Iran US Israel Ceasefire: मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका-इजराइल जंग (Israel Iran War) के बीच भले ही 2 हफ्ते का सीजफायर हो गया हो, लेकिन इजराइल ने लेबनान पर हमला जारी रखा है. जिसको लेकर अब ईरान ने बड़ा बयान जारी करते हुए कहा है कि अगर लेबनान पर हमले जारी रहते हैं तो इस युद्धविराम को टूटा हुआ माना जाएगा. इसके अलावा, उसने युद्धविराम समझौते से पीछे हटने की धमकी दी है. उसने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में टैंकरों की आवाजाही रोक दी है.
ईरान ने इज़राइल पर युद्धविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है. असल में दोनों देशों के बीच युद्धविराम समझौता होने के बाद भी ईरान पर हमले लगातार जारी रहे हैं.
इजराइल का ईरान पर हमला जारी
इजराइल ने ईरान के लवान और सिरी आईलैंड पर हमले किए हैं. लेबनान पर इज़राइली हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में टैंकरों की आवाजाही पर रोक लगा दी है. हालांकि इजराइल ने पहले ही कह दिया था कि युद्धविराम की शर्तें लेबनान पर लागू नहीं होतीं. व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि यह समझौता केवल अमेरिका और ईरान पर लागू होता है; लेबनान इसके दायरे में नहीं आता है.
इजराइल का क्या कहना है?
इस बीच, इज़राइल का कहना है कि लेबनान में हिज़्बुल्लाह की सक्रिय मौजूदगी के कारण लेबनान में शांति और युद्धविराम की शर्तें लागू नहीं होतीं. एक तरफ इजराइल ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम समझौते का समर्थन किया. वहीं दूसरी तरफ़ उसने लेबनान पर अपने हवाई हमले काफ़ी तेज़ कर दिए. इस बारे में इज़राइल का कहना है कि लेबनान में उसका हवाई अभियान जारी रहेगा.
ईरान और अमेरिका के बीच 14 दिनों का युद्ध विराम जारी
अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम संघर्ष शुरू होने के लगभग 40 दिन बाद हुआ था.. यह युद्धविराम 14 दिनों तक लागू रहेगा. यानी अगले दो हफ़्तों तक कोई भी देश दूसरे पर हमला नहीं करेगा. हालांकि, समझौता होने के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने युद्धविराम को लेकर एक बड़ा बयान जारी किया, जिसमें उसने इस समझौते से पीछे हटने की धमकी दी.