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Army Story: पिता की राह पर चला बेटा, बचपन से देखा वर्दी का सपना, आर्मी ज्वाइन कर निभाई तीन पीढ़ियों की परंपरा

Indian Army Story: हिमाचल के एक लड़के ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर परिवार की देशसेवा की परंपरा और अपना बचपन का सपना साकार किया है.

Written By: Munna Kumar
Last Updated: March 14, 2026 14:40:51 IST

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Indian Army Success Story: एक पिता के लिए इससे बड़ी खुशी शायद ही कोई हो सकती है कि उसका बेटा उसी राह पर चले, जिस पर उसने अपना जीवन देश सेवा को समर्पित किया हो. ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के निचली भाटेड ग्राम पंचायत के खांडगढ़ गांव के रहने वाले कर्णवीर सिंह ठाकुर (Lt. Karnaveer Singh Thakur) की है. कर्णवीर ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है. उन्होंने ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी, चेन्नई से कठोर प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया. 

इसके बाद 7 मार्च को उन्हें औपचारिक रूप से भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर कमीशन मिला. अब वह असम रेजीमेंट में अपनी सेवाएं देंगे. कर्णवीर की यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है और उनके परिवार के लिए गर्व का पल है.

तीन पीढ़ियों से चला आ रहा है देश सेवा का जज़्बा

कर्णवीर सिंह ऐसे परिवार से आते हैं जहां देश सेवा की परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है. उनके पिता विक्रम सिंह ठाकुर भारतीय सेना में कर्नल के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां नरिशा ठाकुर गृहिणी हैं. इसके अलावा उनके दादा रामधन वर्मा भारतीय सेना से कर्नल के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं. वहीं उनके चाचा अजय सिंह ठाकुर भारतीय वायु सेना में ग्रुप कैप्टन के पद पर देश की सेवा कर रहे हैं. इस तरह कर्णवीर का परिवार सेना और वायु सेना दोनों में अपनी सेवाएं देकर देशभक्ति की मिसाल पेश करता रहा है.

बचपन का सपना बना हकीकत

परिवार के अनुसार कर्णवीर ने बचपन से ही सेना की वर्दी पहनकर देश की सेवा करने का सपना देखा था. उनके दादा रामधन वर्मा ने बताया कि कर्णवीर ने अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण के साथ तैयारी की. लगातार प्रयास और मजबूत इच्छाशक्ति के दम पर उन्होंने आखिरकार अपना सपना पूरा कर लिया और भारतीय सेना में अधिकारी बनने का गौरव हासिल किया.

क्षेत्र में खुशी का माहौल

कर्णवीर की इस सफलता से उनके गांव और आसपास के क्षेत्रों में खुशी का माहौल है. परिवार, रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है. राजेश धरमानी ने कहा कि कर्णवीर की यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं को देश सेवा के लिए प्रेरित करेगी. वहीं विधायक त्रिलोक जामवाल ने भी उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल करियर की कामना की.

इसके अलावा निचली भाटेड ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी कर्णवीर को उनकी सफलता पर बधाई दी है. कर्णवीर सिंह ठाकुर की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए गर्व की बात है, बल्कि पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण भी है.

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Written By: Munna Kumar
Last Updated: March 14, 2026 14:40:51 IST

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Indian Army Success Story: एक पिता के लिए इससे बड़ी खुशी शायद ही कोई हो सकती है कि उसका बेटा उसी राह पर चले, जिस पर उसने अपना जीवन देश सेवा को समर्पित किया हो. ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के निचली भाटेड ग्राम पंचायत के खांडगढ़ गांव के रहने वाले कर्णवीर सिंह ठाकुर (Lt. Karnaveer Singh Thakur) की है. कर्णवीर ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है. उन्होंने ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी, चेन्नई से कठोर प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया. 

इसके बाद 7 मार्च को उन्हें औपचारिक रूप से भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर कमीशन मिला. अब वह असम रेजीमेंट में अपनी सेवाएं देंगे. कर्णवीर की यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है और उनके परिवार के लिए गर्व का पल है.

तीन पीढ़ियों से चला आ रहा है देश सेवा का जज़्बा

कर्णवीर सिंह ऐसे परिवार से आते हैं जहां देश सेवा की परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है. उनके पिता विक्रम सिंह ठाकुर भारतीय सेना में कर्नल के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां नरिशा ठाकुर गृहिणी हैं. इसके अलावा उनके दादा रामधन वर्मा भारतीय सेना से कर्नल के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं. वहीं उनके चाचा अजय सिंह ठाकुर भारतीय वायु सेना में ग्रुप कैप्टन के पद पर देश की सेवा कर रहे हैं. इस तरह कर्णवीर का परिवार सेना और वायु सेना दोनों में अपनी सेवाएं देकर देशभक्ति की मिसाल पेश करता रहा है.

बचपन का सपना बना हकीकत

परिवार के अनुसार कर्णवीर ने बचपन से ही सेना की वर्दी पहनकर देश की सेवा करने का सपना देखा था. उनके दादा रामधन वर्मा ने बताया कि कर्णवीर ने अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण के साथ तैयारी की. लगातार प्रयास और मजबूत इच्छाशक्ति के दम पर उन्होंने आखिरकार अपना सपना पूरा कर लिया और भारतीय सेना में अधिकारी बनने का गौरव हासिल किया.

क्षेत्र में खुशी का माहौल

कर्णवीर की इस सफलता से उनके गांव और आसपास के क्षेत्रों में खुशी का माहौल है. परिवार, रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है. राजेश धरमानी ने कहा कि कर्णवीर की यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं को देश सेवा के लिए प्रेरित करेगी. वहीं विधायक त्रिलोक जामवाल ने भी उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल करियर की कामना की.

इसके अलावा निचली भाटेड ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी कर्णवीर को उनकी सफलता पर बधाई दी है. कर्णवीर सिंह ठाकुर की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए गर्व की बात है, बल्कि पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण भी है.

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