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13,000 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल,140 मिलियन लोगों पर असर; कोरोना के बाद अमेरिका में पहली बार हुआ ये काम, जानें क्यों ट्रंप ने किया 10 राज्यों में इमरजेंसी का एलान

US Snow Storms: ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर लिखा कि टेनेसी, जॉर्जिया, नॉर्थ कैरोलिना, मैरीलैंड, अर्कांसस, केंटकी, लुइसियाना, मिसिसिपी, इंडियाना और वेस्ट वर्जीनिया के लिए इमरजेंसी की मंज़ूरी दे दी गई है.

Written By: Divyanshi Singh
Last Updated: January 25, 2026 13:23:34 IST

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US: अमेरिका में बर्फीले तूफान की वजह से वीकेंड में करीब 13,000  फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गईं. इस तूफान से देश के ज़्यादातर हिस्सों में भारी तबाही होने की उम्मीद है और कई दिनों तक बिजली जाने और मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक में रुकावट का खतरा है. नेशनल वेदर सर्विस सेंटर के मुताबिक, न्यू मैक्सिको से न्यू इंग्लैंड तक करीब 14 करोड़ लोगों के इस सर्दियों के तूफान से प्रभावित होने की उम्मीद है. ईस्ट टेक्सास से नॉर्थ कैरोलिना तक के इलाके में भारी बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है. मौसम एक्सपर्ट्स का कहना है कि बर्फ से खास तौर पर प्रभावित इलाकों में होने वाला नुकसान तूफान के बराबर हो सकता है. फोर्ट वर्थ में नेशनल वेदर सर्विस सेंटर ने कहा कि शनिवार को नॉर्थ टेक्सास में रात भर बर्फबारी हुई.

10 राज्यों के लिए इमरजेंसी की घोषणा

US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को बताया कि उन्होंने बर्फीले तूफान का सामना कर रहे 10 राज्यों के लिए इमरजेंसी की घोषणा को मंज़ूरी दे दी है. ट्रंप ने कहा कि केंद्र सरकार, FEMA, गवर्नर और डिज़ास्टर मैनेजमेंट टीमों के साथ मिलकर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि यह फ़ैसला बहुत ज़्यादा ठंड और भारी बर्फबारी के बीच लोगों की सुरक्षा पक्का करने के लिए किया गया था. तूफ़ान के बड़े इलाके में भारी बर्फबारी, बिजली जाने और देश के ज़्यादातर हिस्सों में मुख्य सड़कों पर ट्रैफ़िक में रुकावट का खतरा है.

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर लिखा कि टेनेसी, जॉर्जिया, नॉर्थ कैरोलिना, मैरीलैंड, अर्कांसस, केंटकी, लुइसियाना, मिसिसिपी, इंडियाना और वेस्ट वर्जीनिया के लिए इमरजेंसी की मंज़ूरी दे दी गई है. उन्होंने लोगों से सुरक्षित और गर्म रहने की अपील की. ​​उन्होंने पहले तूफ़ान के रास्ते में आने वाले दूसरे राज्यों, जैसे साउथ कैरोलिना और वर्जीनिया के लिए इमरजेंसी की घोषणा को मंजूरी दी थी. ऐसी घोषणाओं से राज्यों को खर्च के नियमों से कुछ समय के लिए छूट मिलती है, जिससे वे जल्दी से रिसोर्स जुटा सकते हैं और ज़रूरत पड़ने पर केंद्र से मदद ले सकते हैं.

महामारी के बाद सबसे खराब

फ्लाइटअवेयर के अनुसार, शनिवार और रविवार को मिलाकर 13,000 से ज़्यादा फ़्लाइट कैंसिल हुईं. COVID-19 महामारी के बाद से एक दिन में फ़्लाइट कैंसिल होने की यह सबसे ज़्यादा संख्या है.

सबसे ज्यादा प्रभावित एयरपोर्ट

  • ओक्लाहोमा सिटी — शनिवार की सभी उड़ानें रद्द, रविवार सुबह की उड़ानें भी बंद
  • डलास–फोर्ट वर्थ — 700 से ज्यादा उड़ानें रद्द
  • शिकागो, अटलांटा, नैशविल, शार्लोट — भारी व्यवधान
  • वॉशिंगटन D.C. — रविवार की लगभग सभी उड़ानें पहले ही रद्द कर दी गईं

 “48 घंटे तक घर से बाहर न निकलें.”

जॉर्जिया में अधिकारियों ने लोगों को 48 घंटे तक घर के अंदर रहने की चेतावनी दी. राज्य के चीफ मेटियोरोलॉजिस्ट विल लैंक्सटन ने कहा कि यह दशक का सबसे बड़ा आइस स्टॉर्म हो सकता है… बर्फ जैसा नहीं, आइस सबसे खतरनाक होती है. राज्य में हाईवे पर रात भर ब्राइन का काम जारी रहा, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि इस दौरान सड़कों को सुरक्षित रखना बहुत मुश्किल होगा.

140 मिलियन लोगों पर असर

इस तूफ़ान ने लगभग 140 मिलियन लोगों पर असर डाला है, जो US की आबादी का एक बड़ा हिस्सा है. अब तक कम से कम 20 राज्यों ने इमरजेंसी की घोषणा कर दी है. तूफान से हवाई यात्रा पर भी बहुत बुरा असर पड़ा है. फ़्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट फ़्लाइटअवेयर के मुताबिक, शनिवार और रविवार को मिलाकर 12,000 से ज़्यादा फ़्लाइट कैंसिल कर दी गईं. डलास-फ़ोर्ट वर्थ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सैकड़ों फ़्लाइट कैंसिल कर दी गईं, जबकि शिकागो, अटलांटा, नैशविले और शार्लेट जैसे बड़े एयरपोर्ट पर भी काफ़ी दिक्कतें आईं.

हालात से निपटने के लिए क्या तैयारी है?

केंद्र सरकार ने हालात से निपटने के लिए लगभग 30 सर्च और रेस्क्यू टीमें तैयार की हैं. फेडरल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी (FEMA) पहले ही प्रभावित इलाकों में 7 मिलियन से ज़्यादा खाने के पैकेट, 600,000 कंबल और 300 जनरेटर पहुंचा चुकी है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा है कि उनका प्रशासन राज्य और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर हालात पर नज़र रख रहा है और सभी ज़रूरी मदद दे रहा है.

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