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अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के बीच दुनिया की नजर किम जोंग उन पर, वह कौन है? जानें उनकी ताकत और प्रभाव

Kim Jong Un: दुनिया के सबसे चर्चित नेताओं में से एक किम जोंग उन का नाम फिर चर्चा में है. मिडिल ईस्ट तनाव के बीच उनकी ताकत, प्रभाव, नेतृत्व और उत्तर कोरिया की सैन्य क्षमता कितना काम आ सकता है.

Written By: Vipul Tiwary
Last Updated: March 5, 2026 16:48:03 IST

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Kim Jong Un: अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध और तनाव के बीच उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन का नाम भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाओं में बार-बार सामने आ रहा है. युद्ध में जितने देश शामिल हैं और नहीं है, उनके सामने एक ही बात आ रही है कि ऐसे वैश्विक संकट के दौरान उत्तर कोरिया की भूमिका क्या और कितनी प्रभावी हो सकती है. आखिर उसकी सैन्य ताकत कितनी प्रभावशाली है. 

वैश्विक राजनीति में विवादास्पद शक्ति

अपने परमाणु हथियारों और लंबी दूरी वाले मिसाइलों के कारण उत्तर कोरिया लंबे समय से वैश्विक राजनीति में अहम और विवादास्पद शक्ति की तरह उभरा हुआ है. ऐसे में आइए जानते हैं, किम जोंग उन कौन हैं, उनका प्रभाव कितना है, उनकी इतनी चर्चा क्यों होती है और सैन्य क्षमता कितनी मजबूत है.

किम जोंग उन वह कौन है?

किम जोंग-उन उत्तर कोरिया के राजनीतिक अधिकारी हैं, जिन्होंने अपने पिता किम जोंग-इल की मृत्यु के बाद दिसंबर 2011 में सत्ता संभाली थी और कोरियन वर्कर्स पार्टी के पहले सचिव का पद संभाला है. उनके शासनकाल के शुरुआती वर्षों में सत्ता का केंद्रीकरण हुआ है और उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार कार्यक्रम में तीव्र वृद्धी देखी गई है. सत्ता संभालने से पहले वे 4 स्टार जनरल के पद पर थे.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी आलोचना हुई

किम जोंग उन के शासन ने उनके परिवार द्वारा स्थापित तानाशाही नीतियों को जारी रखा है, जिनमें असहमति का दमन और उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार कार्यक्रम को आगे बढ़ाने पर जोर देना शामिल है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी आलोचना हुई.

अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ तनावपूर्ण संबंध

किम जोंग-उन के नेतृत्व में सैन्य तनाव में बढ़ोतरी देखी गई है, जिसमें कई न्यूक्लियर टेस्ट शामिल हैं, और कूटनीति के प्रयास भी किए गए हैं. खास कर 2018 में दक्षिण कोरिया और संयुक्त राज्य अमेरिका के नेताओं के साथ ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन किए गए. इन कूटनीतिक पहलों के बावजूद, अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ संबंध तनावपूर्ण बने हैं. विशेषकर जब से उन्होंने एक आक्रामक सैन्य एजेंडा अपनाया है.

नॉर्थ कोरिया में हो रहे हैं चुनाव

नॉर्थ कोरिया इस महीने अपनी राष्ट्रीय सभा के लिए प्रतिनिधियों का चुनाव करेगा. वहां की सरकारी मीडिया ने 4 मार्च 2026 को यह जानकारी दी है. यह चुनाव सत्तारूढ़ पार्टी की हाल ही में हुई बड़ी बैठक के बाद हो रहा है. इस चुनाव में ध्यान इस बात पर रहेगा कि क्या नेता किम जोंग उन को राष्ट्रपति बनाया जाएगा. यह देश का सबसे ऊंचा सरकारी पद है, जो पहले देश के संस्थापक और किम के दिवंगत दादा किम इल सुंग के लिए रिजर्व रखा गया था.

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Written By: Vipul Tiwary
Last Updated: March 5, 2026 16:48:03 IST

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Kim Jong Un: अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध और तनाव के बीच उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन का नाम भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाओं में बार-बार सामने आ रहा है. युद्ध में जितने देश शामिल हैं और नहीं है, उनके सामने एक ही बात आ रही है कि ऐसे वैश्विक संकट के दौरान उत्तर कोरिया की भूमिका क्या और कितनी प्रभावी हो सकती है. आखिर उसकी सैन्य ताकत कितनी प्रभावशाली है. 

वैश्विक राजनीति में विवादास्पद शक्ति

अपने परमाणु हथियारों और लंबी दूरी वाले मिसाइलों के कारण उत्तर कोरिया लंबे समय से वैश्विक राजनीति में अहम और विवादास्पद शक्ति की तरह उभरा हुआ है. ऐसे में आइए जानते हैं, किम जोंग उन कौन हैं, उनका प्रभाव कितना है, उनकी इतनी चर्चा क्यों होती है और सैन्य क्षमता कितनी मजबूत है.

किम जोंग उन वह कौन है?

किम जोंग-उन उत्तर कोरिया के राजनीतिक अधिकारी हैं, जिन्होंने अपने पिता किम जोंग-इल की मृत्यु के बाद दिसंबर 2011 में सत्ता संभाली थी और कोरियन वर्कर्स पार्टी के पहले सचिव का पद संभाला है. उनके शासनकाल के शुरुआती वर्षों में सत्ता का केंद्रीकरण हुआ है और उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार कार्यक्रम में तीव्र वृद्धी देखी गई है. सत्ता संभालने से पहले वे 4 स्टार जनरल के पद पर थे.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी आलोचना हुई

किम जोंग उन के शासन ने उनके परिवार द्वारा स्थापित तानाशाही नीतियों को जारी रखा है, जिनमें असहमति का दमन और उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार कार्यक्रम को आगे बढ़ाने पर जोर देना शामिल है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी आलोचना हुई.

अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ तनावपूर्ण संबंध

किम जोंग-उन के नेतृत्व में सैन्य तनाव में बढ़ोतरी देखी गई है, जिसमें कई न्यूक्लियर टेस्ट शामिल हैं, और कूटनीति के प्रयास भी किए गए हैं. खास कर 2018 में दक्षिण कोरिया और संयुक्त राज्य अमेरिका के नेताओं के साथ ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन किए गए. इन कूटनीतिक पहलों के बावजूद, अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ संबंध तनावपूर्ण बने हैं. विशेषकर जब से उन्होंने एक आक्रामक सैन्य एजेंडा अपनाया है.

नॉर्थ कोरिया में हो रहे हैं चुनाव

नॉर्थ कोरिया इस महीने अपनी राष्ट्रीय सभा के लिए प्रतिनिधियों का चुनाव करेगा. वहां की सरकारी मीडिया ने 4 मार्च 2026 को यह जानकारी दी है. यह चुनाव सत्तारूढ़ पार्टी की हाल ही में हुई बड़ी बैठक के बाद हो रहा है. इस चुनाव में ध्यान इस बात पर रहेगा कि क्या नेता किम जोंग उन को राष्ट्रपति बनाया जाएगा. यह देश का सबसे ऊंचा सरकारी पद है, जो पहले देश के संस्थापक और किम के दिवंगत दादा किम इल सुंग के लिए रिजर्व रखा गया था.

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