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बलूच विद्रोहियों से परेशान पाकिस्तान, सेना ने 150 से ज्यादा को उतारा मौत के घाट, जनवरी में झड़पों में मरने वालों की संख्या में भारी बढ़ोतरी

Pakistan Attack: पाकिस्तान के बलूचिस्तान में शनिवार की सुबह क्वेटा, मस्तंग, नुश्की, दलबांदिन, खारान, पंजगुर, तुम्प, ग्वादर और पसनी सहित 12 शहरों में बलूच विद्रोहियों ने समन्वित हमले कर लोगों को निशाना बनाया था. इसके बाद सेना ने 177 बलूच विद्रोहियों को मार गिराया है.

Written By: Hasnain Alam
Last Updated: February 2, 2026 20:46:30 IST

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Balochistan Terrorist Attack: पाकिस्तान के बलूचिस्तान में पिछले कई दिनों से सेना और विद्रोहियों में झड़प जारी है. बलूचिस्तान में कई जगहों पर आतंकवादी हमलों के बाद सुरक्षा बलों ने 22 और बलूच विद्रोहियों को मार गिराया है. इसके साथ ही पिछले दो दिनों में मारे गए बलूच विद्रोहियों की संख्या 177 हो गई है. इससे पहले सुरक्षाबलों ने बीते शनिवार को कम से कम 58 विद्रोहियों को मार गिराया था.

पाक सेना ने आतंकवाद रोधी अभियान तब शुरू किया था, जब जातीय बलूच समूहों से संबंधित विद्रोहियों, जिनमें दो महिला आत्मघाती हमलावर भी शामिल थीं, ने शनिवार की सुबह क्वेटा, मस्तंग, नुश्की, दलबांदिन, खारान, पंजगुर, तुम्प, ग्वादर और पसनी सहित 12 शहरों में समन्वित हमले कर लोगों को निशाना बनाया था.

सुरक्षाबलों और पुलिस के 10 जवान भी शहीद

इसके बाद विद्रोहियों के साथ झड़प के दौरान सुरक्षाबलों और पुलिस के 10 जवान भी शहीद हो गए थे. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक विद्रोहियों ने ग्वादर में एक बलूच मजदूर के परिवार के पांच सदस्यों को भी मार डाला, जिसमें एक महिला और तीन बच्चे शामिल थे.

बता दें कि पाकिस्तानी सेना की ओर से ये दावे ऐसे समय में किए जा रहे हैं, जब लगातार मानवाधिकार संगठनों ने बलूचिस्तान में न्यायेतर हत्याएं, जबरन गिरफ्तार करने और गायब किए जाने की घटनाओं का खुलासा किया है.

मानवाधिकार संगठनों का क्या है कहना?

मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि पाकिस्तान सरकार सेना के साथ मिलकर मानवाधिकार के उल्लंघन के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ताओं को बेवजह गिरफ्तार कर रही है. राजनीति से प्रेरित कार्रवाई की जा रही है और मानवाधिकार संगठन के कार्यकर्ताओं को जानबूझकर जेल में कैद रखा जा रहा है.

दूसरी तरफ पाकिस्तान में पिछले महीने की तुलना में जनवरी 2026 में संघर्ष से जुड़ी मौतों में 43 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, क्योंकि देश में राष्ट्र-विरोधी हिंसा में एक बार फिर तेजी देखी गई. यह जानकारी एक विचारक संस्था (थिंक टैंक) द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों से मिली है.

जनवरी में झड़पों में मारे गए 361 लोग

इस्लामाबाद स्थित ‘पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज’ (पीआईसीएसएस) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार जनवरी में देश भर में कुल 361 लोग मारे गए, जिनमें 242 आतंकवादी, 73 नागरिक और 46 सुरक्षा बल के जवान शामिल हैं.

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बलूच विद्रोहियों से परेशान पाकिस्तान, सेना ने 150 से ज्यादा को उतारा मौत के घाट, जनवरी में झड़पों में मरने वालों की संख्या में भारी बढ़ोतरी

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Written By: Hasnain Alam
Last Updated: February 2, 2026 20:46:30 IST

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Balochistan Terrorist Attack: पाकिस्तान के बलूचिस्तान में पिछले कई दिनों से सेना और विद्रोहियों में झड़प जारी है. बलूचिस्तान में कई जगहों पर आतंकवादी हमलों के बाद सुरक्षा बलों ने 22 और बलूच विद्रोहियों को मार गिराया है. इसके साथ ही पिछले दो दिनों में मारे गए बलूच विद्रोहियों की संख्या 177 हो गई है. इससे पहले सुरक्षाबलों ने बीते शनिवार को कम से कम 58 विद्रोहियों को मार गिराया था.

पाक सेना ने आतंकवाद रोधी अभियान तब शुरू किया था, जब जातीय बलूच समूहों से संबंधित विद्रोहियों, जिनमें दो महिला आत्मघाती हमलावर भी शामिल थीं, ने शनिवार की सुबह क्वेटा, मस्तंग, नुश्की, दलबांदिन, खारान, पंजगुर, तुम्प, ग्वादर और पसनी सहित 12 शहरों में समन्वित हमले कर लोगों को निशाना बनाया था.

सुरक्षाबलों और पुलिस के 10 जवान भी शहीद

इसके बाद विद्रोहियों के साथ झड़प के दौरान सुरक्षाबलों और पुलिस के 10 जवान भी शहीद हो गए थे. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक विद्रोहियों ने ग्वादर में एक बलूच मजदूर के परिवार के पांच सदस्यों को भी मार डाला, जिसमें एक महिला और तीन बच्चे शामिल थे.

बता दें कि पाकिस्तानी सेना की ओर से ये दावे ऐसे समय में किए जा रहे हैं, जब लगातार मानवाधिकार संगठनों ने बलूचिस्तान में न्यायेतर हत्याएं, जबरन गिरफ्तार करने और गायब किए जाने की घटनाओं का खुलासा किया है.

मानवाधिकार संगठनों का क्या है कहना?

मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि पाकिस्तान सरकार सेना के साथ मिलकर मानवाधिकार के उल्लंघन के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ताओं को बेवजह गिरफ्तार कर रही है. राजनीति से प्रेरित कार्रवाई की जा रही है और मानवाधिकार संगठन के कार्यकर्ताओं को जानबूझकर जेल में कैद रखा जा रहा है.

दूसरी तरफ पाकिस्तान में पिछले महीने की तुलना में जनवरी 2026 में संघर्ष से जुड़ी मौतों में 43 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, क्योंकि देश में राष्ट्र-विरोधी हिंसा में एक बार फिर तेजी देखी गई. यह जानकारी एक विचारक संस्था (थिंक टैंक) द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों से मिली है.

जनवरी में झड़पों में मारे गए 361 लोग

इस्लामाबाद स्थित ‘पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज’ (पीआईसीएसएस) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार जनवरी में देश भर में कुल 361 लोग मारे गए, जिनमें 242 आतंकवादी, 73 नागरिक और 46 सुरक्षा बल के जवान शामिल हैं.

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