Iran-Israel War: ईरान इजराइल जंग के बीच एक अनोखा बम शेल्टर डेटिंग’ ऐप चर्चा का विषय बना हुआ है. यह लगातार चल रहे हमलों और सायरन के बीच वहां मौजूद लोगों को एक दूसरे से जोड़ने का काम करेगा. ऐसे युद्ध के दौरान इजरायल के विदेश मंत्रालय ने किछ अनोखे डिजिटल टुल्स को बढ़ावा दिए हैं जो लोगों को इस मुश्किल समय में एक दूसरे को जोड़ने में मदद करेगा.
लोगों को मिलने और बातचीत में मदद करेगा
पश्चिम एशिया में सैन्य संघर्ष छिड़ हुआ है क्योंकि ईरान ने अमेरिका और इजराइल द्वारा देश के भीतर किए गए हमलों के जवाब में अपने पड़ोसी खाड़ी देशों पर हमले किए हैं. चल रहे इस उथल-पुथल के बीच, इजराइल ने “बम शेल्टर डेटिंग” नाम के एक डिजिटल टुल्स की शुरूआत की है, जिसका उद्देश्य हवाई हमले के सायरन बजने के दौरान आश्रय लेने वाले लोगों को मिलने और बातचीत करने में मदद करेगा.
Only in Israel 🫶🏽
Missile sirens generate tech innovation 🇮🇱
💥Bomb shelter dating
💥Plan safe shower time
💥Sleep lost to sirens
Because even with chaos comes creativity✨ pic.twitter.com/9XO3eQDVt6— Israel ישראל (@Israel) March 9, 2026
गोलीबारी के दौरान बताएगा – कौन सिंगल है
X पर किए गए एक पोस्ट में, इजराइल के विदेश मंत्रालय ने मिसाइल हमले के दौरान भी इस्तेमाल किए जा रहे कई उपकरणों के बारे में बताया है. इनमें एक डेटिंग ऐप भी शामिल है जो गोलीबारी के दौरान भी कौन सिंगल में है यह दिखाता है. इसमें एक बम शेल्टर ट्रैकर और एक शावर रिस्क प्रोटेक्टर भी है, जो लोगों को नहाने के लिए सुरक्षित समय चुनने में मदद करता है.
हमलों के बीच ‘बम शेल्टर डेटिंग’ ऐप
मौजूदा मंत्रालय के आधार पर, बम शेल्टर में डेटिंग ऐप का उद्देश्य हवाई हमले के सायरन बजने के दौरान शेल्टर के अंदर इंतजार कर रहे लोगों को आपस में जुड़ने में मदद करना है. रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्लेटफॉर्म उन अविवाहित लोगों को दिखाता है जिन्होंने आसपास ही शरण लिया है. मंत्रालय ने X पर लिखा, “यह दिखाता है कि कौन अविवाहित है क्योंकि संकट के समय भी प्यार कायम रहता है.
With the entire country on “shelter in place” mode, we should have expected something like this! They call Israel “Start Up Nation” for a reason. Someday they will tell their kids “we met on a dating app in a shelter while dodging ballastic missiles.” https://t.co/Ce4txZlBbC
— Ambassador Mike Huckabee (@GovMikeHuckabee) March 2, 2026
यूजर्स को कितनी बार शेल्टर में जाना पड़ा
“बम शेल्टर ट्रैकर” नामक एक अन्य उपकरण इस बात का हिसाब रखता है कि उपयोगकर्ताओं को कितनी बार शेल्टर में जाना पड़ा है. यह इस बात का भी अनुमान लगाता है कि रात में बार-बार बजने वाले सायरन के कारण लोगों की कितनी नींद खराब होती है.