Israel-Iran War: कई दिनों से चल रही खींचतान के बाद आखिर ईरान पर अमेरिका और इजराइल ने हमला कर ही दिया. शनिवार से हुए इस वॉर में ईरान की राजधानी तेहरान बम के धमाकों से गूंज उठा. राजनीतिक तनातनी की कीमत लोगों को मौत से चुकानी पड़ी. लोगों में डर का माहौल बना हुआ है. सोशल मीडिया बमों के फुटेल से पटा पड़ा हैं. कई इमारतों से काला धुआं निकलता दिखाई दे रहा है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इन हमलों को खुद पर सबसे बड़ा खतरा बताते हुए हमले को जरूरी बताया. इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने बयान दिया कि ‘हमने ईरान के खिलाफ पहले हमला इसलिए किया, जिससे इजरायल के लिए खतरे को दूर किया जा सके.’
आज सुबह भी हुए हमले
आज सुबह राजधानी तेहरान में बड़े धमाके सुने गए हालांकि किसी तरह की जनहानि की कोई जानकारी फिलहाल नहीं मिली है. जानकारी के अनुसार, तेहरान के अलावा इस्फहान, कजर और करमानशाह जैसे बाकी ईरानी शहरों पर भी अटैक हुए हैं. बता दें कि इसकी नींव पहले ही डल चुकी थी. अमेरिका ईरान के चारों ओर कुछ दिनों से सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा था. अटैक करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रांप ने कहा कि कुछ वक्त पहले अमेरिकी सेना ने ईरान में बड़ा ऑपरेशन स्टार्ट किया. इसका उद्देश्य ईरानी गवर्नमेंट से होने वाले खतरे को खत्म करना और अमेरिका के लोगों की सुरक्षा करना है.
ईरान की डेंजर्स गतिविधियां सीधे तौर पर अमेरिका, हमारे सहयोगियों, विदेशों में हमारे बेस और अमेरिका के सैनिकों को खतरे में डालती है. वहीं, हमले पर इजरायली डिफेंस के एक ऑफिसर ने एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत में कहा कि हमने हमले की तारीख को पहले से ही तय कर रखा था. ईरान ने भी उस पर हुए हमले को लेकर कहा कि हम सख्ती से इसका जवाब देंगे.
अब हुए हमलों को 10 बातों में समझिए
- ईरान के सुप्रीम लीडर कहे जाने वाले अयातुल्लाह अली खामेनेई के ऑफिस के पास अटैक हुए हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, खामेनेई को इस तरह की कंडीशन से निकालकर पहले की सेफ जगह पर पहुंचाया गया. जब से अमेरिका संग ईरान का तनाव बढ़ा तब से उन्हें किसी सार्वजनिक प्रोग्राम में भी नहीं देखा गया था. यानी ईारन पहले से ही अलर्ट था.
- हमले की सुगबुगाहट ईरान जान चुका था. जब ईरान पर हमला हुआ उसके बाद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बयान जारी किया. उन्होंने बताया कि ‘कुछ घंटे पहले इजरायल और अमेरिका ने एक ऑपरेशन को स्टार्ट किया है, जो कि ईरान में आतंकी शासन से पैदा हुए अस्तित्व के खतरे को मिटाने के लिए है.
- न्यूज एजेंसी AFP ने इजरायल के सरकारी ब्रॉडकास्टर KAN के हवाले से भी इस बात की जानकारी दी है कि ईरान पर बैलिस्टिक मिसाइलों के ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है. साथ ही सरकारी और सैन्य ठिकानों पर भी अटैक करके उन्हें नष्ट किया जा रहा है.
- हमले के बाद एहतियात के तौर पर इजरायल ने देश में इमरजेंसी लागू कर दी है. तेहरान में हमलों के बाद से दोनों देशों ने कमर्शियल फ्लाइट्स के लिए एयरस्पेस को ब्लॉक कर दिया.
- गुस्से में ईरान ने बहरीन को भी निशाना बनाया. वहां कि सरकारी न्यूज एजेंसी के अनुसार, बहरीन में कई स्थानों पर अटैक हुए हैं. एजेंसी ने इसे देश की संप्रभुता और सुरक्षा का खुला उल्लंघन बताया और इमरजेंसी जैसे उपाय लागू होने की बात कही. बता दें कि बहरीन में अमेरिकी नेवी के फिफ्ट फ्लीट का हेडक्वार्टर है.
- हमले के बाद मामला काफी बिगड़ गया और लोगों को मोबाइल फोन पर चेतावनी वाले अलर्ट मिलने लगे. कतर और कुवैत में लोगों से सुरक्षित रहने के लिए कहा गया है. कुवैत में सायरन और धमाके से लोगों के मन में डर का माहौल है. बता दें कि कुवैत में अमेरिकी सेना का बेस है.
- ईरान का सपोर्ट करने वाले यमन में हूती विद्रोहियों ने भी इजरायल पर अटैक करना स्टार्ट कर दिया. उसने ड्रोन अटैक को फिर से स्टार्ट कर दिया.
- खाड़ी देशों में धमाकों की गूंज पूरी दुनिया ने सुनी. हमले के बाद कतर, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों ने जब तक माहौल सही नहीं हो जाता तब तक के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है.
- इस हमले के बाद रूस भी पीछे नहीं रहा और वहां के राष्ट्रपति ने ईरान पर हमले को गलत बताया. साथ ही रूस के पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत सिर्फ एक दिखावा था. कोई बातचीत नहीं करना चाहते था और किसी को इस पर शक नहीं था.
- अमेरिका-इजरायल द्वारा किए गए हमलों के बाद ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अब अपने देश की रक्षा करने का समय आ गया है.