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सहपाठियों ने दुनिया को दिखाया दोस्ती का दम, चमत्कार को देखने के बाद डॉक्टर भी रह गए दंग

यह घटना दोस्ती (Friendship Bond) की उस शक्ति को दर्शाती है जिसे विज्ञान (Scientist) भी पूरी तरह से आज तक नहीं समझ पाया है. जहां एक 8 साल का मासूम 55 दिनों बाद कोमा (Coma) से बाहर आया है.

Written By: Darshna Deep
Last Updated: January 30, 2026 17:32:33 IST

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Chinese boy in coma: विज्ञान और चिकित्सा की दुनिया में कई बार ऐसी घटनाएं घट जाती हैं, जिन्हें डॉक्टर खुद ‘चमत्कार’ का नाम देते हैं. ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला या फिर यूं कह सकते हैं कि दिल छू लेने वाली घटना चीन से सामने आई है. जिसने न सिर्फ लोगों को भावुक किया बल्कि यह सोचने पर पूरी तरह से मजबूर कर दिया कि क्या सच में ऐसा भी हो सकता है क्या. आखिर क्या है पूरा मामला जानने के लिए पूरी खबर पढ़िए. 

आखिर क्या है दिल छूने वाला मामला?  

दरअसल, एक बच्चा गंभीर दुर्घटना के बाद कोमा (Coma) में चला गया था. जहां, 55 दिनों तक अस्पताल के बिस्तर पर ही बच्चा बेजान पड़ा हुआ था. डॉक्टरों के तमाम कोशिशों के बाद भी बच्चे के मस्तिष्क में किसी भी तरह की कोई हलचल नहीं हो रही थी. इतना ही नहीं, मेडिकल टीम के लिए यह स्थिति बेहद ही निराशाजनक हो रही थी कि लाख कोशिशों के बाद भी बच्चे के मस्तिष्क किसी भी तरह की हलचन नहीं होना पूरी टीम के लिए एक बड़ी परेशानी बन चुकी थी. 

सहपाठियों की अनोखी पहल ने जीता दिल

जब चिकित्सा के लाख कोशिश फेल होने पर बच्चे के सहपाठियों और शिक्षकों ने वो कर दिखाया जिसकी किसी ने भी कभी कल्पना नहीं होगी. सहपाठियों और शिक्षकों ने एक भावुक कोशिश करने का फैसला किया. जहां, दोस्तों ने अपने प्रिय साथी के लिए खास संदेश रिकॉर्ड किए, जिसमें उन्होंने साथ खेलने और स्कूल लौटने की कई सारी बातें दर्ज की जा रही थी. इसके अलावा सहपाठियों ने उसे अपनी पसंदीदा कविताओं, हंसी-मजाक और स्कूल की प्रार्थनाओं को याद कर क्लासरूम की याद दिलाने की भी कोशिश की.  सबसे अच्छी बात तो यह है कि बच्चे के दोस्त अस्पताल जाकर उसके कान में धीरे से फुसफुसाते थे, ‘उठ जाओ, हमें साथ खेलना है’.  सहपाठियों और शिक्षकों की कोशिश से डॉक्टरों को भी बच्चे के कोमा से बाहर आने की उम्मीद जागने लगी थी. 

कोमा से बाहर आने का दिखा अनोखा ‘चमत्कार’

लगातार 55 दिनों तक अपने दोस्तों की आवाजें सुनने के बाद, एक दिन अचानक बच्चे की उंगलियों में हलचल देखने को मिली.  हलचल देखते ही डॉक्टरों के पैरों तले ज़मीन खिसक गई थी. इस अनोखे ‘चमत्कार’ को देखने के बाद न्यूरोलॉजिस्ट्स का मानना है कि दोस्तों की जानी-पहचानी आवाजों ने उसके मस्तिष्क के उन हिस्सों को उत्तेजित (Stimulate) किया जो चेतना (Consciousness) के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार होते हैं. 

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सहपाठियों ने दुनिया को दिखाया दोस्ती का दम, चमत्कार को देखने के बाद डॉक्टर भी रह गए दंग

यह घटना दोस्ती (Friendship Bond) की उस शक्ति को दर्शाती है जिसे विज्ञान (Scientist) भी पूरी तरह से आज तक नहीं समझ पाया है. जहां एक 8 साल का मासूम 55 दिनों बाद कोमा (Coma) से बाहर आया है.

Written By: Darshna Deep
Last Updated: January 30, 2026 17:32:33 IST

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Chinese boy in coma: विज्ञान और चिकित्सा की दुनिया में कई बार ऐसी घटनाएं घट जाती हैं, जिन्हें डॉक्टर खुद ‘चमत्कार’ का नाम देते हैं. ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला या फिर यूं कह सकते हैं कि दिल छू लेने वाली घटना चीन से सामने आई है. जिसने न सिर्फ लोगों को भावुक किया बल्कि यह सोचने पर पूरी तरह से मजबूर कर दिया कि क्या सच में ऐसा भी हो सकता है क्या. आखिर क्या है पूरा मामला जानने के लिए पूरी खबर पढ़िए. 

आखिर क्या है दिल छूने वाला मामला?  

दरअसल, एक बच्चा गंभीर दुर्घटना के बाद कोमा (Coma) में चला गया था. जहां, 55 दिनों तक अस्पताल के बिस्तर पर ही बच्चा बेजान पड़ा हुआ था. डॉक्टरों के तमाम कोशिशों के बाद भी बच्चे के मस्तिष्क में किसी भी तरह की कोई हलचल नहीं हो रही थी. इतना ही नहीं, मेडिकल टीम के लिए यह स्थिति बेहद ही निराशाजनक हो रही थी कि लाख कोशिशों के बाद भी बच्चे के मस्तिष्क किसी भी तरह की हलचन नहीं होना पूरी टीम के लिए एक बड़ी परेशानी बन चुकी थी. 

सहपाठियों की अनोखी पहल ने जीता दिल

जब चिकित्सा के लाख कोशिश फेल होने पर बच्चे के सहपाठियों और शिक्षकों ने वो कर दिखाया जिसकी किसी ने भी कभी कल्पना नहीं होगी. सहपाठियों और शिक्षकों ने एक भावुक कोशिश करने का फैसला किया. जहां, दोस्तों ने अपने प्रिय साथी के लिए खास संदेश रिकॉर्ड किए, जिसमें उन्होंने साथ खेलने और स्कूल लौटने की कई सारी बातें दर्ज की जा रही थी. इसके अलावा सहपाठियों ने उसे अपनी पसंदीदा कविताओं, हंसी-मजाक और स्कूल की प्रार्थनाओं को याद कर क्लासरूम की याद दिलाने की भी कोशिश की.  सबसे अच्छी बात तो यह है कि बच्चे के दोस्त अस्पताल जाकर उसके कान में धीरे से फुसफुसाते थे, ‘उठ जाओ, हमें साथ खेलना है’.  सहपाठियों और शिक्षकों की कोशिश से डॉक्टरों को भी बच्चे के कोमा से बाहर आने की उम्मीद जागने लगी थी. 

कोमा से बाहर आने का दिखा अनोखा ‘चमत्कार’

लगातार 55 दिनों तक अपने दोस्तों की आवाजें सुनने के बाद, एक दिन अचानक बच्चे की उंगलियों में हलचल देखने को मिली.  हलचल देखते ही डॉक्टरों के पैरों तले ज़मीन खिसक गई थी. इस अनोखे ‘चमत्कार’ को देखने के बाद न्यूरोलॉजिस्ट्स का मानना है कि दोस्तों की जानी-पहचानी आवाजों ने उसके मस्तिष्क के उन हिस्सों को उत्तेजित (Stimulate) किया जो चेतना (Consciousness) के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार होते हैं. 

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