Donald Trump India Gate: 2 फरवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सोमवार 2 फरवरी की रात PM मोदी को फ़ोन कॉल से पहले दो तस्वीरें पोस्ट कीं, एक इंडिया गेट की और दूसरी एक इंडियन मैगज़ीन के कवर की जिसमें PM मोदी के साथ उनकी तस्वीर थी. इंडिया गेट की तस्वीर के साथ, ट्रंप ने लिखा, “भारत का विजय द्वार (इंडिया गेट) बहुत सुंदर है. हमारा वाला उन सब में सबसे शानदार होगा.’ यह बयान अचानक नहीं था. इसके पीछे एक बड़ी योजना छिपी है. क्या अमेरिका में भी इंडिया गेट जैसा कोई स्मारक बनाया जा रहा है? सीधा जवाब है हाँ, ट्रंप कुछ ऐसा ही बनाना चाहते हैं. इसका मकसद वर्जीनिया राज्य से राजधानी वॉशिंगटन D.C. में एक शानदार एंट्री गेट बनाना है. यही नहीं ट्रम्प ने इंडिया गेट को भारत का खूबसूरत विजय ‘मेहराब’ कहा और यह भी एलान किया कि “हमारा वाला इन सबमें सबसे महान होगा!. इस एक लाइन ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा. यह पोस्ट तेज़ी से वायरल हो गई, जिससे इतिहास, राजनीति और प्रतीकवाद पर एक नई बहस छिड़ गई. आइये जानते हैं डोनाल्ड ट्रंप की इस पोस्ट से जुड़े 5 अनसुने सच

डोनाल्ड ट्रंप की पोस्ट से जुड़े 5 अनसुने सच
1.वाशिंगटन डी.सी. में फिलहाल कोई विजय मेहराब नहीं है
यह जानकर आपको हैरानी होगी कि दुनिया की सबसे प्रमुख राजधानियों में से एक वाशिंगटन डी.सी. में कोई विजय मेहराब नहीं है. जबकि दुनिया भर के लगभग 57 शहरों में ऐसे मेहराब हैं, अमेरिकी राजधानी इस सूची में नहीं है. शायद ट्रंप इन सबमें सबसे बड़ा मेहराब बनाकर इस कमी को पूरा करना चाहते हैं.
2. प्रस्तावित स्मारक को इंडिपेंडेंस आर्क कहा जा रहा है
ट्रंप द्वारा सोचे गए स्मारक को इंडिपेंडेंस आर्क कहा जा रहा है. यह नाम अमेरिकी स्वतंत्रता की भावना को दर्शाता है और अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ से भी जुड़ा है, जो 2026 में मनाई जाएगी.
3. यह मेहराब इंडिया गेट से ऊंचा होगा
इंडिया गेट लगभग 42 मीटर (138 फीट) ऊंचा होगा. अगर यह मेहराब ट्रंप की योजना के अनुसार बनाया जाता है, तो यह इंडिया गेट से ऊंचा होगा और दुनिया के सबसे ऊंचे विजय मेहराबों में गिना जाएगा.
4. इंडिया गेट सिर्फ़ एक मेहराब नहीं है, यह इतिहास का एक प्रतीक है
इंडिया गेट नई दिल्ली में एक प्रतिष्ठित युद्ध स्मारक है, जिसे ब्रिटिश वास्तुकार एडविन लुटियंस ने डिज़ाइन किया था. इसका उद्घाटन 1931 में हुआ था. यह स्मारक उन लगभग 70,000 भारतीय सैनिकों की याद में बनाया गया है जो प्रथम विश्व युद्ध और तीसरे एंग्लो-अफगान युद्ध में मारे गए थे. इसके नीचे जल रही अमर जवान ज्योति उन बलिदानों का एक शाश्वत प्रमाण है.
5.इंडिया गेट का ज़िक्र
ट्रंप द्वारा इंडिया गेट का उदाहरण के तौर पर इस्तेमाल सिर्फ़ एक वास्तुकला की तुलना नहीं है. यह ग्लोबल स्टेज पर भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान की पहचान भी है. इस पोस्ट ने दिखाया कि कैसे ताकतवर नेता एक तस्वीर और एक नारे का इस्तेमाल करके प्रतीकों और स्मारकों के ज़रिए मैसेज देते हैं.