World’s largest 600-year-old ‘super ship’ discovered: समुद्र की गहराइयों ने एक बार फिर से इतिहास के एक ऐसे पन्ने को खोला है जिसने हर किसी को पूरी तरह से हैरान कर दिया खासतौर से वैज्ञानिकों के साथ-साथ इतिहासकार की रातों की नींद उड़ गई है. आखिर क्या है पूरा मामला जानने के लिए पूरी खबर पढ़िए.
600 साल पुराने जहाज ने उड़ाए होश
इतिहास के जितने पन्नों को खोलने की कोशिश की जाए उतने पन्ने न सिर्फ चौंकाने वाले लगते हैं बल्कि अपने आप में ही एक अलग तरह से जिज्ञासा पैदा करने का काम करते हैं. डेनमार्क के कोपेनहेगन तट के पास, समुद्र तल से लगभग 43 फीट नीचे, दुनिया का सबसे बड़ा और 600 साल पुराना ‘कॉग’ (Cog) जहाज खोजा गया है. तो वहीं, दूसरी तरफ इस जहाज को शोधकर्ताओं ने ‘सुपर शिप’ का नाम दिया है. वह इसलिए क्योंकि इसका विशालकाय ढांचा और निर्माण तकनीक बिल्कुल वैसी ही है जैसा कि सदियों पुराने ऐतिहासिक चित्रों में देखने को मिलता है.
इतिहास का जीवित गवाह: ‘स्वेलगेट 2’
इसके अलावा इस जहाज को ‘स्वेलगेट 2’ (Svælget 2) नाम दिया गया है. जानकारी के मुताबिक, कार्बन डेटिंग और पेड़ों के छल्लों के विश्लेषण (Dendrochronology) से अब तक यह पता चला है कि इसे 1410 ईस्वी के आसपास बनाया गया था. दरअसल, यह जहाज लगभग 92 फीट लंबा और 30 फीट चौड़ा है, जिसकी भार ढोने की क्षमता 300 टन से भी ज्यादा थी. लेकिन, उस दौर में यह आकार किसी आधुनिक कार्गो जहाज से कम नहीं था.
प्राचीन चित्रों से की गई मिलाने की कोशिश
इस जहाज के खोज के बाद ज्यादातर पुराने चित्रों में जहाजों के ऊंचे ‘कैसल’ यानी ऊपरी हिस्से देखने को मिलते थे. तो वहीं, ‘स्वेलगेट 2’ में ये हिस्से बिल्कुल उसी तरह मौजूद मिले हैं, जैसा चित्रों में देखने को मिलता था. इसके साथ ही रेत और गाद की परतों ने इसे 600 सालों तक ऑक्सीजन से बचाकर रखा, जिससे इसकी लड़कियां, रस्सियां और यहां तक कि नाविकों के जूते और कंघियां भी सुरक्षित पाई गई हैं.