Iran Protest: ईरान में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं. ईरान के लोग सैयद अली हुसैनी खामेनेई के नेतृत्व वाली इस्लामी सरकार के खिलाफ सड़क पर उतर आए हैं. लोगों का यह विरोध प्रदर्शन बढ़ती महंगाई, लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था और सुरक्षा बलों की दमनकारी कार्रवाइयों के खिलाफ है. वहीं इसी बीच ईरान के महिलाओं का नया ट्रेंड इंटरनेट पर तेजी से फैल रहा है.ये महिलाएं सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की फोटो जला कर सिगरेट सुलगा रही हैं. ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं.
तेजी से इंटरनेट पर फैल रहा है ट्रेंड
ईरानी महिलाओं से जुड़ा एक नया और चौंकाने वाला प्रोटेस्ट ट्रेंड तेज़ी से ग्लोबल इंटरनेट पर फैल रहा है, जो ईरान के अंदर बढ़ती अशांति की ओर ध्यान खींच रहा है. वायरल वीडियो में महिलाएं सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीरें जलाकर सिगरेट जलाती दिख रही हैं, इस काम को देश की पॉलिटिकल और धार्मिक अथॉरिटी को खुली चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है.
विरोध का एक मजबूत सिंबल बना ट्रेंड
यह ट्रेंड सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, इंस्टाग्राम, रेडिट और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेज़ी से बढ़ा है और इसके क्लिप दुनिया भर में हजारों बार शेयर और रीपोस्ट किए जा रहे हैं. जानकारों का कहना है कि यह तरीका विरोध का एक मजबूत सिंबल बन गया है और अधिकारियों के लिए इसे रोकना मुश्किल होता जा रहा है.
🇮🇷 Las mujeres de Irán vuelven tendencia fotografiarse prendiendo un cigarrillo con la foto en llamas del líder supremo, Ali Jamenei. pic.twitter.com/ufYLoNaphU
— Progresismo Out Of Context (@OOCprogresismo2) January 9, 2026
सुप्रीम लीडर की तस्वीर जलाना एक गंभीर जुर्म
ईरानी कानून के तहत सुप्रीम लीडर की तस्वीर जलाना एक गंभीर जुर्म माना जाता है. इस काम को स्मोकिंग के साथ जोड़कर जो लंबे समय से महिलाओं के लिए बैन या हतोत्साहित करने वाली एक्टिविटी रही है प्रोटेस्टर जानबूझकर सरकार की पावर और सख्त सामाजिक नियमों, जिसमें हिजाब को जरूरी बनाना और महिलाओं की पर्सनल आजादी पर रोक लगाना शामिल है, दोनों को नकारते हुए दिख रहे हैं.
यह वायरल ट्रेंड ऐसे समय में आया है जब ईरान बढ़ते आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है. बढ़ती महंगाई, तेज़ी से कमजोर होती करेंसी और खाने-पीने की चीज़ों की बढ़ती कीमतों ने लोगों का गुस्सा भड़काया है और देश भर के शहरों में नए सिरे से विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. प्रदर्शनकारियों के बारे में यह भी बताया गया है कि उन्होंने बड़े नेताओं की तस्वीरें जलाईं और सत्ताधारी पार्टी से जुड़ी मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया.
पिछले आंदोलन पर अधारित है विरोध
विरोध का यह तरीका 2022 में महसा अमिनी की पुलिस कस्टडी में मौत के बाद हुए आंदोलन पर आधारित है. जबकि बड़े सड़क प्रदर्शनों को जबरदस्ती दबा दिया गया है, विरोध तेजी से ऐसे सांकेतिक कामों में बदल गया है जो तुरंत ऑनलाइन फैल सकते हैं.अधिकारियों की चेतावनियों के बावजूद इन वीडियो के बढ़ते सर्कुलेशन से पता चलता है कि यह ट्रेंड एक ग्लोबल डिजिटल घटना बन गया है जिससे ईरानी महिलाओं का विरोध इंटरनेशनल सुर्खियों में बना हुआ है.