Israel US Iran War: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में जंग की आग फैल गई है. इस बीच ईरान ने बड़ा दावा किया है TOI की रिपोर्ट के अनुसार ‘ईरान के IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) ने दावा किया है कि उनके ताजा मिसाइल हमले में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय और इजरायली वायु सेना के कमांडर के ठिकाने को निशाना बनाया गया है. ‘ईरान टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, IRGC का कहना है कि इस हमले के बाद नेतन्याहू की स्थिति अस्पष्ट बनी हुई है.
तनाव के बीच ईरान के परमाणु केंद्रों पर बढ़ती चिंता
इसी बीच, द इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने ईरान के परमाणु केंद्रों की स्थिति को बेहद चिंताजनक बताया है. उन्होंने चेतावनी दी है कि वहां से संभावित रेडियोलॉजिकल रिसाव (रेडिएशन फैलने) के गंभीर परिणाम हो सकते हैं. उन्होंने आगे कहा कि ‘अगर रेडिएशन फैलता है, तो बड़े शहरों के बराबर या उससे भी बड़े इलाकों को खाली कराना पड़ सकता है. ईरानी परमाणु नियामक अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिशें लगातार जारी हैं, लेकिन अब तक वहां से कोई जवाब नहीं मिला है.’
इसके साथ ही ईरान ने दावा किया है कि उसने पिछले 24 घंटों में 15 से ज़्यादा देशों में US मिलिट्री बेस को निशाना बनाया है. अमेरिका और इज़राइल चाहते हैं कि यह जंग अब खत्म हो जाए, लेकिन ईरान का बदला अभी बाकी है. ईरान ने साफ कह दिया है कि वह इस मामले पर अमेरिका से कोई बातचीत नहीं करेगा. ऐसे में इज़राइल, अमेरिका और ईरान के बीच घमासान लड़ाई चल रही है. इस बीच ईरान ने सऊदी अरब की अरामको पर हमला किया है, जिसे दुनिया की सबसे बड़ी ऑयल रिफाइनरी कहा जाता है. इसके साथ ही उसने इज़राइल पर खैबर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया है. यह ईरान की सबसे खतरनाक मिसाइलों में से एक है.
हिजबुल्लाह की एंट्री और बढ़ती मौतें
ईरान समर्थक समूह हिजबुल्लाह ने भी खामेनेई की मौत का बदला लेने के लिए इजरायल पर रॉकेट दागे हैं, जिससे साल भर से चली आ रही युद्धविराम संधि टूट गई है. संघर्ष के तीसरे दिन तक हताहतों की संख्या तेजी से बढ़ी है. लेबनान में इजरायली हवाई हमलों में कम से कम 31 लोगों की मौत हुई है. ईरानी मीडिया के अनुसार, दक्षिण ईरान में एक गर्ल्स स्कूल के पास हुए हमले में 115 लोगों की जान गई है, जिनमें कई बच्चे शामिल हैं. इसके अलावा कुवैत में 3 अमेरिकी सैनिक और मध्य इजरायल में 9 लोग मारे गए हैं.