Pakistan vs Afganistan: पाकिस्तान और अफ़गानिस्तान के बीच बॉर्डर पर रातों-रात झड़पें तेज़ हो गईं. दोनों देशों ने एक-दूसरे को भारी नुकसान पहुँचाने का दावा किया. पाकिस्तान के डिफेंस मिनिस्टर, ख्वाजा आसिफ ने तो यहाँ तक कह दिया कि उनका देश अफ़गानिस्तान के साथ ‘खुली जंग’ में लगा हुआ है. आइए दोनों देशों की मिलिट्री ताकत में अंतर को समझते हैं. ये आंकड़े लंदन में इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज़ (IISS) की एक रिपोर्ट पर आधारित हैं.
मिलिट्री फोर्सेज़ के मामले में पाकिस्तान और अफगानिस्तान
2025 की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान मिलिट्री फोर्सेज़ के मामले में दुनिया में 9वें नंबर पर था. इसके पास कुल लगभग 6.6 मिलियन एक्टिव सैनिक हैं, जिनमें से लगभग 5.6 मिलियन आर्म्ड फोर्सेज़ में हैं. वहीं अफ़गानिस्तान 55वें नंबर पर है. तालिबान की लीडरशिप वाली आर्मी में लगभग 1.72 लाख एक्टिव लड़ाके होने का अनुमान है.
टैंक और आर्टिलरी
टैंक और आर्टिलरी के मामले में पाकिस्तान के पास 6,000 से ज़्यादा आर्मर्ड गाड़ियां और लगभग 4,600 आर्टिलरी पीस हैं. इसे अपने बड़े डिफेंस पार्टनर चीन से मॉडर्न हथियार और इक्विपमेंट मिलते हैं. वहीं अफगानिस्तान ज़्यादातर 2021 में सत्ता में वापसी के दौरान कब्ज़े में लिए गए हथियारों का इस्तेमाल कर रहा है. इनमें अमेरिकन हम्वी और M4 राइफलें शामिल हैं. इसके पास कुछ टैंक और आर्टिलरी भी हैं, लेकिन सही संख्या सामने नहीं आ पाई है. वहीं मेंटेनेंस भी एक बड़ी समस्या है.
एयर और नेवल ताकत
एयर और नेवल की बात करें तो पाकिस्तान के पास लगभग 465 कॉम्बैट एयरक्राफ्ट और 260 से ज़्यादा हेलीकॉप्टर हैं. इनमें अटैक, ट्रांसपोर्ट और मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर शामिल हैं. नेवी और एयर फ़ोर्स को लगातार मॉडर्नाइज़ किया जा रहा है. वहीं अफगानिस्तान की बात करें तो इसके पास कोई मज़बूत एयर फ़ोर्स नहीं है. कोई कॉम्बैट एयरक्राफ्ट नहीं हैं रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके पास कम से कम छह पुराने एयरक्राफ्ट और 23 हेलीकॉप्टर हैं, लेकिन संख्या इसकी भी साफ नहीं है।
गुरिल्ला टैक्टिक्स पर भरोसा
हालांकि पाकिस्तान के पास पारंपरिक मिलिट्री में काफी बढ़त है, लेकिन तालिबान बॉर्डर के पहाड़ी इलाकों की गहरी जानकारी और गुरिल्ला लड़ाई की स्ट्रैटेजी का इस्तेमाल करता है. छोटे ग्रुप में अचानक हमले करना एक खास स्ट्रैटेजी है.
न्यूक्लियर हथियार
न्यूक्लियर पावर की बात करें तो पाकिस्तान के पास एक न्यूक्लियर पावर है. माना जाता है कि उसके पास लगभग 170 न्यूक्लियर वॉरहेड हैं. वहीं अफगानिस्तान के पास कोई न्यूक्लियर हथियार नहीं हैं
कुल मिलाकर, पारंपरिक मिलिट्री, हथियारों और टेक्नोलॉजी के मामले में पाकिस्तान अफ़गानिस्तान से कहीं ज़्यादा मज़बूत है. हालांकि, बॉर्डर की मुश्किल जगह और गुरिल्ला टैक्टिक्स हालात को और मुश्किल बना देते हैं.