World Strongest Passport: 2026 का नवीनतम हेनले पासपोर्ट इंडेक्स जारी हो चुका है और इस बार भी सिंगापुर ने पहला स्थान हासिल किया है. लगातार तीसरे साल सिंगापुर दुनिया का सबसे ताकतवर पासपोर्ट बना हुआ है जो अपने नागरिकों को 192 देशों और क्षेत्रों में वीज़ा-फ्री या वीज़ा-ऑन-अराइवल प्रवेश की सुविधा देता है. यह रैंकिंग सिंगापुर के लंबे समय से चले आ रहे मजबूत कूटनीतिक संबंधों और स्थिर वैश्विक छवि को दिखाती है, जिससे वहां के लोगों के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा दूसरों की तुलना में कहीं आसान हो जाती है.
सिंगापुर का पासपोर्ट 2026 में ही शीर्ष पर नहीं पहुंचा बल्कि वह 2024 की हेनले रैंकिंग से ही सबसे मजबूत पासपोर्ट बना हुआ है. यानी लगातार तीन साल से सिंगापुर के नागरिकों को दुनिया में सबसे ज्यादा देशों में बिना पहले से वीज़ा लिए यात्रा करने की सुविधा मिल रही है.
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स में सिंगापुर पासपोर्ट की खास बातें
2026 में सिंगापुर पासपोर्ट धारकों को 192 देशों में बिना अग्रिम वीज़ा के प्रवेश की सुविधा मिलती है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है. यह पासपोर्ट जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों से भी आगे है, जो संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं और अपने नागरिकों को 188 देशों तक पहुंच देते हैं.
यह इंडेक्स यह इंडेक्स अंतर्राष्ट्रीय वायु परिवहन संघ (IATA) के विशेष यात्रा डेटा पर आधारित है, जिसमें दुनिया के 199 पासपोर्ट और 227 गंतव्यों को शामिल किया गया है.
सिंगापुर पासपोर्ट धारक कहां-कहां जा सकते हैं?
सिंगापुर का पासपोर्ट सिर्फ कुछ देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि लगभग हर बड़े क्षेत्र में आसान यात्रा की सुविधा देता है. इन देशों में आप सिंगापुर के पासपोर्ट के साथ आसानी से यात्रा कर सकते हैं.
- यूरोप: फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, इटली जैसे पश्चिमी यूरोप से लेकर पूर्वी यूरोप के कई देशों में वीज़ा-फ्री या वीज़ा-ऑन-अराइवल प्रवेश.
- एशिया: दक्षिण-पूर्व एशिया, पूर्वी एशिया, दक्षिण एशिया और मध्य-पूर्व के ज्यादातर देशों में बिना पहले से वीज़ा के यात्रा.
- अमेरिका: उत्तर, मध्य और दक्षिण अमेरिका के कई देशों में आसान प्रवेश नियम.
- अफ्रीका: कुछ देशों में कड़े नियम हैं, लेकिन कई अफ्रीकी देशों में बिना अग्रिम वीज़ा के प्रवेश संभव.
- ओशिनिया: ज्यादातर प्रशांत द्वीप देशों के साथ ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में भी आसान ई-ट्रैवल परमिट या वीज़ा-फ्री प्रवेश.
संक्षेप में सिंगापुर के पासपोर्ट धारक यूरोप, एशिया, अमेरिका, अफ्रीका और ओशिनिया में बहुत कम औपचारिकताओं के साथ यात्रा कर सकते हैं, जो दुनिया के ज्यादातर देशों के मुकाबले बेहद बड़ी सुविधा है.
यात्रियों के लिए इसका क्या मतलब है?
रैंकिंग सिर्फ आंकड़े नहीं होती, इसका असर यात्रियों के रोजमर्रा के अनुभव पर भी पड़ता है. ऐसे पासपोर्ट के साथ कम योजना में ज्यादा आज़ादी मिलती है, क्योंकि दूतावास के लंबे चक्कर, अपॉइंटमेंट और कागजी झंझट कम हो जाते हैं. छुट्टियों की योजना भी आसान हो जाती है, चाहे पेरिस की वीकेंड ट्रिप हो या कैरिबियन का बीच हॉलिडे, प्रवेश नियम सरल रहते हैं.साथ ही, प्रोफेशनल्स और डिजिटल नोमैड्स के लिए सीमाओं के पार काम करना और नए अवसर तलाशना भी आसान हो जाता है. आज के समय में, जब यात्रा नियम लगातार बदलते रहते हैं, ऐसा पासपोर्ट जो इतनी जगहों के दरवाजे खोल दे, पूरी यात्रा को कहीं ज्यादा सरल और सुविधाजनक बना देता है.
दुनिया का सबसे ताकतवर पासपोर्ट होना सिर्फ शान की बात नहीं बल्कि आज़ादी, लचीलापन और वैश्विक पहुंच का प्रतीक है. हेनले पासपोर्ट इंडेक्स में लगातार शीर्ष पर रहकर सिंगापुर यह दिखाता है कि मजबूत कूटनीति और वैश्विक सहयोग नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी को कितना आसान बना सकते हैं.