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Iranian Drones: अमेरिकी सैन्य बलों ने अरब सागर में एक ईरानी ड्रोन को रफ्तार से आगे बढ़ते हुए मार गिराया, जब वह यूएस विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन के बेहद करीब पहुंच गया. अमेरिकी सेनाध्यक्षों ने बताया कि यह कार्रवाई स्व-रक्षा में की गई थी।
अमेरिकी सेना ने उस ड्रोन को मार गिराया
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है. दोनों पक्षों के अधिकारियों के बीच 6 फरवरी को ईरान के परमाणु कार्यक्रम और अन्य समस्याओं पर बैठक की उम्मीद है. वहीं तेहरान ने अरब सागर से गुजर रहे एक अमेरिकी विमान वाहक पोत की ओर ड्रोन से हमला कर दिया गया. इसके बदले में, अमेरिकी सेना ने उस ड्रोन को मार गिराया है.
ईरान के दक्षिणी तट से 500 मील दूर
अमेरिकी सेना के मुताबिक, 3 फरवरी को ईरान के शाहेद-130 ड्रोन ने USA अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत की ओर मंडराते हुए हमला कर दिए. यह पोत अरब सागर में ईरान के दक्षिणी तट से लगभग 500 मील की दूरी पर था. इसके जवाबी कार्रवाई में, अमेरिकी युद्धपोत ने ड्रोन को मार गिराने के लिए एक एफ-35सी लड़ाकू विमान तैनात किया है
कार्रवाई स्व-रक्षा में हुई
ईरानी ड्रोन की यह हरकत अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को दूसरे तौर पर सोंचने के लिए नाराज कर सकती है, जो ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने पर विचार कर सकते हैं.
यह घटना मंगलवार को घटीत हुई थी. घटनाओं को विस्तार पूर्वक बताते हुए, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि उनकी सेनाओं ने एक ईरानी ड्रोन को मारदिया गया, “जब मानवरहित विमान आक्रामक रूप से यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत के पास आ रहा था”, जो ईरान के दक्षिणी तट से लगभग 500 मील दूर अरब सागर से गुजर रहा था.
S-35C लड़ाकू विमान
हॉकिन्स ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में तैनात अमेरिकी सेना कि तरफ से तनाव कम करने के उपाय किए जाने के बावजूद ईरानी ड्रोन जहाज की ओर उड़ता रहा. उन्होंने आगे बताया कि लिंकन से एक S-35C लड़ाकू विमान ने विमानवाहक पोत और उसके कर्मियों की सुरक्षा के लिए ड्रोन को मार गिराया है. विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की सैन्य विवाद क्षेत्रिय तनाव को और बढ़ा सकते हैं.