Imaan Mazari: भारत और पाकिस्तान एक साथ ही आजाद हुआ, लेकिन दोनों देशों में आज के वर्तमान युग में आज पाकिस्तान की क्या हालत है वो किसी से छिपी नहीं है. पाकिस्तान में अगर कोई जुर्म के खिलाफ आवाज उठाता है तो उनके साथ क्या होता है? इसका जीता जागता उदाहरण आज भी देखने को मिलता है. ताजा मामला मशहूर पाकिस्तानी मानवाधिकार वकील इमान जैनब मजारी-हाजिर से जुड़ा हुआ है.
मशहूर पाकिस्तानी मानवाधिकार वकील ईमान जैनब मजारी-हाजिर और उनके पति वकील हादी अली चत्था को इस्लामाबाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. बताया जा रहा है कि उस समय यह जोड़ा कोर्ट जा रहा था.
इमान जैनब और उनके पति गिरफ्तार (Imaan Zainab and her husband have been arrested)
इमान जैनब मानवाधिकारों के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता और दबाव के आगे न झुकने के लिए जानी जाती हैं. हालांकि, अपने एक्टिविजम की वजह से वह एक बार फिर जेल में हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इमान जैनब और उनके पति को पाकिस्तान में गिरफ्तार किया गया. बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई राज्य और उसकी संस्थाओं की आलोचना करने वाले सोशल मीडिया पोस्ट के बाद की गई. रिपोर्ट्स के अनुसार, मजारी-हाजिर की मां डॉ. शिरीन मज़ारी ने गिरफ्तारी की पुष्टि की.
डॉ. शिरीन मजारी इमरान खान की सरकार में मानवाधिकार मंत्री थीं. उन्होंने बताया कि उनकी बेटी और दामाद को गिरफ्तार कर अलग-अलग गाड़ियों में अज्ञात जगहों पर ले जाया गया.
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कौन हैं इमान जैनब? (Who is Imaan Zainab?)
ईमान जैनब मजारी हाजिर पाकिस्तान में एक जानी-मानी मानवाधिकार वकील और एक्टिविस्ट हैं. वह नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने, दबे-कुचले लोगों का प्रतिनिधित्व करने और पाकिस्तान में ताकतवर संस्थानों को चुनौती देने के लिए जानी जाती हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने यूके की एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री हासिल की और उसके बाद वहीं अपने करियर की शुरुआत की.
पहले भी दोनों की हो चुकी है गिरफ्तारी (Both of them have been arrested before)
मजारी को पहले भी कई बार अपने लिए कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी है. पहले भी पाकिस्तान में सेना और सरकारी संस्थानों की खुलकर आलोचना करने की वजह से उन्हें बार-बार कानूनी चुनौतियों और गिरफ्तारियों का सामना करना पड़ा है. तीन साल पहले 2023 में मजारी को इस्लामाबाद में एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने और रैली में सेना की खुलेआम आलोचना करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. आरोप था कि उन्होंने पाकिस्तानी सेना के जवानों को आतंकवादी कहा था.