Zohran Mamdani Letter to Umar Khalid: कल 1 जनवरी 2026 को न्यूयॉर्क के मेयर के रुप में शपथ लेकर ज़ोहरान मामदानी ने इतिहास रच दिया. वो ऐसा करने वाले न्यूयॉर्क के पहले मुस्लिम मेयर बने. अब जोहरान ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के पूर्व स्टूडेंट और एक्टिविस्ट उमर खालिद को एक लेटर लिखा है. बता दें कि उमर खालिद दिल्ली के तिहाड़ जेल में अनलॉफुल एक्टिविटीज़ प्रिवेंशन एक्ट (UAPA) के तहत बंद हैं.
डेक्कन क्रॉनिकल की रिपोर्ट के मुताबिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जो लेटर शेयर किया गया है. उसे मामदानी ने लिखा है. ये नोट हाथ से लिखा गया है. नोट में ममदानी ने खालिद के साथ पिछली बातचीत के बारे में बताया है.और उनके लिए एकजुटता दिखाई है.
लेटर में क्या लिखा है?
ममदानी ने लेटर में लिखा है ‘प्रिय उमर, मैं अक्सर कड़वाहट पर आपके शब्दों और इसे खुद पर हावी न होने देने की अहमियत के बारे में सोचता हूं. आपके माता-पिता से मिलकर खुशी हुई, हम सब आपके बारे में सोच रहे हैं.’ लेटर की इमेज X पर शेयर की गई थी.
उमर की दोस्त बनोज्योत्सना लाहिड़ी ने इस लेटर को शेयर किया था. बनोज्योत्सना लाहिड़ी ने द टेलीग्राफ को बताया कि उमर के माता-पिता दिसंबर में अमेरिका में थे. वहां वे ममदानी समेत कई लोगों से मिले.
Zohran Mamdani writes to Umar Khalid.
December 2025. #FreeUmarKhalid#FreeAllPoliticalPrisoners pic.twitter.com/QTYe06cRp5— banojyotsna … (@banojyotsna) January 1, 2026
2020 में किया गया था गिरफ्तार
बता दें कि जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के पूर्व स्कॉलर खालिद को सितंबर 2020 में उस साल की शुरुआत में हुए दिल्ली दंगों से जुड़ी एक बड़ी साज़िश में कथित भूमिका के लिए गिरफ्तार किया गया था. हालांकि दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें एक FIR में बरी कर दिया है, लेकिन वह UAPA के तहत एक और मामले में हिरासत में हैं.
पिछले पांच सालों में उनकी ज़मानत याचिकाएं कई बार खारिज हो चुकी हैं. दिसंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.
उमर को लेकर पहले भी बात कर चुके हैं मामदानी
ममदानी ने पहले भी खालिद के समर्थन में सार्वजनिक रूप से बात कर चुके हैं. जून 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे से पहले न्यूयॉर्क में हुए ‘हाउडी, डेमोक्रेसी?!’ इवेंट में ममदानी ने खालिद की जेल में लिखी बातों के कुछ हिस्से पढ़े. उस समय .मामदानी न्यूयॉर्क स्टेट असेंबली के मेंबर थे.मामदानी ने ऑडियंस से कहा “मैं उमर खालिद का एक लेटर पढ़ने जा रहा हूं जो एक स्कॉलर और दिल्ली में जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में एक पुराने स्टूडेंट एक्टिविस्ट हैं, जिन्होंने लिंचिंग और नफ़रत के ख़िलाफ़ एक कैंपेन चलाया था. वह अनलॉफ़ुल एक्टिविटीज़ प्रिवेंशन एक्ट के तहत 1,000 से ज़्यादा दिनों से जेल में हैं और अभी तक उन पर ट्रायल नहीं हुआ है, हालांकि उनकी बेल एप्लीकेशन बार-बार रिजेक्ट हो चुकी है. उन पर एक मर्डर अटेम्प्ट भी हुआ है.”
एक डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट, ममदानी ज़मीनी स्तर पर कैंपेनिंग के ज़रिए नेशनल लेवल पर मशहूर हुए और मेयर का पद पाने से पहले न्यूयॉर्क स्टेट असेंबली के मेंबर के तौर पर काम कर चुके हैं.