TikToker Alina Amir Appeals for Justice Against Deepfake Abuse: अब क्या जमाना आ गया है. एक दौर था जहां हर चीज साधारण नज़र आया करती थी लेकिन अब वह दौर है जहां असली और नकली की पहचान करना बेहद ही मुश्किल हो गया है. सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो ने लोगों का ध्यान बेहद ही तेजी से खींचा है, जिसको लेकर चारों तरफ खूब चर्चा की जा रही है. वायरल वीडियो के मुताबिक, टिकटॉकर अलीना अमीर के ‘एमएमएस’ (MMS) के वायरल होने के बाद, उन्होंने एक आधिकारिक बयान जारी कर वीडियो को पूरी तरह से गलत ठहराया है. जिसपर उन्होंने साफ-साफ शब्दों में कहा है कि वीडियो में वे नहीं, बल्कि उनके चेहरे का दुरुपयोग किया गया है. इतना ही नहीं उन्होंने आगे बताया कि डीपफेक (Deepfake) तकनीक का परिणाम है, जिसका उद्देश्य उनकी छवि को खराब करना है बल्कि उन्हें मानसिक रूप से पूरी तरह से प्रताड़ित भी किया जा रहा है.
डीपफेक का किया गया गलत इस्तेमाल
डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल अब मनोरंजन से कहीं ज्यादा छवि खराब करने के लिए काफी तेजी से किया जा रहा है. तो वहीं, अलीना के मामले में, उनके चेहरे के फीचर्स, हाव-भाव और स्किन टोन को इतनी बारीकी से कॉपी किया गया कि आम दर्शक के लिए असली और नकली में अंतर करना बेहद ही मुश्किल हो गया है. इसके अलावा उन्होंने वायरल वीडियो पर बयान देते हुए कहा कि यह एआई (AI) टूल का इस्तेमाल करके उनके चेहरे को किसी दूसरे वीडियो से मिला दिया गया है.
मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक बहिष्कार
एक महिला के लिए ऐसी स्थिति बेहद ही परेशान करने वाली होती है. उन्होंने आगे जानकारी देते हुए बताया कि इस डीपफेक वीडियो के माध्यम से उन्हें सोशल मीडिया पर न सिर्फ ऑनलाइन ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा, बल्कि उनके निजी रिश्तों और मानसिक शांति पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा. इतना ही नहीं उन्होंने इसको “डिजिटल लिंचिंग” का एक नया और बेहद ही डरवाना रूप भी बताया है.
वीडियो को लेकर की एफआईए से अपील
इतना ही नहीं, उन्होंने तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो को लेकर पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी (FIA) के साइबर क्राइम विंग से संपर्क करने की कोशिश भी की और इसके साथ ही उन अकाउंट्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की है जिन्होंने इस फर्जी कंटेंट को बढ़ावा देकर सोशल मीडिया पर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की. इसके अलावा इस हैरान करने वाली घटना के बाद कई लोगों ने और उनके साथ काम करने वाले साथी क्रिएटर्स ने उनके पक्ष में खड़े होकर “डिजिटल बदमाशी” (Cyberbullying) के खिलाफ जमकर आवाज उठा रहे हैं.