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Iran-US Peace Talks: हर गली-मोहल्ले पर पहरा! पाकिस्तान में पीस टॉक के लिए उठाए सख्त कदम, यहां जानिए किन जगहों को किया रेड जोन

Islamabad traffic advisory For Iran-US Peace Talks: ईरान और अमेरिका के हुए सीजफायर के बाद अब पाकिस्तान में दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक शांति वार्ता होनी है जिसके लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं. साथ ही कुछ जगहों को बंद कर दिया और कुछ इलाकों को रेड जोन घोषित कर पूरी तरह सील कर दिया गया है.

Written By: Sanskriti jaipuria
Last Updated: April 9, 2026 16:52:32 IST

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Islamabad traffic advisory: ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में जो सीजफायर हुआ है उसी के समझौते के लिए राजनीति में एक फैसला लिया गया है. अब इस समझौते को कराने के लिए पीस टॉक यानी की शांति वार्ता रखी गई है जो कि पाकिस्तान में होगी. इस बड़ी पहल को नजर रखते हुए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद और रावलपिंडी में सेफटी लेवल को और टाइट कर दिया गया है. वहां पर हो रही हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है ताकि इस ‘VVIP’ बातचीत में किसी भी तरह की बाधा न आए.

इस्लामाबाद और रावलपिंडी प्रशासन ने 9 और 10 अप्रैल को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है. जिन इलाकों में विदेशी प्रतिनिधिमंडल ठहरेंगे, उन्हें ‘रेड जोन’ घोषित कर पूरी तरह सील कर दिया गया है. इन क्षेत्रों में स्थित मेन होटलों को खाली करा लिया गया है और अब वहां केवल प्रतिनिधिमंडल के सदस्य और सुरक्षा बल ही मौजूद रहेंगे. ये कदम पूरी तरह से सेफटी को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है.

 पहले से ज्यादा सख्त की गई सेफटी

अधिकारियों के अनुसार, अक्टूबर 2024 में जो ‘शंघाई सहयोग संगठन (SCO)’ शिखर सम्मेलन हुआ था उससे भी ज्यादा सेफटी का ध्यान इस बार रखा गया है. विदेशी मेहमानों के लिए एक स्पेशल प्रोटोकॉल लागू हुआ है और उनके आने-जाने के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं. आम आदमी के लिए बहुत सी फेमस जगह बंद कर दी गई है. साथ ही सभी सरकारी अस्पतालों को और आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट मोड पर रखा गया है.

सरकारी दफ्तर भी रहेंगे बंद

इस पीस टॉक के दौरान सरकारी दफ्तर भी बंद कर दिए गे हैं और कर्मचारियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ के निर्देश दिए गए हैं और उन्हें शहर न छोड़ने की सलाह दी गई है. सुरक्षा एजेंसियां बस अड्डों, प्रवेश मार्गों और संवेदनशील इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चल रहा है. शहर के हर प्रवेश द्वार पर ज्यादा सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और खुफिया निगरानी भी तेज कर दी गई है.

 सीजफायर के बीच बढ़ता तनाव

जहां एक तरफ ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता की जोरो से तैयारी चल रही है, वहीं दूसरी तरफ क्षेत्रीय तनाव को लेकर भी काम चल रहा है क्योंकि वो अभी तक खत्म नहीं हुआ है. लेबनान में चल रही सैन्य गतिविधियों ने हालात को और खराब कर दिया है. ईरान का कहना है कि सीजफायर में लेबनान को भी शामिल किया गया था, लेकिन अमेरिका और इजरायल ने इससे दूरी बना ली है. इसी के चलते ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि हमले नहीं रुके, तो वो होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने जैसे कड़े कदम उठा सकता है.

 

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Written By: Sanskriti jaipuria
Last Updated: April 9, 2026 16:52:32 IST

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Islamabad traffic advisory: ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में जो सीजफायर हुआ है उसी के समझौते के लिए राजनीति में एक फैसला लिया गया है. अब इस समझौते को कराने के लिए पीस टॉक यानी की शांति वार्ता रखी गई है जो कि पाकिस्तान में होगी. इस बड़ी पहल को नजर रखते हुए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद और रावलपिंडी में सेफटी लेवल को और टाइट कर दिया गया है. वहां पर हो रही हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है ताकि इस ‘VVIP’ बातचीत में किसी भी तरह की बाधा न आए.

इस्लामाबाद और रावलपिंडी प्रशासन ने 9 और 10 अप्रैल को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है. जिन इलाकों में विदेशी प्रतिनिधिमंडल ठहरेंगे, उन्हें ‘रेड जोन’ घोषित कर पूरी तरह सील कर दिया गया है. इन क्षेत्रों में स्थित मेन होटलों को खाली करा लिया गया है और अब वहां केवल प्रतिनिधिमंडल के सदस्य और सुरक्षा बल ही मौजूद रहेंगे. ये कदम पूरी तरह से सेफटी को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है.

 पहले से ज्यादा सख्त की गई सेफटी

अधिकारियों के अनुसार, अक्टूबर 2024 में जो ‘शंघाई सहयोग संगठन (SCO)’ शिखर सम्मेलन हुआ था उससे भी ज्यादा सेफटी का ध्यान इस बार रखा गया है. विदेशी मेहमानों के लिए एक स्पेशल प्रोटोकॉल लागू हुआ है और उनके आने-जाने के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं. आम आदमी के लिए बहुत सी फेमस जगह बंद कर दी गई है. साथ ही सभी सरकारी अस्पतालों को और आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट मोड पर रखा गया है.

सरकारी दफ्तर भी रहेंगे बंद

इस पीस टॉक के दौरान सरकारी दफ्तर भी बंद कर दिए गे हैं और कर्मचारियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ के निर्देश दिए गए हैं और उन्हें शहर न छोड़ने की सलाह दी गई है. सुरक्षा एजेंसियां बस अड्डों, प्रवेश मार्गों और संवेदनशील इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चल रहा है. शहर के हर प्रवेश द्वार पर ज्यादा सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और खुफिया निगरानी भी तेज कर दी गई है.

 सीजफायर के बीच बढ़ता तनाव

जहां एक तरफ ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता की जोरो से तैयारी चल रही है, वहीं दूसरी तरफ क्षेत्रीय तनाव को लेकर भी काम चल रहा है क्योंकि वो अभी तक खत्म नहीं हुआ है. लेबनान में चल रही सैन्य गतिविधियों ने हालात को और खराब कर दिया है. ईरान का कहना है कि सीजफायर में लेबनान को भी शामिल किया गया था, लेकिन अमेरिका और इजरायल ने इससे दूरी बना ली है. इसी के चलते ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि हमले नहीं रुके, तो वो होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने जैसे कड़े कदम उठा सकता है.

 

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