मिस्र के एक रेस्तरां का वायरल विज्ञापन विवादों में घिर गया है, जिसमें ईरान के तेल अविव पर हमलों के वास्तविक फुटेज को खाना पकाने के दृश्यों के साथ जोड़ा गया.
यह विज्ञापन अहमद नादा (हाती अहमद नादा) नामक लोकप्रिय मिस्र के होटल चेन का है, जो ग्रिल्ड व्यंजन, ट्रे और पारंपरिक ताजिन के लिए जाना जाता है. सोशल मीडिया एक्स पर वायरल इस वीडियो को लेकर लोगों की प्रतिक्रियाएं बंटी हुई हैं.
विवादास्पद विज्ञापन का विवरण
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच यह प्रचार अभियान ईरान के हालिया तेल अविव हमलों से प्रेरित बताया जा रहा है. वीडियो में मिसाइल हमलों के वास्तविक फुटेज दिखाए जाते हैं, जहां विस्फोटों की लपटें धीरे-धीरे एक जलते हुए पैन में बदल जाती हैं, जिसमें मांस और सब्जियां तलती नजर आती हैं. कर्मचारियों की यूनिफॉर्म से साफ पता चलता है कि यह अहमद नादा रेस्तरां का विज्ञापन है.
यह ट्रांजिशन युद्ध की भयावहता को व्यावसायिक प्रचार से जोड़ने के लिए आलोचकों ने इसे असंवेदनशील करार दिया. वीडियो एक्स पर तेजी से वायरल हो गया, जिसे @A_M_R_M1 अकाउंट्स ने शेयर किया. बता दें कि मिस्र अमेरिका के साथ रणनीतिक साझेदार है, इजरायल के साथ शीत शांति रखता है और ईरान के साथ सतर्क संबंध है.
🚨 An Egyptian restaurant launches a promotional campaign inspired by the intense Iranian strikes on Tel Aviv. 🍽️🔥 pic.twitter.com/ncpiDLb31Q
— The Middle East (@A_M_R_M1) March 5, 2026
सोशल मीडिया पर बंटी प्रतिक्रियाएं
एक्स पर यूजर्स की राय दो हिस्सों में बंटी हुई है. कुछ आलोचकों ने इसे संवेदनहीन बताया. एक यूजर ने लिखा, “कभी किसी के बुरे समय का मजाक न उड़ाओ, क्योंकि तुम्हें नहीं पता कब तुम्हारा समय आए.” वहीं दूसरे यूजर ने लिखा, “ये नस्लवादी इसे मजाक समझते हैं. उनका समय आएगा.” एक और यूजर ने सुझाव देते हुए कमेंट किया, ‘रेस्तरां को शर्म एल शेख में शरण लेने वाले इजरायली नागरिकों को खाना खिलाना चाहिए’
वहीं दूसरी तरफ कुछ यूजर्स ने रचनात्मकता की तारीफ की. एक ने मजाक में लिखा, “अब ये रेस्तरां तो जाऊंगा ही!” वहीं दूसरे ने लिखा, “अगर गंध आए… तो समझ लो ईरान खाना बना रहा है!” कई लोगों ने कमेंट में इच्छा जताई कि काश उनके शहर में इस होटल की एक ब्रांच हो.
यह घटना मार्केटिंग की सीमाओं पर बहस छेड़ती है. युद्ध जैसे संवेदनशील मुद्दों को प्रचार से जोड़ना ब्रांड की छवि बिगाड़ सकता है. हालांकि वायरल होने से ब्रांड को विजिबिलिटी मिली, लेकिन बैकलैश का बुरा प्रभाव भी पड़ सकता है.