Israel Iran War: विएना में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के मुख्यालय में सोमवार को तनावपूर्ण स्थिति देखी गई. ईरान के राजदूत रजा नजफी ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों ने ईरान के नतांज संवर्धन केंद्र (Natanz enrichment facility) को निशाना बनाया है. नजफी का यह बयान IAEA के प्रमुख राफेल ग्रॉसी के आकलन से बिल्कुल अलग है. ग्रॉसी ने कहा कि अब तक एजेंसी के पास ऐसे कोई संकेत नहीं हैं कि ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला हुआ है. दूसरी ओर, नजफी ने संवाददाताओं से कहा, ‘उन्होंने कल फिर से ईरान के शांतिपूर्ण और सुरक्षित परमाणु ठिकानों पर हमला किया. उनका यह तर्क कि ईरान परमाणु हथियार बनाना चाहता है, सरासर झूठ है.’
नतांज केंद्र क्यों महत्वपूर्ण है?
जब पत्रकारों ने नजफी से पूछा कि वह किस केंद्र की बात कर रहे हैं, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से नतांज का नाम लिया. यह केंद्र राजधानी तेहरान से लगभग 220 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है. यहाँ जमीन के ऊपर और नीचे कई प्रयोगशालाएं हैं जहाँ यूरेनियम को समृद्ध (enrich) किया जाता है. युद्ध से पहले, यहाँ 60% तक यूरेनियम समृद्ध किया जा रहा था, जो हथियार बनाने के स्तर (90%) के बहुत करीब है.
संपर्क और सुरक्षा की चिंताएं
IAEA प्रमुख ग्रॉसी ने बताया कि वे ईरान के परमाणु अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन युद्ध के कारण संचार ठप होने की वजह से अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।
ग्रॉसी ने सैन्य संयम बरतने की चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान और आसपास के देशों में कई चालू परमाणु संयंत्र और रिसर्च रिएक्टर हैं। अगर इन पर हमला होता है, तो परमाणु सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। राहत की बात यह है कि पड़ोसी देशों में अभी तक रेडिएशन (विकिरण) के स्तर में कोई बढ़ोतरी नहीं देखी गई है।
ट्रम्प पर तीखा हमला
ईरानी राजदूत नजफी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा ‘अमेरिका दूसरे देशों पर हमला करने के लिए धोखे और गलत सूचनाओं का सहारा लेता है. ट्रम्प खुद को शांतिदूत दिखाने की कोशिश करते हैं और नोबेल शांति पुरस्कार की चाह रखते हैं, लेकिन उनकी शांति की बातें भी झूठ हैं। नजफी ने इन हमलों को अवैध, आपराधिक और क्रूर बताते हुए IAEA के सदस्य देशों से इसकी कड़ी निंदा करने की मांग की।