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इफ्तार की खुशियां मलबे में तब्दील: रमजान के पवित्र महीने में पूरे मध्य पूर्व में कोहराम! अब तक 40 मासूमों की गई जान

रमज़ान के पवित्र महीने में मिडिल ईस्ट में मची भारी अफ़रा-तफ़री! मिनाब के स्कूल पर हमले और 40 मासूमों की मौत के बाद क्या चुप रहेगा ईरान? जानिए खामेनेई का अगला कदम...

Written By: Shivani Singh
Last Updated: 2026-02-28 18:40:54

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रमज़ान का मुकद्दस महीना शुरू ही हुआ था कि मध्य पूर्व की फिजाओं में इबादत की जगह बारूद की गंध घुल गई है जहां घरों में सहरी और इफ्तार की तैयारियां होनी चाहिए थीं, वहां अब मातम और मलबे का ढेर है. आज ईरान के मिनाब शहर में मासूमों की हंसी को हमेशा के लिए खामोश कर दिया गया. एक तरफ आसमान से बरसती मिसाइलें और दूसरी तरफ अपनों को खोने का डर इस अफ़रा-तफ़री ने पूरे ईरान को हिला कर रख दिया है. एक प्राइमरी स्कूल की उन मासूम बच्चियों का क्या कसूर था, जो शायद अपनी ईद के सपनों में खोई थीं? ट्रंप के ‘बड़े कॉम्बैट ऑपरेशन’ और खामेनेई के ‘मिसाइल जाल’ के बीच फंसी इन नन्हीं जानों की चीखें आज हर इंसानियत पसंद दिल को झकझोर रही हैं. क्या यह रमज़ान शांति की इबादत लेकर आएगा या फिर ये आग पूरे मिडिल ईस्ट को अपनी चपेट में ले लेगी?

मरने वालों की संख्या 40 पहुंच गई है

ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी IRNA ने शनिवार को बताया कि ईरान के शहर मिनाब में लड़कियों के स्कूल पर इज़राइली-US हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 40 हो गई है. इस हमले में 45 और लोग घायल हुए हैं. यह ईरान में अलग-अलग जगहों पर इज़राइल और US के शुरू किए गए एक बड़े मिलिट्री ऑपरेशन का हिस्सा है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड की एक यूनिट दक्षिणी होर्मोज़गन प्रांत के मिनाब शहर में है, जो शायद टारगेट था। हालांकि, स्कूल पर सीधे हमले में आम लोगों, खासकर लड़कियों की मौत हो गई। शुरुआती रिपोर्ट में मरने वालों की संख्या 24 बताई गई थी, जो बाद में बढ़कर 40 हो गई। यह घटना 28 फरवरी को हुई, यानी US और इज़राइल के ईरान पर हमले शुरू करने के दो दिन बाद. US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन को एक बड़ा कॉम्बैट ऑपरेशन बताया और ईरानी लोगों से उनके शासन के खिलाफ आवाज़ उठाने की अपील की. ​​ईरानी मीडिया के मुताबिक, तेहरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के ऑफिस के पास भी हमले हुए, जहां धुआं उठता देखा गया। हालांकि, खामेनेई की हालत के बारे में कोई साफ जानकारी नहीं है।

प्राइमरी गर्ल्स स्कूल पर हमला

ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इज़राइल पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं, जिससे इलाके का तनाव और बढ़ गया है। हमले या स्कूल के बारे में अभी तक US या इज़राइल की तरफ से कोई डिटेल्ड बयान जारी नहीं किया गया है। स्कूल पर हुए इस हमले से दुनिया भर में गुस्सा फैल गया है। कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि यह एक प्राइमरी गर्ल्स स्कूल था जहाँ मासूम लड़कियाँ पढ़ रही थीं। ईरानी अधिकारियों ने इसे आम लोगों पर एक बेरहम हमला बताया है.

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