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बेस से काटकर ले गए बापू की मूर्ति, ऑस्ट्रेलिया में 426 किलों की गांधी प्रतिमा कैसे हुई चोरी?

ऑस्ट्रेलिया में गांधी प्रतिमा चोरी: मेलबर्न के रोविल में महात्मा गांधी की एक कांसे की मूर्ति के साथ तोड़-फोड़ की गई और उसे चुरा लिया गया, जिसके बाद भारत ने देश के अधिकारियों के सामने इस मामले को ज़ोरदार तरीके से उठाया.

Written By: Shristi S
Last Updated: February 14, 2026 21:35:05 IST

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Mahatma Gandhi statue stolen: ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न के रोविल में महात्मा गांधी की एक कांसे की मूर्ति के साथ तोड़-फोड़ की गई और उसे चुरा लिया गया, जिसके बाद भारत ने देश के अधिकारियों के सामने इस मामले को ज़ोरदार तरीके से उठाया. विदेश मंत्रालय ने इस घटना की निंदा की और ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों से मूर्ति को वापस लाने और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को जिम्मेदार ठहराने की अपील की.

कब की है घटना?

ऑस्ट्रेलिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, रोविल में ऑस्ट्रेलियन इंडियन कम्युनिटी सेंटर में मौजूद 426 किलो की कांसे की मूर्ति 12 जनवरी की सुबह चोरी हो गई. कहा जाता है कि मूर्ति को एंगल ग्राइंडर का इस्तेमाल करके उसके बेस से काटा गया था, जिससे बाकी पैर बचे थे. ऑस्ट्रेलिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, फिर कांसे की मूर्ति को कथित तौर पर टुकड़ों में काटकर चुरा लिया गया.

उद्घाटन के तुरंत बाद ही मूर्ति को उपद्रवियों ने निशाना बनाया

महात्‍मा गांधी की मूर्ति इंडियन काउंसिल फॉर कल्‍चरल रिलेशंस (ICCR), नई दिल्‍ली का तोहफा थी और इसका उद्घाटन 2021 में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मजबूत संबंधों की निशानी के तौर पर किया था. लेकिन, नवंबर 2021 में इसके उद्घाटन के एक दिन के अंदर ही मूर्ति को घुमाया गया और उसमें घुमाया गया, जिसे भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों में निंदा हुई. हालांकि, उस समय कोई पब्लिक अरेस्ट नहीं किया गया था, ऑस्ट्रेलिया टुडे ने रिपोर्ट किया.

ऑस्ट्रेलिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, घुमाने की पिछली घटना ऐसे समय में हुई जब खालिस्तान से जुड़ी चरमपंथी गतिविधियों से जुड़ा तनाव बढ़ गया था, जिसने पहले भी कई पश्चिमी देशों में भारत से जुड़े डिप्‍लोमैटिक मिशन, कम्‍युनिटी स्‍थल और निशानियों को घुमाया बनाया था.

भारत ने घटना की कड़ी निंदा की

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस मामले पर एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि हम मेलबर्न के रोविल में ऑस्ट्रेलियन इंडियन कम्युनिटी सेंटर में मौजूद महात्मा गांधी की मूर्ति को अज्ञात लोगों द्वारा तोड़ा और हटाने की कड़ी निंदा करते हैं. MEA ने ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों के सामने इस मामले को ज़ोरदार तरीके से उठाया था और उनसे गायब मूर्ति को वापस पाने और दोषियों को जिम्मेदार ठहराने के लिए तुरंत कार्रवाई करने का आग्रह किया था.

इस बीच, विक्टोरिया पुलिस नॉक्स क्राइम इन्वेस्टिगेशन यूनिट ने घटना की जांच शुरू कर दी है. ऑस्ट्रेलिया टुडे को दिए एक बयान में, पुलिस ने कहा कि मूर्ति को तीन अनजान लोगों ने किंग्सले क्लोज़, रोविल में चैरिटी की जगह से रात करीब 12.50 बजे चुरा लिया. पुलिस ने हथगोले मेटल डीलरों को चेतावनी दी है कि वे ऐसे किसी भी व्यक्ति से सावधान रहें जो कांसे की मूर्ति बेचने की कोशिश करे, और उनसे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करने का आग्रह किया है.

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Last Updated: February 14, 2026 21:35:05 IST

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Mahatma Gandhi statue stolen: ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न के रोविल में महात्मा गांधी की एक कांसे की मूर्ति के साथ तोड़-फोड़ की गई और उसे चुरा लिया गया, जिसके बाद भारत ने देश के अधिकारियों के सामने इस मामले को ज़ोरदार तरीके से उठाया. विदेश मंत्रालय ने इस घटना की निंदा की और ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों से मूर्ति को वापस लाने और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को जिम्मेदार ठहराने की अपील की.

कब की है घटना?

ऑस्ट्रेलिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, रोविल में ऑस्ट्रेलियन इंडियन कम्युनिटी सेंटर में मौजूद 426 किलो की कांसे की मूर्ति 12 जनवरी की सुबह चोरी हो गई. कहा जाता है कि मूर्ति को एंगल ग्राइंडर का इस्तेमाल करके उसके बेस से काटा गया था, जिससे बाकी पैर बचे थे. ऑस्ट्रेलिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, फिर कांसे की मूर्ति को कथित तौर पर टुकड़ों में काटकर चुरा लिया गया.

उद्घाटन के तुरंत बाद ही मूर्ति को उपद्रवियों ने निशाना बनाया

महात्‍मा गांधी की मूर्ति इंडियन काउंसिल फॉर कल्‍चरल रिलेशंस (ICCR), नई दिल्‍ली का तोहफा थी और इसका उद्घाटन 2021 में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मजबूत संबंधों की निशानी के तौर पर किया था. लेकिन, नवंबर 2021 में इसके उद्घाटन के एक दिन के अंदर ही मूर्ति को घुमाया गया और उसमें घुमाया गया, जिसे भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों में निंदा हुई. हालांकि, उस समय कोई पब्लिक अरेस्ट नहीं किया गया था, ऑस्ट्रेलिया टुडे ने रिपोर्ट किया.

ऑस्ट्रेलिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, घुमाने की पिछली घटना ऐसे समय में हुई जब खालिस्तान से जुड़ी चरमपंथी गतिविधियों से जुड़ा तनाव बढ़ गया था, जिसने पहले भी कई पश्चिमी देशों में भारत से जुड़े डिप्‍लोमैटिक मिशन, कम्‍युनिटी स्‍थल और निशानियों को घुमाया बनाया था.

भारत ने घटना की कड़ी निंदा की

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस मामले पर एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि हम मेलबर्न के रोविल में ऑस्ट्रेलियन इंडियन कम्युनिटी सेंटर में मौजूद महात्मा गांधी की मूर्ति को अज्ञात लोगों द्वारा तोड़ा और हटाने की कड़ी निंदा करते हैं. MEA ने ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों के सामने इस मामले को ज़ोरदार तरीके से उठाया था और उनसे गायब मूर्ति को वापस पाने और दोषियों को जिम्मेदार ठहराने के लिए तुरंत कार्रवाई करने का आग्रह किया था.

इस बीच, विक्टोरिया पुलिस नॉक्स क्राइम इन्वेस्टिगेशन यूनिट ने घटना की जांच शुरू कर दी है. ऑस्ट्रेलिया टुडे को दिए एक बयान में, पुलिस ने कहा कि मूर्ति को तीन अनजान लोगों ने किंग्सले क्लोज़, रोविल में चैरिटी की जगह से रात करीब 12.50 बजे चुरा लिया. पुलिस ने हथगोले मेटल डीलरों को चेतावनी दी है कि वे ऐसे किसी भी व्यक्ति से सावधान रहें जो कांसे की मूर्ति बेचने की कोशिश करे, और उनसे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करने का आग्रह किया है.

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