Shehbaz Sharif Statements: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को कहा कि जो लोग लोन लेने जाते हैं, उन्हें अपना सिर झुकाना पड़ता है, यह मानते हुए कि हाल के दिनों में इस्लामाबाद को वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है. इस्लामाबाद में देश के जाने-माने बिजनेसमैन और एक्सपोर्टर्स को सम्मानित करने के एक समारोह में बोलते हुए शरीफ ने कहा कि विदेशी लोन मांगने की वजह से पाकिस्तान को आत्म-सम्मान की कीमत पर समझौता करने के लिए मजबूर होना पड़ा है.
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, शरीफ ने कहा कि मैं कैसे बताऊं कि हमने दोस्त देशों से लोन के लिए कैसे रिक्वेस्ट की? दोस्त देशों ने हमें निराश नहीं किया. लेकिन जो लोन लेने जाता है, उसका सिर झुक जाता है.
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने क्या कहा?
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने देश की आर्थिक स्थिति पर बात की, जब इमरान खान को हटाए जाने के बाद 2022 में उनकी पार्टी सत्ता में आई थी. उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि जब हमने पद संभाला तो आर्थिक स्थिति बहुत नाजुक थी और आम आदमी को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था. शरीफ ने मुश्किल समय में पाकिस्तान को पूरी तरह से सपोर्ट करने के लिए दोस्त देशों को श्रेय दिया और आर्मी चीफ और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ मिलकर उन्होंने अरबों डॉलर के लोन के लिए कई देशों के नेताओं से मुलाकात की थी.
लोने के लिए आपको आत्मसम्मान की कीमत चुकानी पड़ती है: शहबाज शरीफ
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि जब आप लोन लेने जाते हैं, तो आपको अपने आत्मसम्मान की कीमत चुकानी पड़ती है. आपको समझौता करना पड़ता है. कभी-कभी अनुचित मांगें आ सकती हैं और आपको उन्हें पूरा करना पड़ता है, भले ही उन्हें पूरा करने का कोई कारण न हो. उन्होंने आगे कहा कि जब फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और मैं दुनिया भर में पैसे के लिए भीख मांगते फिरते हैं तो हमें शर्म आती है. लोन लेना हमारे आत्मसम्मान पर एक बहुत बड़ा बोझ है. शर्म से हमारा सिर झुक जाता है. वे हमसे जो कुछ भी करवाना चाहते हैं, हम उनमें से कई बातों के लिए ना नहीं कह सकते.
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कर्ज पर चल रहा पाकिस्तान
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब देश को स्थिर करने के लिए सख्त नीतियां लागू करने के बाद पाकिस्तान आर्थिक विकास को सपोर्ट करने की योजना पर IMF के साथ बातचीत कर रहा है. पाकिस्तान अपने विदेशी मुद्रा भंडार और कर्ज को मैनेज करने के लिए चीन, सऊदी अरब, UAE और कतर सहित कई देशों से मिलने वाली वित्तीय सहायता पर बहुत ज्यादा निर्भर है. ये देश IMF के साथ मिलकर नकदी की कमी से जूझ रहे देश को रेगुलर लोन और रोलओवर देते हैं.
चीन ने पाकिस्तान पर किया है काफी निवेश
चीन ने अरबों डॉलर के डिपॉजिट को रोलओवर किया है, जिसमें 2024-25 में $4 बिलियन मिलने की उम्मीद है. चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर में $60 बिलियन से ज़्यादा के प्रोजेक्ट शामिल हैं. सऊदी अरब ने $3 बिलियन का डिपॉजिट दिया और $1.2 बिलियन की तेल सुविधा दी. UAE ने $2 बिलियन का लोन आगे बढ़ा दिया, जबकि कतर ने $3 बिलियन के निवेश और LNG सप्लाई के लिए समझौते किए.