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Khawaja Asif Statement on Anti India : पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए संघर्ष विराम की सफलता की उम्मीद जताई है. उन्होंने मुस्लिम जगत से अपील की है कि वे इस संघर्ष विराम की रक्षा करें और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए सतर्क रहें. इस पर ख्वाजा आसिफ ने भारत और इज़राइल को मुस्लिम जगत का सबसे बड़ा दुश्मन करार दिया.
ख्वाजा आसिफ का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब बुधवार को अमेरिका और ईरान के बीच, जिसमें पाकिस्तान ने मध्यस्थता की थी एक संघर्ष विराम लागू हुआ. यह संघर्ष विराम 28 फरवरी से जारी लड़ाई के बीच लागू किया गया है.
पाकिस्तान के केवल दो दुश्मन है हिंदुस्तान और इजराइल- ख्वाजा आसिफ
इजराइल के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ इस्लामी दुनिया को आगाह करते हुए, उन्होंने कहा कि यह प्रभाव पहले ही यूरोप, अमेरिका और अरब जगत में फैल चुका है और अब पाकिस्तान के पास इसका मुकाबला करने में नेतृत्व की भूमिका निभाने का अवसर है.
Pakistan minister says in National Assembly of Pakistan:
“Muslim world has two enemies Hindustan and Israel.”
This is the mindset being openly pushed at the highest level. pic.twitter.com/4JVHR4kbu1
— Amit Kumar Sindhi (@AMIT_GUJJU) April 8, 2026
इस बीच, भारत के खिलाफ जहर उगलते हुए, ख्वाजा आसिफ ने कहा कि दक्षिण एशिया में मुसलमानों के स्पष्ट दुश्मन भारत हैं, और खाड़ी क्षेत्र में इज़राइल हैं. ख्वाजा आसिफ पाकिस्तान के वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं में गिने जाते हैं; हालांकि, उनके बयान अक्सर विवादों को जन्म देते हैं. पिछले मई में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए चार-दिवसीय संघर्ष के बाद से, ख्वाजा आसिफ ने बार-बार भारत के खिलाफ आक्रामक टिप्पणियां की हैं.
ईरान में संघर्ष विराम बहुत खुशी की बात- ख्वाजा आसिफ
नेशनल असेंबली में बोलते हुए, ख्वाजा आसिफ ने कहा कि अल्लाह हमें शांति और सुलह स्थापित करने में सफलता प्रदान करे. ईरान में संघर्ष विराम बहुत खुशी की बात है; हालांकि, मुस्लिम उम्माह को इसे बनाए रखने और शांति के लिए खतरों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है. पाकिस्तान इस प्रयास में अपनी भूमिका निभा रहा है, क्योंकि इस्लाम शांति और सुलह की वकालत करता है.
वैश्विक मंच पर देश की नई पहचान के प्रमाण के रूप में ईरान की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए, उन्होंने कहा कि इजराइल से उत्पन्न खतरा अभी कम नहीं हुआ है और इसे कम करके नहीं आंका जाना चाहिए.
पाकिस्तान के लिए एक ऐतिहासिक क्षण
ख्वाजा आसिफ ने क्षेत्र में शांति को बढ़ावा देने में पाकिस्तान की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि खाड़ी के दोनों ओर भाई होने के नाते, हम शांति को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका निभा रहे हैं. हमारी हालिया उपलब्धियों ने इस्लामाबाद को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान दिलाई है.
पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर अयाज सादिक ने भी अमेरिका-ईरान संघर्ष-विराम को एक बड़ी उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि यह पूरे पाकिस्तानी राष्ट्र के लिए ऐतिहासिक सम्मान और गौरव का क्षण है. पाकिस्तान के नेक प्रयास रंग लाए हैं और यह संघर्ष-विराम इसी बात की पुष्टि करता है.