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Iran Natanz Nuclear Attack: इजराइल- अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का आज 22वां दिन है. मीडिल ईस्ट में चल रहे इस तनाव का असर भारत में भी देखने को मिल रहा है, गैस सिलेडरों से लेकर हर छोटी-छोटी चीजों में महंगाई और संकट देखने को मिल रहे है. इस भीषण युद्ध में हर तरफ कोहराम मच गया है. वहीं अब ईरान से एक अहम खबर सामने आई है.
ईरान की तस्नीम न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, आज सुबह अमेरिका और इज़राइल ने ईरान की नतान्ज़ परमाणु सुविधा पर हवाई हमला किया. वहीं दूसरी तरफ अमेरिका भी ईरान द्वारा तेल भेजे जाने पर कहता है कि ईरान को तेल बिक्री से ज्यादा फायदा नहीं होने वाला.
नतान्ज़ परमाणु सुविधा पर हवाई हमला
ANI के रिपोर्ट से पता चला है कि, ईरान ने IAEA (अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी) को सूचित किया है कि आज नतान्ज़ परमाणु स्थल पर हमला हुआ. स्थल के बाहर विकिरण के स्तर में किसी भी वृद्धि की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है. IAEA इस रिपोर्ट की जाँच कर रहा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अब तक इस हमले के कारण किसी भी तरह का रेडियोधर्मी (खतरनाक परमाणु) रिसाव नहीं हुआ है. इस इलाके के आस-पास रहने वाले लोगों को कोई खतरा नहीं है.
IAEA (International Atomic Energy Agency) has been informed by Iran that the Natanz nuclear site was attacked today. No increase in off-site radiation levels reported. IAEA is looking into the report. pic.twitter.com/hYQ2P55hU5
— ANI (@ANI) March 21, 2026
2 मार्च को भी कर चुके हैं हमला
इज़राइल और अमेरिका ने इससे पहले 2 मार्च को भी इस सुविधा पर हमला किया था. यह ईरान का सबसे बड़ा परमाणु केंद्र है, जहां यूरेनियम संवर्धन का काम किया जाता है. इस सुविधा की एक खास बात यह है कि इसका एक बड़ा हिस्सा ज़मीन के नीचे बनाया गया है. इस डिज़ाइन को खास तौर पर संभावित हमलों से सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया था.
ईरान के तेल बिक्री पर अमेरिका की टिप्पणी
अमेरिका ने कहा है कि तेल बेचने की अनुमति मिलने के बावजूद, ईरान को इस बिक्री से बड़ी कमाई होने की उम्मीद नहीं है. अमेरिका ने एक अस्थायी छूट दी है, जिसके तहत लगभग 140 मिलियन बैरल तेल बेचा जा सकता है; हालांकि, यह छूट केवल उस तेल पर लागू होती है जो पहले ही जहाज़ों पर लाद दिया गया है.
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बैसेंट ने कहा कि ईरान के लिए इन पैसों तक पहुंच बनाना मुश्किल होगा. यह छूट अस्थायी है और केवल 19 अप्रैल तक ही लागू रहेगी. यह फैसला तेल की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के मकसद से लिया गया था, क्योंकि होर्मुज़ जलडमरू मध्य में तनाव के कारण आपूर्ति श्रृंखलाएं बाधित हो गई हैं. रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के ज़्यादातर तेल निर्यात आमतौर पर चीन को जाते हैं; हालांकि, अब यह तेल अन्य एशियाई देशों को भी भेजा जा सकता है.
अमेरिका और इज़राइल ने निजी जहाज़ों पर हमला किया- ईरान
ईरान ने कहा है कि अमेरिका और इज़राइल, फ़ारस की खाड़ी में चलने वाले निजी और यात्री जहाज़ों पर हमला कर रहे हैं. ईरान की सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि ये हमले जान-बूझकर किए जा रहे हैं. ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर ऐसी घटनाएं दोबारा होती हैं, तो वह ज़ोरदार जवाब देगा. इस बीच, कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि ईरान ने खुद ही कुछ जहाज़ों पर हमले किए हैं.
रूस ने नतान्ज़ परमाणु हमले पर हमले की निंदा की
रूस ने ईरान के नतान्ज़ परमाणु संयंत्र पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है. रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने कहा कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है. ईरान ने भी इस हमले के बारे में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी को सूचित कर दिया है.