Indian Coast Guard Success Story: इंडियन कोस्ट गार्ड की असिस्टेंट कमांडेंट निशी शर्मा (Assistant Commandant Nishi Sharma) आज देशभर में अपनी नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और उत्कृष्ट सेवा के लिए जानी जाती हैं. उन्हें कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड के दौरान इंडियन कोस्ट गार्ड की ऑल-वुमन टुकड़ी का नेतृत्व करने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी. यह न केवल उनके व्यक्तिगत करियर की बड़ी उपलब्धि है, बल्कि सशस्त्र बलों में लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत संदेश भी है.
आर्मी स्कूल से दिल्ली यूनिवर्सिटी तक
निशी शर्मा एक सैन्य परंपरा वाले परिवार से आती हैं. उनके पिता और भाई दोनों इंडियन आर्मी में सेवा दे चुके हैं, जिससे उन्हें बचपन से ही अनुशासन, साहस और राष्ट्रभक्ति के मूल्य मिले. उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई आर्मी पब्लिक स्कूल से की, जिसने वर्दीधारी सेवाओं के प्रति उनके झुकाव को और मज़बूत किया. बाद में उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के मिरांडा हाउस से ग्रेजुएशन पूरा किया और फिर इंडियन कोस्ट गार्ड को अपने करियर के रूप में चुना.
ट्रेनर से लीडर तक का सफर
अपने करियर के दौरान, असिस्टेंट कमांडेंट शर्मा ने केरल के एझिमाला स्थित इंडियन नेवल एकेडमी (INA) में इंस्ट्रक्टर के रूप में भी सेवाएं दी हैं. इस भूमिका में उन्होंने नौसेना और कोस्ट गार्ड के भावी अधिकारियों को ट्रेनिंग दी, जिससे उनकी लीडरशिप और मेंटरशिप क्षमता साफ झलकती है.
ट्रायथलॉन में जीत, फिटनेस और दृढ़ संकल्प की मिसाल
हाल ही में निशी शर्मा ने अंडमान और निकोबार कमांड ट्रायथलॉन की महिला श्रेणी में पहला स्थान हासिल किया. 3.8 किमी समुद्री तैराकी, 180 किमी साइकिलिंग और 42.2 किमी मैराथन जैसी कठिन चुनौती में उनकी जीत ने नारी शक्ति, फिटनेस और मानसिक मजबूती को राष्ट्रीय स्तर पर उजागर किया
युवा लड़कियों के लिए हैं प्रेरणा
असिस्टेंट कमांडेंट निशी शर्मा की यात्रा एक सैन्य परिवार की बेटी से लेकर राष्ट्रीय मंच पर महिला टुकड़ी की कमांडर बनने तक दृढ़ संकल्प और उत्कृष्टता की मिसाल है. उनकी उपलब्धियां देशभर के युवाओं, खासकर महिलाओं को डिफेंस सर्विसेज़ में करियर बनाने के लिए लगातार प्रेरित कर रही हैं.