Iran Protest: अली खामेनेई की सरकार ने ईरान में पांच दिन से चल रही अशांति के लिए पश्चिमी देशों के विरोध प्रदर्शनों को ज़िम्मेदार ठहराया है. खामेनेई की सेना से जुड़ी इंटेलिजेंस एजेंसी ने मीडिया को कुछ सबूत दिए हैं, जिनमें बॉर्डर पार से लाए गए हथियार और बागी एजेंट शामिल हैं. ईरान का दावा है कि पश्चिमी देश इस आंदोलन की आड़ में इस्लामिक शासन को उखाड़ फेंकने की कोशिश कर रहे हैं.
तस्नीम न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, खामेनेई सेना ने अमेरिका और इज़राइल के कहने पर विरोध प्रदर्शनों को भड़काने वाले सात लोगों को गिरफ्तार किया है. ईरान का कहना है कि वह किसी भी कीमत पर विरोध प्रदर्शनों को कामयाब नहीं होने देगा.
बॉर्डर पार से भेजे गए हथियार
ईरान की इंटेलिजेंस एजेंसी ने प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा इस्तेमाल की गई 100 बंदूकें बरामद की हैं. इंटेलिजेंस एजेंसी का कहना है कि ये सभी बंदूकें बॉर्डर पार से आई थीं. वे उन लोगों की तलाश कर रहे हैं जिन्होंने इन हथियारों की ईरान में तस्करी की.
ईरान का दावा है कि ईरान में हथियारों की तस्करी करके सरकार को परेशान करने की कोशिश की जा रही है. इंटेलिजेंस एजेंसी का कहना है कि ये सभी हथियार पश्चिमी देशों से भेजे गए थे.
🔴Chants of JAVID SHAH all across Iran during these protests.
Please share so the world no longer can deny what the people of Iran want. This will shut up every Islamic Republic mouthpiece, agent, reformist, and puppet of the I.R Brotherhood. pic.twitter.com/BZaRGvQHfP
— Savakzadeh (@Savakzadeh) December 31, 2025
7 एजेंट गिरफ्तार
ईरान ने 7 एजेंट गिरफ्तार किए हैं. मेहर न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों में से 5 अमेरिका में मौजूद राजशाही ग्रुप्स के संपर्क में थे, और 2 दूसरे यूरोप में मौजूद विरोधी ग्रुप्स से जुड़े थे. सभी से आगे पूछताछ की जा रही है. ईरानी सरकार राजशाही नेटवर्क को खत्म करने के लिए काम कर रही है.
Protests continued well into the night inside Iran, as seen here in 1. Isfahan 2. smashing down gates of a governmental building in Fars province and 3. the seizure and burning of a Basij headquarters in Asadabad, Hamadan last night. Most significantly however in 4. Baghmalek,… pic.twitter.com/OVCRfLXwbx
— Omid Djalili (@omid9) January 1, 2026
खामेनेई के सलाहकार जनरल हुसैन अश्तरी के मुताबिक, ईरान के खिलाफ एक बड़ी साज़िश रची जा रही है. इसे समझने की ज़रूरत है. अश्तरी ने आगे कहा, “हमें दुश्मन की साज़िशों को समझने की ज़रूरत है, जो ‘अधिकार’ जैसे नारों के पीछे छिपी हैं. सभी को देश की एकता बनाए रखनी चाहिए और समाज में फूट डालने से बचना चाहिए. यही आज के समय की ज़रूरत है.”
ईरान में विरोध प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं?
शुरू में व्यापारियों ने ईरान में पानी की कमी और बढ़ती महंगाई को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया था. धीरे-धीरे, छात्र और महिलाएं भी विरोध प्रदर्शनों में शामिल हो गए. ईरानी सरकार का कहना है कि विरोध प्रदर्शन शुरू में मुद्दों पर आधारित थे, लेकिन अब एक आंदोलन बन गए हैं. ईरान को डर है कि विरोध प्रदर्शन उसकी सरकार को गिरा सकते हैं. 1953 में, CIA ने ईरान में इसी तरह का तख्तापलट किया था.