Israel Iran War: मिडिल ईस्ट में 28 फरवरी से ईरान और अमेरिका-ईजराइल के बीच जारी जंग (Israel Iran War) को अब महीना होने वाला है. लेकिन दिन-प्रतिदिन विकराल रूप लेता हुआ नजर आ रहा है. जिससे पूरी दुनिया प्रभावित नजर आ रही है. इस बीच, जानकारी सामने आ रही है कि ईरान पर बड़ा हमला हुआ है. ईरान के सरकारी मीडिया का दावा है कि उसकी परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाया गया है; इनमें एक हेवी-वॉटर प्लांट और एक येलोकेक उत्पादन प्लांट शामिल है.
ईरान की फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, मध्य ईरान में स्थित एक हेवी-वॉटर रिएक्टर को उन हमलों में निशाना बनाया गया, जिनका आरोप संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल पर लगाया जा रहा है.
कहां हुआ हमला?
फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने मध्य मरकज़ी प्रांत के एक अधिकारी हसन ग़मारी के हवाले से जानकारी देते हुए बताया कि अमेरिकी और इज़राइली दुश्मनों द्वारा किए गए हमले के दौरान खोंदाब हेवी वॉटर कॉम्प्लेक्स को दो चरणों में निशाना बनाया गया. हेवी-वॉटर प्लांट और येलोकेक उत्पादन सुविधाएं, दोनों ही परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के महत्वपूर्ण घटक हैं. हेवी वॉटर का उपयोग मुख्य रूप से परमाणु रिएक्टरों में न्यूट्रॉन की गति को धीमा करने के लिए किया जाता है.
क्या है येलोकेक?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि येलोकेक यूरेनियम अयस्क से निकाला गया यूरेनियम का एक प्रारंभिक सांद्रित रूप है. बताया जाता है कि यह पीले रंग का एक पाउडर होता है. यह परमाणु ईंधन के उत्पादन का पहला चरण होता है. इसी येलोकेक को बाद में संसाधित करके परमाणु बम बनाए जाते हैं. रिपोर्टों के अनुसार, यह हमला खोंदाब पावर प्लांट पर हुआ. बताया गया है कि इस सुविधा पर लगभग दस बार हमला किया गया.
काला धुंआ उठता हुआ आया नजर
हमले के बाद, उस जगह से काला धुआं उठता हुआ देखा गया. अब तक इस हमले के परिणामस्वरूप किसी के घायल होने या किसी की मौत होने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है. इसके अलावा, इस सुविधा से किसी भी तरह के विकिरण रिसाव (radiation leak) की भी कोई रिपोर्ट नहीं है. खोंदाब पावर प्लांट ईरान के मध्य क्षेत्र में अराक शहर के पास खोंदाब ज़िले में स्थित है. इसे पहले अराक हेवी वॉटर रिएक्टर या IR-40 के नाम से जाना जाता था.