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क्या है गाजा पीस बोर्ड, भारत अब तक क्यों नहीं हुआ शामिल, डोनाल्ड ट्रंप ने किसे दी खत्म करने की धमकी?

स्विट्जरलैंड के दावोस (Davos) में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (America President Donald Trump) ने उच्चस्तरीय समारोह के दौरान 'बोर्ड ऑफ पीस चार्टर' (Board of Peace Charter) पर हस्ताक्षर कर हमास को दो टूक चेतावनी दी है.

Written By: Darshna Deep
Last Updated: January 22, 2026 19:11:05 IST

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Formation of the Gaza Peace Board: स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ‘गाजा पीस बोर्ड’ का गठन अंतरराष्ट्रीय कूटनीति (International Diplomacy) में एक बेहद ही महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. जहां,  22 जनवरी 2026 को आयोजित इस साइनिंग सेरेमनी ने न सिर्फ मिडिल ईस्ट बल्कि वैश्विक संघर्षों को सुलझाने के लिए एक नए ढांचे की नींव रखी है. 

अमेरिकी राष्ट्रपति ने  ‘बोर्ड ऑफ पीस चार्टर’ पर किए हस्ताक्षर 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावोस में एक उच्चस्तरीय समारोह के दौरान उन्होंने ‘बोर्ड ऑफ पीस चार्टर’ पर हस्ताक्षर किए. साथ ही इस बोर्ड का मुख्य उद्देश्य गाजा में युद्धविराम के बाद सुरक्षा समन्वय, पुनर्निर्माण और शासन की निगरानी करना है. तो वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने साफ-साफ शब्दों में कहा है कि यह बोर्ड केवल गाजा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में दुनिया के अन्य संघर्षों को सुलझाने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय तंत्र के रूप में लगातार काम भी करता रहेगा. 

डोनाल्ड ट्रंप ने दी हमास को दो टूक चेतावनी

समारोह के दौरान ट्रंप का रुख बेहद सख्त देखने को मिला. जहां, उन्होंने हमास को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि  “अगर हमास हथियार नहीं छोड़ता है, तो उसे पूरी तरह से उड़ा दिया जाएगा.” ट्रंप ने जोर देकर कहा कि हमास का निरस्त्रीकरण (Disarmament) किसी समझौते का हिस्सा नहीं बल्कि एक अनिवार्य शर्त है. इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी मांग की कि हमास अंतिम इजरायली बंधक का शव तुरंत वापस करेगा. 

ट्रंप ने किया दावा- सरकार ने रुकवाए आठ युद्ध

इस ऐतिहासिक अवसर पर ट्रंप के साथ बहरीन, मोरक्को, अर्जेंटीना, हंगरी और अजरबैजान जैसे देशों के नेता मौजूद थे. तो वहीं, ट्रंप खुद इस बोर्ड के प्रारंभिक अध्यक्ष के रूप में काम करने वाले हैं.  बोर्ड की कार्यकारी समिति में मार्को रुबियो, जारेड कुशनर और टोनी ब्लेयर जैसी प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी. इतना ही नहीं ट्रंप ने यह भी दावा करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने अब तक आठ युद्ध रुकवाए हैं और मिडिल ईस्ट में शांति की स्थापना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. 

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क्या है गाजा पीस बोर्ड, भारत अब तक क्यों नहीं हुआ शामिल, डोनाल्ड ट्रंप ने किसे दी खत्म करने की धमकी?

स्विट्जरलैंड के दावोस (Davos) में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (America President Donald Trump) ने उच्चस्तरीय समारोह के दौरान 'बोर्ड ऑफ पीस चार्टर' (Board of Peace Charter) पर हस्ताक्षर कर हमास को दो टूक चेतावनी दी है.

Written By: Darshna Deep
Last Updated: January 22, 2026 19:11:05 IST

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Formation of the Gaza Peace Board: स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ‘गाजा पीस बोर्ड’ का गठन अंतरराष्ट्रीय कूटनीति (International Diplomacy) में एक बेहद ही महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. जहां,  22 जनवरी 2026 को आयोजित इस साइनिंग सेरेमनी ने न सिर्फ मिडिल ईस्ट बल्कि वैश्विक संघर्षों को सुलझाने के लिए एक नए ढांचे की नींव रखी है. 

अमेरिकी राष्ट्रपति ने  ‘बोर्ड ऑफ पीस चार्टर’ पर किए हस्ताक्षर 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावोस में एक उच्चस्तरीय समारोह के दौरान उन्होंने ‘बोर्ड ऑफ पीस चार्टर’ पर हस्ताक्षर किए. साथ ही इस बोर्ड का मुख्य उद्देश्य गाजा में युद्धविराम के बाद सुरक्षा समन्वय, पुनर्निर्माण और शासन की निगरानी करना है. तो वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने साफ-साफ शब्दों में कहा है कि यह बोर्ड केवल गाजा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में दुनिया के अन्य संघर्षों को सुलझाने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय तंत्र के रूप में लगातार काम भी करता रहेगा. 

डोनाल्ड ट्रंप ने दी हमास को दो टूक चेतावनी

समारोह के दौरान ट्रंप का रुख बेहद सख्त देखने को मिला. जहां, उन्होंने हमास को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि  “अगर हमास हथियार नहीं छोड़ता है, तो उसे पूरी तरह से उड़ा दिया जाएगा.” ट्रंप ने जोर देकर कहा कि हमास का निरस्त्रीकरण (Disarmament) किसी समझौते का हिस्सा नहीं बल्कि एक अनिवार्य शर्त है. इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी मांग की कि हमास अंतिम इजरायली बंधक का शव तुरंत वापस करेगा. 

ट्रंप ने किया दावा- सरकार ने रुकवाए आठ युद्ध

इस ऐतिहासिक अवसर पर ट्रंप के साथ बहरीन, मोरक्को, अर्जेंटीना, हंगरी और अजरबैजान जैसे देशों के नेता मौजूद थे. तो वहीं, ट्रंप खुद इस बोर्ड के प्रारंभिक अध्यक्ष के रूप में काम करने वाले हैं.  बोर्ड की कार्यकारी समिति में मार्को रुबियो, जारेड कुशनर और टोनी ब्लेयर जैसी प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी. इतना ही नहीं ट्रंप ने यह भी दावा करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने अब तक आठ युद्ध रुकवाए हैं और मिडिल ईस्ट में शांति की स्थापना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. 

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