Pakistan Airstrike: पाकिस्तान ने रविवार सुबह अफगानिस्तान से लगी अपनी सीमा पर एयरस्ट्राइक की, जिसमें अधिकारियों ने उन जगहों को निशाना बनाया जिन्हें आतंकवादी ठिकाने बताया. सरकार ने कहा कि यह कार्रवाई पाकिस्तान के अंदर हाल ही में हुए जानलेवा हमलों के जवाब में की गई. सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा कि सेना ने खुफिया जानकारी पर आधारित और चुनिंदा ऑपरेशन किए. उनके अनुसार, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े सात कैंपों को निशाना बनाया गया. TTP एक पाकिस्तानी आतंकवादी ग्रुप है जिसने देश में कई हमलों की ज़िम्मेदारी ली है.
बेहसूद जिले में एक रिहायशी इलाके में पाकिस्तान ने एयर स्ट्राइक कर दी. इस बमबारी में एक ही परिवार के 19 लोगों की मौत का दावा किया जा रहा है. जानकारी के अनुसार, घर में 21 लोग मौजूद थे, जिनमें दो अन्य घायल हुए हैं. मृतकों में 80 साल के बुजुर्ग से लेकर एक साल का बच्चा तक शामिल है. घायलों में 20 साल के रियाजुल्लाह का नाम सामने आया है. तरार ने यह भी कहा कि बॉर्डर इलाके में जिन लोगों को निशाना बनाया गया उनमें इस्लामिक स्टेट से जुड़ा एक ग्रुप भी शामिल था. पाकिस्तान पहले भी ऐसे ही हमले कर चुका है. पिछले साल अक्टूबर में, देश ने आतंकवादी ठिकानों पर हमला करने के लिए अफ़गानिस्तान के अंदर ऑपरेशन शुरू किए थे.
हाल के आत्मघाती हमले
ये एयरस्ट्राइक अफ़गानिस्तान की सीमा से लगे खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बाजौर जिले में हुए एक जानलेवा आत्मघाती हमले के कुछ ही दिनों बाद हुए. एक हमलावर ने विस्फोटकों से भरी गाड़ी एक सुरक्षा चौकी में घुसा दी, जिसमें 11 सैनिक और एक बच्चा मारा गया. अधिकारियों ने बाद में दावा किया कि हमलावर एक अफ़गान नागरिक था.
बन्नू जिले में एक अलग हमले में एक और सुसाइड बॉम्बर ने एक सिक्योरिटी काफ़िले को निशाना बनाया, जिसमें एक लेफ्टिनेंट कर्नल समेत दो सैनिक मारे गए. इन हमलों के बाद, पाकिस्तान की मिलिट्री ने चेतावनी दी कि वह ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ ऑपरेशन जारी रखेगी, चाहे वे कहीं भी हों.
पाकिस्तान ने अफगान-बेस्ड लीडरशिप पर आरोप लगाया
तरार ने कहा कि पाकिस्तान के पास साफ सबूत हैं कि हाल में इस्लामाबाद में एक शिया मस्जिद में सुसाइड बॉम्बिंग की गई थी, जिसमें 31 नमाज़ियों की मौत हो गई थी. अफगानिस्तान से काम कर रहे मिलिटेंट्स ने प्लान किए थे. उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान ने बार-बार अफ़गानिस्तान की तालिबान सरकार से कहा है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान के ख़िलाफ हमलों के लिए न करे. उनके मुताबिक, अब तक कोई सख़्त एक्शन नहीं लिया गया है.
BREAKING 🚨
22 February 2026The terrorist army of Pakistan once again violated the air space of Afghanistan, carried out drone and air strikes in Paktika province
According to Afghan media sources In Barmal district of Paktika province, the oppressive Pakistan military regime… pic.twitter.com/m500N1WGWN
— Mir Yar Baloch (@miryar_baloch) February 21, 2026
दबाव डालने की अपील
पाकिस्तान ने इंटरनेशनल कम्युनिटी से भी अफ़गान अधिकारियों पर दोहा एग्रीमेंट के तहत अपने कमिटमेंट्स को मानने के लिए दबाव डालने की अपील की है. इसमें कहा गया है कि अफ़गान ज़मीन का इस्तेमाल दूसरे देशों को धमकाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए. हाल के सालों में पाकिस्तान में मिलिटेंट हिंसा बढ़ी है. ज्यादातर हिंसा के लिए TTP और दूसरे हथियारबंद ग्रुप्स को ज़िम्मेदार ठहराया गया है. TTP अफ़गानिस्तान के तालिबान से अलग है, लेकिन माना जाता है कि उसके तालिबान के साथ करीबी रिश्ते हैं. TTP और अफ़गान अधिकारी दोनों इस बात से इनकार करते हैं कि यह ग्रुप अफ़गान जमीन से काम करता है.