भारतीय मूल के व्यक्ति मधु राजू को अमेरिका के वाशिंगटन डीसी स्थित द्वितीय विश्व युद्ध स्मारक पर टिकटॉक डांस वीडियो के कारण निर्वासन का खतरा हो गया है. यह वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी भारी आलोचना हुई जिसके बाद अमेरिकी इमीग्रेशन अधिकारियों का ध्यान आकर्षित हो गया.
सोशल मीडिया पर मधु राजू के रूप में पहचाने गए इस व्यक्ति के बारे में माना जाता है कि वह अमेरिका में गैर-अप्रवासी वीजा पर रह रहा है.
वायरल वीडियो और विवाद की शुरुआत
मधु राजू नामक व्यक्ति ने नेशनल वर्ल्ड वॉर II मेमोरियल पर एक महिला के साथ कोरियोग्राफ्ड डांस किया, जो टिकटॉक पर पोस्ट हुआ. वीडियो में वे स्मारक के परिसर में स्टेप्स करते दिखे, जिसे वेटरन्स ग्रुप्स और सोशल मीडिया यूजर्स ने अपमानजनक बताया. एक यूजर ने लिखा, “यह बलिदान और मौन की जगह है, टिकटॉक डांस का स्टेज नहीं.” भारतीय समुदाय के कुछ सदस्यों ने भी इस पर शर्मिंदगी जताई.
यह स्मारक द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सशस्त्र बलों में सेवा देने वाले 16 मिलियन अमेरिकियों और इस संघर्ष में मारे गए 400,000 से अधिक लोगों की याद में बनाया गया है, और इसे व्यापक रूप से एक गंभीर स्मरण स्थल के रूप में माना जाता है. यह मेमोरियल राष्ट्रीय बलिदान का प्रतीक है, इसलिए इसे सोशल मीडिया कंटेंट के लिए इस्तेमाल करना गलत माना गया.
नौकरी, डांस स्टूडियो और सोशल मीडिया अकाउंट्स हटे
जब एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक कार्यकर्ता ने साइबर सुरक्षा फर्म पालो अल्टो नेटवर्क्स को टैग करते हुए दावा किया कि वीडियो में दिखने वाला व्यक्ति मधु राजू है, जो जून 2025 से वहाँ क्लाउड नेटवर्क सुरक्षा इंजीनियर के तौर पर काम कर रहा था, तो विवाद और तेज हो गया।
“यह आपको सूचित किया जा रहा है कि अगले सप्ताह की शुरुआत में आपकी कानूनी टीम से संपर्क किया जाएगा,” उपयोगकर्ता ने वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान बताते हुए लिखा.
ऑनलाइन उपयोगकर्ताओं ने यह भी दावा किया कि राजू मैड डलास नाम से एक डांस स्टूडियो चलाता था. जैसे ही इस मामले पर लोगों का विरोध बढ़ा, स्टूडियो की वेबसाइट और सोशल मीडिया पेज हटा दिए गए.
ऐसा माना जाता है कि राजू टिकटॉक पर भी सक्रिय था, हालाँकि वीडियो वायरल होने के बाद उसके लिंक्डइन और इंस्टाग्राम सहित कई सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट कर दिए गए थे.
इमीग्रेशन जांच और कानूनी पहलू
अमेरिकी इमीग्रेशन अथॉरिटी ने मामले की जांच शुरू कर दी है, क्योंकि मधु राजू कथित तौर पर नॉन-इमिग्रेंट वीजा पर हैं. अमेरिकी कानून के तहत, वीजा धारक अगर अपराध या वीजा शर्तों के विरुद्ध व्यवहार करते हैं, तो स्टेटस रद्द हो सकता है. डांस करना अपराध नहीं है, लेकिन फेडरल मॉन्यूमेंट पर बिना परमिशन एक्टिविटी डिसऑर्डरली कंडक्ट या अनपर्मिटेड डेमॉन्स्ट्रेशन मानी जा सकती है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजू ने माफी मांगी कि उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था, लेकिन मामला अब ऑनलाइन आलोचना से आगे बढ़ चुका है. वे फिलहाल अमेरिका में हैं, जबकि अथॉरिटी एडमिनिस्ट्रेटिव रिव्यू कर रही है. इमीग्रेशन वकीलों का कहना है कि वीजा स्टेटस पर फैसला आने वाले हफ्तों में फॉर्मल हियरिंग के बाद आएगा.