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RPF Vs RPSF: आरपीएफ और आरपीएसएफ क्या दोनों है एक जैसे, किससे मिलेगा बेहतर करियर? पढ़िए इंटरेस्टिंग फैक्ट

RPF Vs RPSF: भारत में रेलवे सुरक्षा दो बल RPF और RPSF के जिम्मे है. काम, तैनाती और जिम्मेदारियों में अंतर समझना उम्मीदवारों के लिए करियर चुनने में बेहद अहम है.

Written By: Munna Kumar
Last Updated: January 26, 2026 10:18:16 IST

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RPF Vs RPSF: भारत में रेलवे सुरक्षा की जिम्मेदारी जिन दो बलों पर है, वह रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) और रेलवे प्रोटेक्शन स्पेशल फोर्स (RPSF) है. नाम मिलते-जुलते होने की वजह से अक्सर दोनों को एक जैसा समझ लिया जाता है, जबकि उनके काम करने के तरीके, तैनाती और कार्यशैली में साफ अंतर है. इन पहलुओं को समझना उन उम्मीदवारों के लिए बेहद ज़रूरी है, जो रेलवे सुरक्षा बल में करियर बनाना चाहते हैं.

रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) क्या करता है?

RPF एक नियमित और ज़ोन-आधारित सुरक्षा बल है, जो रेलवे यात्रियों, स्टेशनों, ट्रेनों और रेलवे संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करता है. RPF कर्मियों की तैनाती अलग-अलग रेलवे ज़ोन, डिवीज़न और स्टेशनों पर होती है. उनकी ड्यूटी में चोरी रोकना, यात्रियों को सहायता देना, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा से जुड़े मामलों पर तुरंत कार्रवाई शामिल है.

RPF में काम करने का मतलब है जनता के सीधे संपर्क में रहना और अपेक्षाकृत स्थिर पोस्टिंग पाना. यहां महिला एवं बाल सुरक्षा, अपराध रोकथाम और खुफिया कार्य जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता विकसित करने के अवसर भी मिलते हैं.

रेलवे प्रोटेक्शन स्पेशल फोर्स (RPSF) की भूमिका

RPSF, RPF का एक विशेष और अत्यधिक मोबाइल विंग है. यह ज़ोन-आधारित नहीं होता, बल्कि इसकी बटालियनें केंद्रीय नियंत्रण में रहती हैं और जरूरत के अनुसार देश में कहीं भी तैनात की जा सकती हैं. RPSF को आमतौर पर आपात स्थितियों, संवेदनशील इलाकों या बड़े सुरक्षा अभियानों के दौरान त्वरित सहायता के लिए भेजा जाता है.

RPSF की भूमिका फील्ड-आधारित और चुनौतीपूर्ण होती है, जहां कर्मियों को अलग-अलग परिस्थितियों और इलाकों में काम करना पड़ता है.

RPF और RPSF के बीच मुख्य अंतर

दोनों बलों के बीच सबसे बड़ा अंतर उनकी तैनाती और कार्यशैली में है. जहां RPF में पोस्टिंग अपेक्षाकृत स्थिर होती है, वहीं RPSF में बार-बार ट्रांसफर और देशभर में मूवमेंट शामिल है. RPSF की ड्यूटी शारीरिक रूप से अधिक मांग वाली होती है, जबकि RPF में दिनचर्या अधिक संतुलित रहती है. हालांकि, वेतन, अधिकार और ट्रेनिंग दोनों में लगभग समान होते हैं.

चयन प्रक्रिया कैसे होती है?

RPF और RPSF दोनों के लिए भर्ती रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) के माध्यम से एक ही प्रक्रिया से होती है. उम्मीदवारों का चयन कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT), फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET), फिजिकल मेज़रमेंट टेस्ट (PMT), डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल परीक्षा के आधार पर किया जाता है. अंतिम आवंटन मेरिट और जरूरत के अनुसार होता है.

करियर ग्रोथ और भविष्य

करियर ग्रोथ, प्रमोशन और सैलरी के मामले में RPF और RPSF दोनों में समान अवसर मिलते हैं. जहां RPSF व्यापक ऑपरेशनल अनुभव देता है, वहीं RPF स्थिरता और समाज से जुड़ाव का अवसर देता है.

आपके लिए सही विकल्प कौन सा?

अगर आप स्थिर पोस्टिंग और लोकल कार्य पसंद करते हैं, तो RPF बेहतर विकल्प है. वहीं, अगर आप चुनौतीपूर्ण फील्ड ड्यूटी और देशभर में काम करने का अनुभव चाहते हैं, तो RPSF आपके लिए उपयुक्त हो सकता है. दोनों ही बल सम्मानजनक और सुरक्षित सरकारी करियर है.

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