कब की है घटना?
उद्घाटन के तुरंत बाद ही मूर्ति को उपद्रवियों ने निशाना बनाया
ऑस्ट्रेलिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, घुमाने की पिछली घटना ऐसे समय में हुई जब खालिस्तान से जुड़ी चरमपंथी गतिविधियों से जुड़ा तनाव बढ़ गया था, जिसने पहले भी कई पश्चिमी देशों में भारत से जुड़े डिप्लोमैटिक मिशन, कम्युनिटी स्थल और निशानियों को घुमाया बनाया था.
भारत ने घटना की कड़ी निंदा की
इस बीच, विक्टोरिया पुलिस नॉक्स क्राइम इन्वेस्टिगेशन यूनिट ने घटना की जांच शुरू कर दी है. ऑस्ट्रेलिया टुडे को दिए एक बयान में, पुलिस ने कहा कि मूर्ति को तीन अनजान लोगों ने किंग्सले क्लोज़, रोविल में चैरिटी की जगह से रात करीब 12.50 बजे चुरा लिया. पुलिस ने हथगोले मेटल डीलरों को चेतावनी दी है कि वे ऐसे किसी भी व्यक्ति से सावधान रहें जो कांसे की मूर्ति बेचने की कोशिश करे, और उनसे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करने का आग्रह किया है.