Iran-Israel-US-War: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर 7 तारीख की रात 8 बजे (अमेरिकी समयानुसार) तक ईरान के साथ बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंची, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट, पुल और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को पूरी तरह तबाह कर देगा. इस भीषण खतरे के बीच, ईरान ने अपने नागरिकों से अपील की कि वे पावर प्लांट्स के चारों ओर एक मानवीय श्रृंखला (Human Chain) बनाएं ताकि संभावित हमलों को रोका जा सके जिसके बाद भारी संख्या में लोग घरों से बाहर निकले और एकजुटता दिखाते हुए मानव शृंखला बनाया।
ईरान की नागरिक ने दिखाई एकजुटता, बनाया ह्यूमन शील्ड
ईरान के युवा और खेल मंत्री अलीरेजा रहीमी ने सरकारी मीडिया के माध्यम से देशवासियों को भावुक संदेश दिया था. उन्होंने कहा, ‘हम अपने सभी युवाओं, एथलीटों, कलाकारों और प्रोफेसरों को आमंत्रित करते हैं. आपकी विचारधारा चाहे जो भी हो, 7 तारीख (मंगलवार) को दोपहर 2 बजे हमारे पावर प्लांट्स के चारों ओर इकट्ठा हों. ये हमारी राष्ट्रीय संपत्ति हैं और ईरान के युवाओं का भविष्य हैं.’ रहीमी ने इसे सुनहरे कल के लिए ईरानी युवाओं की मानवीय कड़ी नाम दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया (X) पर भी लिखा कि यह अभियान दुनिया को संदेश देगा कि ‘सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर हमला करना युद्ध अपराध है.’

ट्रंप का सख्त तेवर, ‘एक रात में ढह जाएगा देश’
इससे पहले, व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ (Hormuz Strait) को 8 बजे तक नहीं खोला गया, तो बमबारी शुरू कर दी जाएगी.
ट्रंप की चेतावनी में कहा गया है कि ईरान का हर पुल गिरा दिया जाएगा. हर पावर प्लांट जलकर खाक हो जाएगा और हमेशा के लिए बेकार हो जाएगा. पूरा देश एक ही रात में खंडहर बन सकता है. हालांकि, ट्रंप ने यह भी माना कि ईरान फिलहाल बातचीत में ईमानदारी दिखा रहा है और पाकिस्तान जैसे देश इसमें मध्यस्थता कर रहे हैं.
ईरान और इजरायल की प्रतिक्रिया
ईरान के सैन्य मुख्यालय के प्रवक्ता इब्राहिम जोलफाघरी ने ट्रंप के बयानों को भ्रम और अहंकार करार दिया. उन्होंने साफ कहा कि इन खोखली धमकियों से ईरान के सैन्य अभियानों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा. दूसरी ओर, इजरायली सेना ने भी ईरानी नागरिकों को सोशल मीडिया के जरिए चेतावनी दी है. उन्होंने नागरिकों को अगले 12 घंटों तक ट्रेनों और रेलवे ट्रैक से दूर रहने की सलाह दी है. जानकारों का मानना है कि यह इस बात का संकेत है कि अगर हमला हुआ, तो रेलवे नेटवर्क भी निशाने पर हो सकता है.