Iran-Israel War: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को यूएई के प्रेसिडेंट शेख मोहम्मद बिन ज़ायद से फ़ोन पर बात की. उन्होंने कहा कि भारत यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) पर हुए हमलों की निंदा करता है और तनाव कम करने और इलाके में शांति का समर्थन करते हुए अमीरात के साथ खड़ा है.
ड्रोन हमले जारी
दोनों नेताओं ने तब बात की जब ईरान ने शनिवार को इजराइल-US के जॉइंट एयर स्ट्राइक के बदले में यूएई समेत अमेरिकी मिलिट्री बेस वाले कई वेस्ट एशियाई देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रखे. इन एयर स्ट्राइक में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई और कई टॉप मिलिट्री लीडर मारे गए थे.
पीएम मोदी ने क्या कहा?
मोदी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “यूएई के प्रेसिडेंट, मेरे भाई शेख मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान से बात की. यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और इन हमलों में हुई मौतों पर दुख जताया.” उन्होंने कहा, “भारत इस मुश्किल समय में यूएई के साथ खड़ा है.” “हम तनाव कम करने, इलाके में शांति, सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन करते हैं.”
शेख मोहम्मद को दिया धन्यवाद
मोदी ने कहा कि उन्होंने यूएई में भारतीय समुदाय का ध्यान रखने के लिए शेख मोहम्मद को धन्यवाद दिया. यूएई में करीब 40 लाख भारतीय रहते हैं जिनका रेमिटेंस अरबों डॉलर में है. यूएई एनर्जी का एक जरूरी सोर्स और भारत का एक अहम ट्रेड पार्टनर भी है जिसका हर साल $100 बिलियन से ज़्यादा का टू-वे कॉमर्स होता है.
ईरानी हमलों में घायल हुआ भारतीय
शनिवार से यूएई पर ईरानी हमलों में घायल हुए 58 विदेशी वर्कर्स में एक भारतीय भी शामिल था. यूएई के डिफेंस मिनिस्ट्री ने रविवार को कहा कि मिसाइल और ड्रोन हमलों में बांग्लादेश, नेपाल और पाकिस्तान के तीन नागरिक भी मारे गए.
विदेश मंत्री ने की बात
इससे पहले दिन में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इलाके के हालात पर बात करने के लिए अपने ओमानी काउंटरपार्ट बद्र अलबुसैदी से बात की. तेहरान और दूसरे शहरों पर मिलिट्री हमले शुरू होने से पहले ईरान और US के बीच आखिरी मिनट की बातचीत कराने में ओमान शामिल था.
जयशंकर ने सोशल मीडिया पर कहा, “आज शाम ओमान के FM @badralbusaidi से टेलीकॉन हुआ. चल रहे झगड़े पर उनके असेसमेंट और इनसाइट की तारीफ़ की.”
खामेनेई की हत्या पर भारत ने क्या कहा?
अमेरिका और इजराइल के ईरान पर मिलिट्री हमलों के बाद वेस्ट एशिया में बदलते हालात पर रिस्पॉन्ड करते हुए भारत ने एक नाजुक बैलेंस बनाए रखा है. खामेनेई की हत्या पर भारतीय पक्ष ने सावधानी से चुप्पी साध रखी है और शनिवार को विदेश मंत्रालय के एक बयान में पश्चिम एशिया के सभी स्टेकहोल्डर्स से संयम बरतने और तनाव बढ़ने से बचने की अपील की गई, साथ ही अंदरूनी मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत और डिप्लोमेसी की अपील की गई.
ईरान में कितने भारतीय?
बयान में सभी देशों की सॉवरेनिटी और टेरिटोरियल इंटीग्रिटी का सम्मान करने की अहमियत पर भी जोर दिया गया. पश्चिम एशियाई देशों में 10 मिलियन से ज्यादा भारतीय रहते और काम करते हैं. ईरान में भी करीब 10,000 भारतीय रहते हैं जिनमें स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स शामिल हैं जबकि इजराइल में 40,000 से ज़्यादा भारतीय रहते हैं जिनमें हजारों केयर-गिवर्स और कंस्ट्रक्शन वर्कर्स शामिल हैं.
बहरीन, इजराइल, जॉर्डन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और यूएई में भारतीय मिशन्स ने एडवाइजरी जारी की है जिसमें भारतीय नागरिकों से सावधान रहने और गैर-ज़रूरी यात्रा से बचने की अपील की गई है.