अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट: डोनाल्ड ट्रंप को एक बड़ा कानूनी झटका देते हुए अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (20 फरवरी, 2026) को उनके बड़े ग्लोबल टैरिफ सिस्टम के खिलाफ 6-3 से फैसला सुनाया. इस फैसले के सामने आने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जजों पर जमकर निशाना साधा. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जजों को देश के लिए शर्म की बात कहा और उन पर विदेशी हितों और छोटे राजनीतिक आंदोलनों से प्रभावित होने का आरोप लगाया.
इसके अलावा, ट्रंप ने दावा किया कि ट्रेड एक्सपेंशन एक्ट 1962 समेत कम से कम तीन कानून उन्हें जरूरत पड़ने पर ज्यादा टैरिफ लगाने की इजाजत देते हैं.
अमेरिकी मार्केट ने कैसे किया रिएक्ट?
ज़्यादातर लोगों ने माना कि इंपोर्ट ड्यूटी को सही ठहराने के लिए इस्तेमाल किया गया कानून प्रेसिडेंट को टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं देता. जिससे कई देशों पर लगाए गए एकतरफा उपायों को असल में अमान्य कर दिया गया. हालांकि, कोर्ट ने इस पर कोई बात नहीं की कि प्रभावित पक्ष टैरिफ रिफंड के लिए योग्य होंगे या नहीं. इस फैसले का ट्रेड पॉलिसी में एग्जीक्यूटिव अथॉरिटी पर बड़े असर पड़ सकते हैं और यह भविष्य में टैरिफ कार्रवाई को कंट्रोल करने वाले कानूनी ढांचे को नया रूप दे सकता है. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अमेरिकी मार्केट ने काफी पॉजिटिव रिस्पॉन्स दिया. जिसके बाद S&P 500 0.69% चढ़ा, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 0.9% बढ़ा और डॉव जोन्स 230.81 पॉइंट्स की बढ़ोतरी देखी गई.
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, ट्रंप की ट्रेड पॉलिसी क्यों ठहराई गई अवैध? आगे क्या करेंगे US राष्ट्रपति?
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर क्या असर पड़ेगा?
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इंडिया-अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट में कोई बदलाव नहीं होगा, हालांकि उन्होंने इमरजेंसी टैरिफ पावर के इस्तेमाल को सीमित करने के लिए अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की कड़ी आलोचना की. उन्होंने संकेत दिया कि जो ट्रेड डील टिक नहीं पाएंगी, उन्हें नए टैरिफ से बदल दिया जाएगा, जिससे ग्लोबल ट्रेड टेंशन का एक और दौर शुरू होने की संभावना बढ़ गई है.
इसके अलावा, ट्रंप ने आगे कहा कि कुछ ट्रेड डील टिकी रहेंगी, जो नहीं टिकेंगी, उन्हें नए टैरिफ से बदल दिया जाएगा और दो बार कहा कि इंडिया के साथ ट्रेड एग्रीमेंट में कुछ भी नहीं बदलेगा. उन्होंने ट्रेड के मामले में एक थोड़ा उलटफेर भी बताया. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका अब इंडिया को टैरिफ नहीं दे रहा है, जबकि इंडिया अमेरिका को टैरिफ दे रहा है. हालांकि, उन्होंने आगे कहा कि इंडिया के साथ मेरे रिश्ते बहुत अच्छे हैं.