसके अलावा उन्होंने कहा कि वह सैनिक घायल था, लेकिन वह पूरी तरह ठीक हो जाएगा. चालक दल का वह सदस्य, जिसे ट्रंप ने कर्नल बताया, F-15 विमान का दूसरा सदस्य था. ईरान ने शुक्रवार को दावा किया था कि उसके हवाई सुरक्षा तंत्र ने इस विमान को मार गिराया था.
अमेरिकी सैनिक को ईरान से कैसे बचाया गया?
शुक्रवार को F-15E स्ट्राइक ईगल विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद अमेरिका ने बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान शुरू किया. इसी बीच, ईरान ने भी घोषणा की कि जो कोई भी दुश्मन पायलट को उनके हवाले करेगा, उसे इनाम दिया जाएगा. इस संघर्ष के दौरान यह पहली बार था जब ईरान के ऊपर किसी अमेरिकी विमान को मार गिराया गया था. युद्ध की शुरुआत में कुवैत के हवाई सुरक्षा तंत्र द्वारा फ्रेंडली फायर (गलती से अपनी ही सेना पर हमला) की एक घटना में तीन F-15 विमान गलती से मार गिराए गए थे.
ट्रंप ने क्या लिखा?
ट्रंप ने लिखा कि यह बहादुर योद्धा ईरान के खतरनाक पहाड़ों में दुश्मन की सीमा के भीतर फंसा हुआ था. हमारे दुश्मन उसका लगातार पीछा कर रहे थे और हर गुजरते घंटे के साथ वे उसके और करीब पहुंचते जा रहे थे. वर्तमान और पूर्व दोनों तरह के अमेरिकी अधिकारियों ने ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ को बताया कि वह सैनिक (एविएटर) एक ‘वेपन्स सिस्टम ऑफिसर’ है. गौरतलब है कि अमेरिकी नौसेना के SEAL (सी, एयर और लैंड) टीम 6 के कमांडो ने इस बचाव अभियान को अंजाम दिया. यह एक बड़े पैमाने का अभियान था जिसमें सैकड़ों विशेष अभियान बल और अन्य सैन्यकर्मी शामिल थे.
ईरान के लोगों ने की मदद?
अधिकारी ने बताया कि सीआईए ने बाद में उसकी ठीक-ठीक जगह पेंटागन, US सेना और व्हाइट हाउस के साथ शेयर की. इसके बाद ट्रंप ने तुरंत बचाव अभियान शुरू करने का आदेश दिया. F-15E लड़ाकू विमान ईरान के उस हिस्से में गिराया गया था, जहां ईरानी सरकार का काफी विरोध होता है. रिपोर्टों से पता चलता है कि उस एयरमैन को शायद वहां के लोगों से मदद और पनाह मिली होगी.
बचाव अभियान
अधिकारियों ने Axios को बताया कि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी बचाव अभियान को रोकने की कोशिश में उस इलाके में अपनी सेना तैनात कर दी थी. हालांकि, उन्होंने आगे बताया कि अमेरिकी एयर फोर्स के विमानों ने ईरानी सेना पर हमले किए ताकि उन्हें उस जगह तक पहुँचने से रोका जा सके. एक सीनियर अमेरिकी सेना अधिकारी ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि सभी कमांडो और वेपन सिस्टम ऑफिसर सुरक्षित लौट आए. बाद में एक बचाव विमान घायल एयरमैन को इलाज के लिए कुवैत ले गया.