Pakistan-Afghanistan War: पाकिस्तान ने शुक्रवार (27 फरवरी) को अफ़गानिस्तान के तालिबान अधिकारियों के खिलाफ़ “खुली जंग” का ऐलान कर दिया. यह बॉर्डर पार लड़ाई में तेजी से बढ़ोतरी के बाद हुआ है. काबुल और कंधार से धमाकों और गोलीबारी की खबरें आने पर पाकिस्तान के डिफेंस मिनिस्टर ख्वाजा आसिफ ने X पर एक पोस्ट में कहा, “हमारे सब्र की हद हो गई है.”
ख्वाजा आसिफ ने क्या कहा?
पाकिस्तानी मिनिस्टर ने कहा कि NATO सेनाओं के हटने के बाद उम्मीद थी कि अफगानिस्तान में शांति होगी और तालिबान अफगान लोगों की भलाई और इलाके की स्थिरता को प्राथमिकता देगा. हालांकि उन्होंने दावा किया कि इसके बजाय अफ़गानिस्तान “भारत की कॉलोनी” बन गया है.
तालिबान सरकार पर अपने नागरिकों को “बुनियादी मानवाधिकारों” से “वंचित” करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने “उन अधिकारों को छीन लिया है जो इस्लाम महिलाओं को देता है.” उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद ने “सीधे तरीकों और दोस्त देशों के जरिए हालात को नॉर्मल रखने की पूरी कोशिश की लेकिन पाकिस्तान को अटैक से टारगेट करने की कोशिश की जा रही है”.उन्होंने कहा, “अब हमारे और आपके बीच खुली जंग है,” और आगे कहा, “अब यह ‘दमा दम मस्त कलंदर’ होगा.”
पाकिस्तान का करारा जवाब
इससे पहले पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने कहा कि देश की ताजा मिलिट्री कार्रवाई, जिसे उन्होंने अफ़गान हमला कहा, उसका “करारा जवाब” है. उनकी यह बात तालिबान अधिकारियों के यह कहने के कुछ घंटे बाद आई कि उनकी सेना ने पहले के हवाई हमलों का बदला लेने के लिए सीमा पर पाकिस्तानी सैनिकों पर हमला किया था. उन्होंने कहा, “पाकिस्तान की सेना ने अफ़गान तालिबान के खुले हमले का करारा जवाब दिया है.”
सीमा पर जवाबी कार्वाही शुरू
तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद के एक्स पोस्ट के अनुसार अफगान सेना ने कंधार और हेलमंद की दिशा में भी पाकिस्तानी सैनिकों की जगहों के ख़िलाफ बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई शुरू की.
तालिबान सरकार के प्रवक्ता ने कहा, “पाकिस्तानी सेना द्वारा बार-बार उल्लंघन के जवाब में पाकिस्तानी मिलिट्री बेस और मिलिट्री ठिकानों के खिलाफ बड़े पैमाने पर हमले वाले ऑपरेशन शुरू किए गए.” अफगान अधिकारियों ने दावा किया कि झड़पों में दर्जनों पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और कई पकड़े गए जिसके बारे में उन्होंने कहा कि ये हमले उन हमलों की वजह से हुए जिनमें कई दिनों तक आम लोग मारे गए थे पहले.
इस बीच पाकिस्तान की इन्फॉर्मेशन मिनिस्ट्री ने कहा कि अफगान तालिबान की सेनाओं ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में “कई जगहों पर बिना उकसावे के फायरिंग की”, जिसके बाद “तुरंत और असरदार” जवाबी कार्रवाई की गई. गुरुवार को अफ़गान लड़ाकों के अपनी सेनाओं पर हमला करने के बाद इस्लामाबाद ने पहले “तुरंत” जवाब देने की कसम खाई थी.
महीनों से बढ़ रहा है तनाव
यह ताजा लड़ाई पड़ोसियों के बीच महीनों से बढ़ते तनाव के बाद हुई है. अफगानिस्तान में यूएन मिशन के अनुसार पिछले हफ़्ते नंगरहार और पक्तिका प्रांतों पर पाकिस्तानी एयर स्ट्राइक में कथित तौर पर कम से कम 13 आम लोग मारे गए हालांकि इस्लामाबाद ने कहा कि आतंकवादियों को निशाना बनाया गया था.
अक्टूबर में हुई जानलेवा झड़पों के बाद से बॉर्डर क्रॉसिंग ज़्यादातर बंद हैं, जिसमें दोनों तरफ़ 70 से ज़्यादा लोग मारे गए थे. कतर और तुर्की की मध्यस्थता वाली बातचीत सहित मध्यस्थता की कोशिशें अब तक नाकाम रही हैं.
इस्लामाबाद ने बार-बार काबुल पर अफ़गान ज़मीन से काम करने वाले आतंकवादी ग्रुप्स को रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगाया है, इस आरोप से तालिबान इनकार करता है.