Sukhoi-30 : असम के कार्बी आंगलोंग जिले में गुरुवार शाम करीब 7.42 बजे एक सुखोई Su-30 MKI लड़ाकू विमान, जो नियमित उड़ान पर था, अचानक लापता हो गया. रक्षा मंत्रालय के जनसंपर्क अधिकारी ने रात 9.41 बजे एक बयान जारी कर कहा: भारतीय वायु सेना का एक Su-30 MKI विमान लापता बताया जा रहा है. विमान ने असम के जोरहाट से उड़ान भरी थी और आखिरी बार शाम 7.42 बजे संपर्क हुआ. अधिक जानकारी जुटाई जा रही है. खोज एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है.
The Su-30MKI which was on a training mission, crashed in the area of Karbi Anglong, Assam, approx 60 km from Jorhat. Search operations are underway.@DefenceMinIndia@SpokespersonMoD@HQ_IDS_India@adgpi@indiannavy https://t.co/64Ii5V2fiZ
— Indian Air Force (@IAF_MCC) March 5, 2026
शाम करीब 7.50 बजे तेज धमाका
विमान हादसे को लेकर कार्बी आंगलोंग के नजदीकी गांव के स्थानीय लोगों ने बताया कि वह शाम लगभग 7.50 बजे कोला पहाड़ के पास अचानक जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी थी. और फिर उन्होंने एक तेज आवाज होने के बाद बड़ा आग का गोला देखा था. इसके बाद आसपास के गांवों में डर का माहोल फैल गया और वहां के लोगों ने प्रशासन को रिपोर्ट दी.
भारतीय वायुसेना की रीढ़ है सुखोई Su-30MKI
सुखोई Su-30MKI एक लड़ाकू विमान होने के साथ-साथ पिछले दो दशकों से यह भारतीय वायुसेना की रीढ़ भी है और भारत की हवाई ताकत का सबसे बड़ा प्रतीक बना हुआ है. ‘सुखोई’ आधुनिक भारतीय वायु सेना के लिए बहुत मजबूत पहलू है. 90 के दशक के मध्य में भारतीय वायुसेना को एक ऐसे भारी और लंबी दूरी के लड़ाकू विमान की तलाश थी. जहां 30 नवंबर 1996 को भारत ने रूस के साथ 50 सुखोई-30 विमानों की खरीद के लिए 1.46 अरब डॉलर के समझौते पर हस्ताक्षर किया. भारत केवल साधारण सुखोई नहीं चाहता था, बल्कि उसे अपनी जरूरतों के हिसाब से एक उन्नत विमान चाहिए था. यहीं से ‘Su-30MKI’ आया.